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Indore: दिन में टूट रहे बीआरटीएस के बस स्टाॅप, रात को हटा रहे रैलिंग, 9 माह में एक किलोमीटर टूटा बीआरटीएस

Tue, 18 Nov 2025 08:05 AM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Tue, 18 Nov 2025 08:05 AM IST
सार

बीआरटीएस के बस स्टाॅप को तोड़ने का काम अब शुरू हुआ है। व्हाईट चर्च की तरफ के हिस्से के बस स्टाॅप को तोड़ा जा रहा है। जब बीआरटीएस बना था तो बस स्टाॅपों के निर्माण पर तगड़ा पैसा नगर निगम ने खर्च किया था। बस स्टाॅप पर स्वचलित दरवाजे लगाए थे। 

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Indore: BRTS bus stops are falling apart during the day, railings are being removed at night, one kilometer of
टूट रह बीआरटीएस का बस स्टाॅप। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इंदौर का साढ़े 11 किलोमीटर लंबा बीआरटीएस अभी तक एक किलोमीटर भी नहीं टूट पाया है। अब ठेेकेदार एजेंसी ने दिन में बस स्टाॅप तोड़ने अौर रात को बीअारटीएस की रैलिंग हटाने के लिए कहा है। ठेकादार को तोड़ने के बाद सामग्री के उपयोग का अधिकार रहेगा। इसके एवज में उसे ढाई करोड़ रुपये नगर निगम को देना होंगे। ज्यादा फायदा न होने के कारण ठेकेदार फर्म भी बेमन से काम कर रही है।

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बीआरटीएस हटाने में हो रही देरी से हाईकोर्ट भी नाराज है। कोर्ट ने अफसरों से कहा कि भोपाल का बीआरटीएस 9 दिन में हट गया था, लेकिन इंदौर का बीआरटीएस 9 महीने बाद भी नहीं हट पाया।

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कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी का मकान तोड़ना हो तो अफसर मिनटों में मशीन लेकर मौके पर चलते जाते है, लेकिन बीआरटीएस तोड़ने में इतनी देरी क्यों हो रही है। कोर्ट ने अगली सुनवाई 26 नवंबर रखी है और कलेक्टर व निगामयुक्त को उपस्थित रहने के लिए कहा है।

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पचास लाख में बने थे बस स्टाॅप


बीआरटीएस के बस स्टाॅप को तोड़ने का काम अब शुरू हुआ है। व्हाईट चर्च की तरफ के हिस्से के बस स्टाॅप को तोड़ा जा रहा है। जब बीआरटीएस बना था तो बस स्टाॅपों के निर्माण पर तगड़ा पैसा नगर निगम ने खर्च किया था। बस स्टाॅप पर स्वचलित दरवाजे लगाए थे। महंगे सेंसर से बस आते ही दरवाजे खुल जाते थे। इसके अलावा कांच की दीवारें थी। इसके अलावा स्टाॅप की सिलिंग भी विदेश से मंगाई गई लकड़ी से तैयार की गई थी। एक बस स्टाॅप को तैयार करने में पचास लाख रुपये से ज्यादा की राशि लगी थी। पूरे काॅरिडोर पर पंद्रह से ज्यादा बस स्टाॅप है। जिन्हें अब तोड़ा जा रहा है।

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