Indore: इंदौर में सुबह निकली दिंडी यात्रा, दोपहर में निकले ताजिए
यात्रा मेें शामिल लोग झांझ मंजीरे बताते हुए भजन गाते हुए चल रहे थे। यात्रा में कई संत भी शामिल हुए। यात्रा राजवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों से निकली। समापन पंढ़रीनाथ मंदिर पर हुआ।
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इंदौर में बुधवार को सुबह राजवाड़ा क्षेत्र से दिंडी यात्रा निकली, जिसमें समाजजन शामिल हुए, वही दोपहर मेें मुस्लिम समाज ने राजवाड़ा क्षेत्र से ताजियों के साथ जुलूस निकाला, जो कर्बला मैदान पर समाप्त हुए।
समग्र मराठी समाज आषाढ़ी एकादश पर परंपरागत दिंडी यात्रा निकाली। सुबह कृष्णपुरा छत्री से मराठीभाषी परिवार परंपरागत परिधानों के साथ श्री हरि विठ्ठला के जयघोष के साथ निकले।
आयोजक कमलेश नाचण ने बताया कि वारकरी दिंडी यात्रा की शुरूअात मराठी समाज ने 19 साल पहले शुरू की थी। यात्रा में एक झांकी भी शामिल हुई। जिसमें विठ्ठला और रुकमणी की प्रतिमा थी।
यात्रा मेें शामिल लोग झांझ मंजीरे बताते हुए भजन गाते हुए चल रहे थे। यात्रा में कई संत भी शामिल हुए। यात्रा राजवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों से निकली। समापन पंढ़रीनाथ मंदिर पर हुआ। यहां साबूदानेे की प्रसादी भी भक्तों को वितरित की गई। मंदिर में महाआरती भी की गई।
सरकारी ताजिए ने लगाई राजवाड़ा की परिक्रमा
इंदौर में योमे आशूरा के मौके पर शहर के विभिन्न इलाकों से ताजिए राजवाड़ा पर पहुंचे। सबसे पहले इमामवाड़ा से निकले सरकारी ताजिए ने राजवाड़ा चौक की परिक्रमा लगाई। इसके बाद दूसरे ताजिए जुलूस में शामिल हुए।
जुलूस में शहरकाजी बग्घी पर सवार थे। जुलूस मेें हजारों मुस्लिम समाज के लोग शामिल हुए। उधर मंगलवार रात भी फातेहा पढ़ने के बाद रात को राजवाड़ा पर ताजिए पहुंचे। राजवाड़ा, यशवंत रोड, पंढरीनाथ, मोतीतबेला से होकर ताजिए कर्बला मैदान पहुंचे। यहां समाजजनों ने इबादत की।
