Indore: पहले मेट्रो ट्रैक के नीचे बना दिए डिवाइडर, बारिश में पानी भरा तो अब तोड़ डाले; अब बदली डिजाइन
Indore: डेढ़ माह पहले एक दिन में हुई पांच इंच बारिश के दौरान विजय नगर चौराहे पर जलजमाव हो गया था। इस कारण दो से तीन घंटों तक ट्रैफिक बाधित रहा। दरअसल यहां पहले रोटरी थी। जिसे मेट्रो ट्रैक के कारण हटाया गया, यहां नगर निगम ने डिवाइडर बना दिए थे।
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इंदौर में नगर निगम के इंजीनियरों की पगार जनता के पसीने की कमाई से जाती है, लेकिन फिर भी वे लापरवाही करते है और फिजूलखर्ची में भी पीछे नहीं हटते। इंदौर में गांधी नगर से रेडिसन चौराहे तक मेट्रो ट्रैक का काम पूरा हो चुका है।
सिविल वर्क पूरा होने के बाद शेड हटे तो नगर निगम ने ट्रेक के नीचे डिवाइडर बनाने में हड़बड़ी की और उनके गैप में मिट्टी भी भर दी गई। न क्रास पाइप डाले गए और न ही ट्रैक के ऊपरी हिस्से के वर्षाजल के पाइप की निकासी की व्यवस्था की गई। इसके बाद अब आगे वाले हिस्से में डिवाइडरों की डिजाइन बदली गई और जहां पूरे डिवाइडर बन चुके है। वहां पर भी तोड़कर नई डिजाइन के हिसाब से डिवाइडर बनाए जा रहे है। इसमे तीन से चार फीट की गैप भी रखी जा रही है।
डेढ़ माह पहले एक दिन में हुई पांच इंच बारिश के दौरान विजय नगर चौराहे पर जलजमाव हो गया था। इस कारण दो से तीन घंटों तक ट्रैफिक बाधित रहा। दरअसल यहां पहले रोटरी थी। जिसे मेट्रो ट्रैक के कारण हटाया गया। यहां नगर निगम ने डिवाइडर बना दिए थे।
इस कारण एक तरफ की सड़क का पानी दूसरी तरफ नहीं जा पाया और एक से डेढ़ फीट तक पानी भर गया। इसके अलावा मेट्रो ट्रैक पर जमा बारिश के पानी की निकासी के लिए भी जो पाइप नीचे तक आए। उससे आने वाले पानी की निकासी के लिए डिवाइडरों पर कोई इंतजाम नहीं किया गया था। यह गलती समझ आने के बाद अब तोड़कर नए सिरे से डिवाइडर बनाने के काम जारी है। जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौर का कहना है कि मेट्रो कार्पोरेशन के अधिकारियों से तालमेल बनाकर अब काम किया जाएगा।
