Indore:चुनावी घोषणाएं इंदौर में नहीं आई जमीन पर, न इंदौर-उज्जैन मेट्रो ट्रेन के पते, न ट्रैफिक फ्री रोड बना
इस साल इंदौर में 17 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो के संचालन की घोषणा भी धरी रही गई। इंदौर से उज्जैन के बीच शटल ट्रेन, भस्माआरती स्पेशन बस चलाने की घोषणा भी चुनावी वादा बनकर रह गई।
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विधानसभा चुनाव के पहले इंदौर में बड़ी-बड़ी घोषणाएं हुई। पिछले साल पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर से उज्जैन तक सिंहस्थ से पहले मेट्रो ट्रेन के संचालन की बात कही थी। लक्ष्मीबाई नगर रेलवेे स्टेशन पर केंद्रीय रेल मंत्री अाए थे अौर महाकाल की थीम पर स्टेशन के विस्तार की घोषणा की थी, लेकिन आठ महीने शुरू होना तो दूर, योजना भी ठंडे बस्ते में चली गई।
इंदौर से उज्जैन की कनेक्टिविटी कमजोर
इंदौर से उज्जैन के बीच इंदौर में मेेट्रो ट्रायल रन के मौके पर घोषण हुई थी कि इंदौर से उज्जैन के बीच वर्ष 2028 के पहले मेट्रो का संचालन शुरू हो जाएगा। सिंहस्थ में लोग मेट्रो की सवारी करेंगे, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई काम नहीं हुआ।
इसके लिए मेट्रो कंपनी ने सर्वे तक नहीं किया है। इस साल इंदौर में 17 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो के संचालन की घोषणा भी धरी रही गई। इंदौर से उज्जैन के बीच शटल ट्रेन, भस्माआरती स्पेशन बस चलाने की घोषणा भी चुनावी वादा बनकर रह गई।
ट्रैफिक फ्री रोड नहीं बना
विधानसभा चुनाव मेें इंदौर को ट्रैफिक फ्री सिटी बनाने की घोषणा की गई। नगर निगम चुनाव में भी मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने इसे बड़े मुद्दा बनाया था। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मेयर को कहा था कि एक सड़क को ट्रैफिक फ्री सिटी बनाया जाए। आठ माह में ट्रैफिक फ्री सिटी तो बनना दूर, ट्रैफिक फ्री रोड के प्रोजेक्ट पर भी काम शुरू नहीं किया गया।
रेलवे स्टेशन का विस्तार नहीं
इंदौर के लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन को महाकाल थीम पर बनाने की घोषणा खुद केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की। वे स्टेशन पर भी आए, लेकिन अभी तक इस पर अमल नहीं हो पाया। मुख्य रेलवे स्टेशन के विस्तार का भूमिपूजन भी हो चुका है, लेकिन अभी तक कोई हलचल नजर नहीं आ रही है। इसके अलावा सीएम राइज स्कूलों का काम भी धीमी गति से चल रहा है। मल्हार आश्रम, अहिल्या आश्रम में अभी तक स्कूल नहीं बन पाए है।
केबल कार प्रोजेक्ट हवा में
इंदौर विकास प्राधिकरण ने राजवाड़ा व अन्य सघन क्षेत्रों में केबल कार चलाने की योजना बनाई। इसका फिजिबिलिटी सर्वे भी बोर्ड बैठक मेें मंजूर किया गया, लेकिन सालभर बाद भी एजेंसी तय नहीं हो पाई है। इसकी घोषणा भी पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की थी।
