Indore: पार्षद कालरा और यादव ने संगठन को भेजे नोटिस के जवाब, यादव ने कहा-काॅल रिकार्डिंग की जांच कराए
दोनो पार्षदों के विवाद का मामला मुख्यमंत्री मोहन यादव तक पहुंच चुका है। पार्षद कालरा और उनके परिजनों को विधायक मालिनी गौड़ ने मुख्यमंत्री से मिलवाया था, जबकि एमआईसी मेंबर जीतू यादव भी सभापति मुन्नालाल यादव के साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिलने गए थे।
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पार्षद कमलेश कालरा और एमआईसी मेंबर जीतू यादव के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब यादव ने कालरा की शिकायत हरिजन थाने में की है। उधर एक और काॅल रिकार्डिंग वायरल हुई है। जिसमें एक व्यक्ति कहता नजर आ रहा है कि पार्टी गई चूल्हे में। कालरा खेमा आरोप लगा रहा है कि यह आवाज यादव की है।
भाजपा नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे ने दोनो पार्षदों को शोकाज नोटिस दिया था। दो दिन में लिखित स्पष्टीकरण देने के लिए दोनो को कहा गया था। कालरा और यादव ने संगठन को जवाब भेज दिया है। सूत्रों के अनुसार जवाब में कालरा ने कहा स्वीकार किया कि काॅल रिकार्डिंग में उनकी आवाज है और उन्होंने निगमकर्मी को धमकी देने पर और गलत काम करने पर डांटा था। इसके बाद मेरे घर पर 30-40 गुंडों ने हमला कर दिया।
लिखित जवाब में भी उन्होंने हमले को लेकर यादव पर आरोप लगाया है। उधर यादव ने संगठन को भेजे स्पष्टीकरण में कहा है कि वायरल रिकार्डिंग की फोरेंसिक जांच होना चाहिए। अनुसूचित जाति के पार्षद को बेवजह बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। कालरा के घर हुए हमले में उनका और उनके समर्थकों का हाथ नहीं है।
मुख्यमंत्री तक पहुंच चुका है मामला
दोनो पार्षदों के विवाद का मामला मुख्यमंत्री मोहन यादव तक पहुंच चुका है। पार्षद कालरा और उनके परिजनों को विधायक मालिनी गौड़ ने मुख्यमंत्री से मिलवाया था, जबकि एमआईसी मेंबर जीतू यादव भी सभापति मुन्नालाल यादव के साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिलने गए थे।
पुलिस ने भी दोनो पक्षों की शिकायत पर एक-दूसरे के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। यादव ने कालरा की शिकायत हरिजन थाने में की है। जिसमें उन्होंने कहा कि कालरा ने उनके खिलाफ निगमकर्मी को किए गए काॅल में गलत भाषा और जातिसूचक शब्दों का उपयोग किया है।
