{"_id":"63ef832b2edc5540fd0ea6a0","slug":"incident-of-kubreshwardham-walked-15-km-hungry-and-thirsty-with-children-slept-in-the-field-2023-02-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुबेरेश्वरधाम यात्रियों की आपबीती: बच्चों को लेकर भूखे-प्यासे 15 किलोमीटर पैदल चले, खेत में सोए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुबेरेश्वरधाम यात्रियों की आपबीती: बच्चों को लेकर भूखे-प्यासे 15 किलोमीटर पैदल चले, खेत में सोए
Fri, 17 Feb 2023 07:19 PM IST
अभिषेक चेंडके
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अभिषेक चेंडके
Updated Fri, 17 Feb 2023 07:19 PM IST
सार
अपने छह साल की बेटी और डेढ़ साल के बेटे को लेकर स़ीहोर गई पिंकी प्रजापत ने बताया कि कुबरेश्वर धाम के 20 किलोमीटर पहले ही ट्रैफिक जाम के कारण वाहन आगे नहीं बढ़ पाए। मैं अपने दोनों बच्चों को लेकर पैदल ही निकली गई, घर लौटने में बड़ी परेशानी हुई।
विज्ञापन
सीहोर पहुंचे परिवार रास्ते में होते रहे परेशान
- फोटो : amar ujala digital
विस्तार
सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में पंडित प्रदीप मिश्रा के कुबेरेश्वर धाम के लिए इंदौर से निकले कई परिवारों को रुद्राक्ष तो नहीं मिले, लेकिन यात्रा का कड़वा अनुभव जरूर हुआ। इंदौर के जगजीवराम नगर का एक परिवार चार दिन पहले वहां गया था, तीन दिन बाद बड़ी मुश्किल से इंदौर लौटा। उस परिवार ने यात्रा की आपबीती बताई।
विज्ञापन
अपने छह साल की बेटी और डेढ़ साल के बेटे को लेकर सीहोर गई पिंकी प्रजापत ने बताया कि कुबेरेश्वर धाम के 320 किलोमीटर पहले ही ट्रैफिक जाम के कारण वाहन आगे नहीं बढ़ पाए। मैं अपने दोनो बच्चों को लेकर पैदल ही निकली, लेकिन रास्ते में इतनी भीड़ दिखी कि धाम जाने का इरादा ही छोड़ दिया। फिर इंदौर लौटने का फैसला लिया तो पता चला कि इंदौर भोपाल रोड पर 10 किलोमीटर लंबा जाम है। साथ में अन्य परिजनों के कारण थोड़ी हिम्मत रही। एक खेत में बैठकर रात काटी।
विज्ञापन
पिंकी ने बताया कि रात को ठंड के कारण बच्चे परेशान हुए। खाने को भी नहीं मिला। शुक्रवार सुबह जाम खुला तो बड़ी मुश्किल से इंदौर आए। प्रतिभा ने बताया कि परिजनों को भी हमारे फंसे होने की चिंता थी। भीड़ के कारण मोबाइल के सिग्नल नहीं मिल रहे थे। रात को बैटरी भी डिस्चार्ज हो गई। पैदल चलने के कारण पैरों में दर्द होने लगा था। आगे से ऐसी भीड़ वाली जगह जाने से पहले 10 बार सोचेंगे।
विज्ञापन
धक्का-मुक्की में बैग खो गया
बाणगंगा निवासी सूरज यादव ने बताया कि वे कुबेरेश्वर धाम तक पहुंच गए थे, लेकिन वहां रुद्राक्ष लेने वालों की भीड़ के कारण अव्यवस्था फैल गई थी। लोग धक्का-मुक्की कर रहे थे। धाम तक प्रवेश होने में भी मुश्किल हो रही थी। भीड़ के कारण धक्का-मुुक्की में मेरे बैग का बेल्ट टूट गया। नीचे गिरे बैग को मैं उठा भी नहीं पाया और धक्के के कारण आगे बढ़ गया। बाद में बैग नहीं मिला।
दस घंटे में हुआ विदिशा से इंदौर के बीच का सफर
परदेशीपुरा निवासी प्रभात चौकसे विदिशा गए थे। इंदौर भोपाल रोड पर ट्रैफिक जाम के कारण ट्रैफिक कालीपीपल मार्ग की तरफ मोड़ दिया गया, लेकिन आष्टा तक ट्रैफिक जाम रहा। गाड़ी रेंगते हुए चली। कई वाहनों का तो ईंधन खत्म हो गया। हम सुबह आठ बजे विदिशा से निकले थे, रात साढ़े आठ बजे इंदौर पहुंचे।
