Indore: धार भोजशाला -एएसआई ने नहीं सौंपी हाईकोर्ट को रिपोर्ट, फिर मांगा चार सप्ताह का समय
हाईकोट के निर्देश पर धार में 22 मार्च को सर्वे शुरू हुआ था। 98 दिन चले सर्वे में अलग-अलग पद्धति से जांच की। इस दौरान कई स्थानों पर खुदाई भी की गई। खुदाई में धार्मिक चिन्ह, पुरानी मूर्तियां भी मिली है।
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धार भोजशाला का सर्वे एएसआई ने पूरा कर लिया है,लेकिन अभी तक उसकी रिपोर्ट तैयार कर हाईकोर्ट को नहीं सौंपी गई। मंगलवार को फिर चार सप्ताह का समय मांगा। इसके पूर्व भी समय मांगा गया था। हाईकोर्ट ने 2 जुलाई का समय दिया था, लेकिन मंगलवार को रिपोर्ट पेश नहीं की जा सकी। एएसआई के आवेदन पर अब 4 जुलाई को सुनवाई होगी।
सबसे पहले छह सप्ताह का समय दिया था
ज्ञानवापी की तर्ज पर धार भोजशाला का सर्वे करने के निर्देश हाईकोर्ट ने 11 मार्च को दिए थे। तब आर्कियोलाॅजिकल सर्वे आफ इंडिया को छह सप्ताह का समय दिया गया था, लेकिन तय समय में सर्वे पूरा नहीं हो सका।
पांच विशेषज्ञों की टीम ने लगातार भोजशाला में सर्वे किया। इसमे ज्यादा समय लगा, तो कोर्ट ने एएसआई के आवेदन पर 2 जुलाई का समय दिया था।
सर्वे पूरा, दस्तावेज तैयार करने में लग रहा समय
हाईकोट के निर्देश पर धार में 22 मार्च को सर्वे शुरू हुआ था। 98 दिन चले सर्वे में अलग-अलग पद्धति से जांच की। इस दौरान कई स्थानों पर खुदाई भी की गई। खुदाई में धार्मिक चिन्ह, पुरानी मूर्तियां भी मिली है।
सर्वे के दौरान दोनो पक्षों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहते थे,ताकि सर्वे पर सवाल न उठाए जा सके। इस सर्वे रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट में धार भोजशाला के स्वामित्व को लेकर फैसला आएगा।
हिन्दू समाज इसे सरस्वती माता का मंदिर और बड़ा गुरुकुल बताता है,जबकि मुस्लिम समाज इसे मस्जिद बताता है। उधर जैन समाज ने भी जैन तीर्थकर मूर्तियां मिलने के बाद भोजशाला को जैन गुरुकुल बताया है।
