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IIT: इंदौर में स्पेस साइंस रिसर्च को मिला पूर्व इसरो प्रमुख का साथ, डॉ. के. सिवन बने आईआईटी बोर्ड चेयरमैन
Thu, 31 Aug 2023 09:40 PM IST
अर्जुन रिछारिया
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Thu, 31 Aug 2023 09:40 PM IST
सार
आईआईटी इंदौर ने इसी साल बीटेक स्पेस टेक्नोलॉजी शुरू किया है और स्पेस साइंस में रिसर्च चल रही है। ऐसे में डॉ. सिवन के स्पेस और एयरोनॉटिक्स इंजीनियरिंग के क्षेत्र में लंबे अनुभव का लाभ आईआईटी को मिलेगा।
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Ex-ISRO chief Dr K Sivan
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व चीफ डॉ. के. सिवन को इंदौर आईआईटी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है। आईआईटी इंदौर के निदेशक सुहास एस जोशी ने बताया कि बोर्ड के नए अध्यक्ष का कार्यकाल तीन साल का है। हम उनके स्वागत के लिए तैयारियां कर रहे हैं। डॉ. सिवन वर्तमान चेयरमैन डॉ. दीपक फाटक का स्थान लेंगे। बताया जा रहा है कि वे जल्द ही कार्यभार ग्रहण करेंगे।
इंदौर ने इसी साल बीटेक स्पेस टेक्नोलॉजी शुरू किया
खास बात यह है कि आईआईटी इंदौर ने इसी साल बीटेक स्पेस टेक्नोलॉजी शुरू किया है और स्पेस साइंस में रिसर्च चल रही है। ऐसे में डॉ. सिवन के स्पेस और एयरोनॉटिक्स इंजीनियरिंग के क्षेत्र में लंबे अनुभव का लाभ आईआईटी को मिलेगा। डॉ. सिवन की एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में विशेषज्ञता है। वे साल 1982 में पीएसएलवी कार्यक्रम के साथ इसरो से जुड़े थे। उनके मार्गदर्शन में डिजाइन और मिशन सिम्युलेशन को विकसित करने में तेजी आई थी। उन्होंने स्पेस साइंस व इंजीनियरिंग में रिसर्च के साथ एजुकेशन पर भी जोर दिया। इंदौर आईआईटी भी इस संभावना पर कार्य कर रही है।
1982 में इसरो से जुड़े थे
सिवन 2018 से 2022 तक इसरो के अध्यक्ष थे। 22 जुलाई 2019 को लॉन्च किए गए चंद्रयान-2 मिशन के प्रभारी थे। डॉ सिवन 1982 में इसरो में शामिल हुए थे। वह एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, अंतरिक्ष परिवहन प्रणाली इंजीनियरिंग, लॉन्च वाहन, मिशन डिजाइन, नियंत्रण, मार्गदर्शन डिजाइन, मिशन सिमुलेशन सॉफ्टवेयर डिजाइन, मिशन संश्लेषण और उड़ान प्रणालियों के विशेषज्ञ हैं।
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इंदौर ने इसी साल बीटेक स्पेस टेक्नोलॉजी शुरू किया
खास बात यह है कि आईआईटी इंदौर ने इसी साल बीटेक स्पेस टेक्नोलॉजी शुरू किया है और स्पेस साइंस में रिसर्च चल रही है। ऐसे में डॉ. सिवन के स्पेस और एयरोनॉटिक्स इंजीनियरिंग के क्षेत्र में लंबे अनुभव का लाभ आईआईटी को मिलेगा। डॉ. सिवन की एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में विशेषज्ञता है। वे साल 1982 में पीएसएलवी कार्यक्रम के साथ इसरो से जुड़े थे। उनके मार्गदर्शन में डिजाइन और मिशन सिम्युलेशन को विकसित करने में तेजी आई थी। उन्होंने स्पेस साइंस व इंजीनियरिंग में रिसर्च के साथ एजुकेशन पर भी जोर दिया। इंदौर आईआईटी भी इस संभावना पर कार्य कर रही है।
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1982 में इसरो से जुड़े थे
सिवन 2018 से 2022 तक इसरो के अध्यक्ष थे। 22 जुलाई 2019 को लॉन्च किए गए चंद्रयान-2 मिशन के प्रभारी थे। डॉ सिवन 1982 में इसरो में शामिल हुए थे। वह एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, अंतरिक्ष परिवहन प्रणाली इंजीनियरिंग, लॉन्च वाहन, मिशन डिजाइन, नियंत्रण, मार्गदर्शन डिजाइन, मिशन सिमुलेशन सॉफ्टवेयर डिजाइन, मिशन संश्लेषण और उड़ान प्रणालियों के विशेषज्ञ हैं।
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