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देश में पहली बारः इंदौर में महिला से पुरुष बने युवक ने की शादी, बहन की सहेली को बनाया पत्नी
Fri, 08 Dec 2023 12:19 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Fri, 08 Dec 2023 12:19 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट की ओर से ट्रांसजेंडर विवाह को कानूनी मान्यता देने के बाद मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में पहली बार स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी हुई है। यहां महिला से पुरुष बने युवक ने शादी की है।
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यह शादी अलका से अस्तित्व बने युवक और युवती आस्था के बीच हुई
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
इंदौर में महिला से पुरुष बने एक युवक ने युवती से शादी की है। यह देश का पहला मामला है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अक्तूबर महीने में ट्रांसजेंडर विवाह को कानूनी मान्यता दी गई थी। इसके बाद इंदौर में गुरुवार को महिला से पुरुष बने युवक ने स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत युवती से शादी की। यह शादी अलका से अस्तित्व बने युवक और युवती आस्था के बीच हुई है।
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बता दें कि कोर्ट मैरिज में दोनों परिवारों के 25 लोग शामिल हुए। बीते साल अलका ने अपने 47वें जन्मदिन पर सर्जरी करवाकर अपना जेंडर स्त्री से पुरुष करवा लिया था। इसके बाद उसने अपना नाम बदलकर अस्तित्व कर लिया।
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बहन की सहेली से की शादी
अस्तित्व ने आस्था से शादी की है, जो उसकी बहन की सहेली है। आस्था को शुरू से ही इस बदलाव की जानकारी थी। उसे अलका के अस्तित्व बनने की पूरी प्रक्रिया के बारे में बताया गया था। आस्था का कहना था कि हमने बहुत विचार करने के बाद शादी करने का निर्णय लिया। दोनों परिवारों को भी इसमें कोई समस्या नहीं थी। इसके बाद दोनों ने अपर कलेक्टर रोशन राय को अपनी स्थिति समझाते हुए विवाह का आवेदन दिया।
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क्या है स्पेशल मैरिज एक्ट
स्पेशल मैरिज एक्ट सभी धर्मों पर लागू होता है। इस कानून के तहत शादी रजिस्टर करवाने के लिए धर्म बदलने की जरूरत नहीं है, फिर चाहे वो हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध या किसी भी धर्म का हो। इस कानून के जरिए भारत के हर नागरिक को ये संवैधानिक अधिकार दिया गया है कि वो जिस धर्म या जाति में चाहे, वहां शादी कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ट्रांसजेंडर की शादियों का मामला विषमलैंगिक संबंध की प्रकृति का है और इसे भी कानूनी मान्यता दी जानी चाहिए।
