इंदौर: इंदौर में मेट्रो के अंडरग्राउंड ट्रेक की खुदाई का काम शुरू, 20 मीटर नीचे काम करेगी मशीन
इंदौर में अंडरग्राउंड मेट्रो का काम अब जमीन के 20 मीटर नीचे रफ्तार पकड़ने लगा है। मंगलवार से एयरपोर्ट के पास एक हजार टन वजनी टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) ने सुरंग की खुदाई शुरू कर दी। यह मशीन एयरपोर्ट से बड़ा गणपति के बीच सुरंग बनाएगी।
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इंदौर में अंडरग्राउंड मेट्रो का काम अब रफ्तार पकड़ेगा। मंगलवार से खुदाई का काम शुरू किया गया। थाईलैंड से आई एक हजार टन वजनी मशीन ने 20 मीटर नीचे खुदाई का काम शुरू कर दिया है। यह मशीन अलग-अलग हिस्सों में आई थी। इसे जोड़ने का काम एक माह में पूरा किया गया।
मंगलवार सुबह एयरपोर्ट के पास निर्माण एजेंसी के अफसरों ने मशीन की पूजा की और मशीन की घड़घड़ाहट शुरू हो गई। इस टनल बोरिंग मशीन को शुरुआत में धीरे-धीरे चलाया जा रहा है, क्योंकि जिस हिस्से में खुदाई की जा रही है, वह चट्टानी क्षेत्र है। यह मशीन जमीन के 20 मीटर नीचे 5.8 मीटर व्यास की सुरंग बनाएगी, जिसके भीतर से मेट्रो ट्रेन गुजरेगी। जिस हिस्से में खुदाई की जा रही है, वहां के मकानों में सेंसर लगाए गए हैं, ताकि कंपन की स्थिति का पता लगाया जा सके। यह मशीन एयरपोर्ट से बड़ा गणपति के बीच साढ़े तीन किलोमीटर लंबा रूट तैयार करेगी, जिसमें चार स्टेशन भी बनेंगे। मल्हारगंज में भी स्टेशन बनाया जा रहा है।
इंदौर में एक हजार टन की चार मशीनें आएंगी और अलग-अलग हिस्सों में खुदाई का काम होगा। फिलहाल पहली मशीन ने एयरपोर्ट के बाहर काम शुरू कर दिया है, क्योंकि सबसे पहले मेट्रो के इस अंडरग्राउंड हिस्से को एलिवेटेड ट्रैक से जोड़ा जाएगा, ताकि मेट्रो का संचालन एयरपोर्ट से रेडिसन चौराहा तक हो सके। इस हिस्से में घनी बसाहट भी नहीं है और काम आसानी से हो जाएगा। एयरपोर्ट परिसर में मेट्रो के अंडरग्राउंड स्टेशन का काम भी चल रहा है।
इंदौर में मेट्रो के 17.5 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर के बाद अब मेट्रो की खुदाई जमीन के अंदर होनी है। अंडरग्राउंड ट्रैक के लिए मेट्रो रेल प्रोजेक्ट में लगी एजेंसी ने थाईलैंड सहित अन्य देशों से पार्ट्स बुलाकर इंदौर में टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) असेंबल की और आगे की खुदाई शुरू की।
खुदाई के साथ यह मशीन मलबा भी बाहर निकालेगी। इस मशीन को अलग-अलग शिफ्टों में 30 से अधिक कर्मचारी संचालित करेंगे। मशीन के आगे गोल कटर हेड लगा रहेगा, जो मजबूती से घूमेगा और मिट्टी-पत्थरों को काटकर सुरंग बनाएगा। इससे जो मलबा निकलेगा, उसे कन्वेयर बेल्ट के माध्यम से मशीन के पीछे और फिर सुरंग के बाहर निकाला जाएगा। जिस हिस्से में मशीन से खुदाई हो चुकी है, वहां कंक्रीट के तैयार ब्लॉक लगाए जाएंगे, ताकि खुदाई वाले हिस्से में मिट्टी न धंसे।
