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GST: जीएसटी में पुराने रिटर्न फाइल करने पर पेनल्टी में दी गई छूट
Tue, 04 Apr 2023 06:55 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Tue, 04 Apr 2023 06:55 PM IST
सार
जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में बताए हाल ही में हुए बदलाव
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जीएसटी काउंसिल की मीटिंग
- फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
जीएसटी काउंसिल की फरवरी माह में सम्पन्न मीटिंग के निर्णयानुसार करदाताओं को राहत देने के लिए सरकार द्वारा दिनांक एक अप्रैल को नोटिफिकेशन जारी कर दिए गए हैं। इसके साथ ही लोकसभा द्वारा बजट 2023 को पास कर दिया गया है। इसके कारण कुछ महत्वपूर्ण प्रावधान जल्द ही लागू हो जाएंगे। जीएसटी में इन्हीं नए प्रावधानों पर चर्चा के लिए टैक्स प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन इंदौर एवं चार्टर्ड एकाउंटेंट्स की इंदौर शाखा ने एक सेमिनार आयजित किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सीए पल्केश असावा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जीएसटी में वार्षिक रिटर्न (जीएसटीआर 9 एवं 9C) विलम्ब से फाइल करने पर 200 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से पेनल्टी देना होती है। कई करदाता समय पर रिटर्न फाइल करने से चूक गए जिसके कारण उन पर पेनल्टी की राशि लाखों में आ रही थी। इस कारण से वे रिटर्न भी फाइल नहीं कर पा रहे थे। एक अप्रैल को सरकार द्वारा एक नोटीफिकेशन जारी करके एमनेस्टी स्कीम लाई गई है। जिसके तहत 2017 -18 से लेकर 2021 -22 तक के सभी रिटर्न अधिकतम 20 हजार की लेट फीस के साथ फाइल किए जा सकते हैं। इसके लिए 30 जून 2023 तक अपने पुराने सभी रिटर्न फाइल करना होंगे। इसके पश्चात् रिटर्न फाइल करने पर पूरी पेनल्टी देना होगी। अतः पुराने रिटर्न दाखिल करके, अपना टैक्स कंप्लायंस करने का यह सुनहरा मौका है। इसके साथ ही कंपोजिशन टैक्सपेयर के लिए भी पुराने रिटर्न फाइल करने को लेकर लेट फीस में छूट दी गई है। ऐसे करदाता अब जुलाई 2017 से लेकर मार्च 2022 के सभी रिटर्न मात्र 500 रुपए की लेट फीस के साथ दाखिल कर सकते हैं। कोई भी कर देयता नहीं होने पर पूरी लेट फीस माफ कर दी गई हैI यह स्कीम भी 30 जून 2023 तक ही वैध है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष सी ए शैलेन्द्र सिंह सोलंकी ने सरकार द्वारा रिटर्न दाखिल करने में देरी पर पेनल्टी में दी गई राहत के लिए प्रसन्नता जाहिर की। परन्तु निरस्त किए गए रजिस्ट्रेशन को पुर्नजीवित करने पर पेनल्टी एवं इनपुट टैक्स क्रेडिट के प्रावधानों में भी छूट देने का आग्रह किया ताकि इसका सही लाभ करदाता तक पहुंच सके। कार्यक्रम का संचालन सीजीएसटी सचिव सीए कृष्ण गर्ग ने किया। कार्यक्रम में सीए एसएन गोयल, सुनील पी जैन, प्रखर गोयल, एस सी बंसल, पियूष वोहरा, स्वप्निल जैन, अभय शर्मा के अलावा बड़ी संख्या में अधिवक्ता, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एवं कर सलाहकार उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन सी ए रजत धानुका ने किया।
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कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सीए पल्केश असावा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जीएसटी में वार्षिक रिटर्न (जीएसटीआर 9 एवं 9C) विलम्ब से फाइल करने पर 200 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से पेनल्टी देना होती है। कई करदाता समय पर रिटर्न फाइल करने से चूक गए जिसके कारण उन पर पेनल्टी की राशि लाखों में आ रही थी। इस कारण से वे रिटर्न भी फाइल नहीं कर पा रहे थे। एक अप्रैल को सरकार द्वारा एक नोटीफिकेशन जारी करके एमनेस्टी स्कीम लाई गई है। जिसके तहत 2017 -18 से लेकर 2021 -22 तक के सभी रिटर्न अधिकतम 20 हजार की लेट फीस के साथ फाइल किए जा सकते हैं। इसके लिए 30 जून 2023 तक अपने पुराने सभी रिटर्न फाइल करना होंगे। इसके पश्चात् रिटर्न फाइल करने पर पूरी पेनल्टी देना होगी। अतः पुराने रिटर्न दाखिल करके, अपना टैक्स कंप्लायंस करने का यह सुनहरा मौका है। इसके साथ ही कंपोजिशन टैक्सपेयर के लिए भी पुराने रिटर्न फाइल करने को लेकर लेट फीस में छूट दी गई है। ऐसे करदाता अब जुलाई 2017 से लेकर मार्च 2022 के सभी रिटर्न मात्र 500 रुपए की लेट फीस के साथ दाखिल कर सकते हैं। कोई भी कर देयता नहीं होने पर पूरी लेट फीस माफ कर दी गई हैI यह स्कीम भी 30 जून 2023 तक ही वैध है।
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एसोसिएशन के अध्यक्ष सी ए शैलेन्द्र सिंह सोलंकी ने सरकार द्वारा रिटर्न दाखिल करने में देरी पर पेनल्टी में दी गई राहत के लिए प्रसन्नता जाहिर की। परन्तु निरस्त किए गए रजिस्ट्रेशन को पुर्नजीवित करने पर पेनल्टी एवं इनपुट टैक्स क्रेडिट के प्रावधानों में भी छूट देने का आग्रह किया ताकि इसका सही लाभ करदाता तक पहुंच सके। कार्यक्रम का संचालन सीजीएसटी सचिव सीए कृष्ण गर्ग ने किया। कार्यक्रम में सीए एसएन गोयल, सुनील पी जैन, प्रखर गोयल, एस सी बंसल, पियूष वोहरा, स्वप्निल जैन, अभय शर्मा के अलावा बड़ी संख्या में अधिवक्ता, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एवं कर सलाहकार उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन सी ए रजत धानुका ने किया।
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