Indore News: नामांतरण के लिए मांगी 24 हजार की रिश्वत, रंगे हाथों पटवारी को पकड़ा
घूसखोर पटवारी ने कहा कि पहले 12 हजार रुपये देगा होंगे। बाकी के 12 हजार काम पूरा होने के समय देना। पटवारी ने बुधवार को किसान को पहली किश्त देने के लिए बुलाया था। किसान के साथ लोकायुक्त की टीम भी पहुंची और कार्यालय के बाहर छुप गई।
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लोकायुक्त पुलिस नेे एक पटवारी को जमीन के नामांतरण के एवज में रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। एक किसान को बार-बार कार्यालय के चक्कर कटवा रहा था अौर काम कराने के लिए 24 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। परेशान हो रहे किसान ने लोकायुक्त पुलिस को शिकायत की और अफसरों ने योजना बनकर घूसखोर पटवारी को रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
सांवेर के कछालिया गांव में रहने वाले दीपक पिता शंकर पटेेल ने पटवारी विष्णु पटेल की शिकायत की थी। दीपक ने बताया कि उसके पिता शंकरालाल और दो अन्य भाई है। उनकी संयुक्त जमीन है। एक भाई की मौत के बाद फौती नामांतरण कराने का आवेदन दीपक ने दिया था, लेकिन पटवारी विष्णु ने काम नहीं किया और 24 हजार रुपये की रिश्वत मांग ली।
दो किश्तों में मांगे थे पैसे
घूसखोर पटवारी ने कहा कि पहले 12 हजार रुपये देगा होंगे। बाकी के 12 हजार काम पूरा होने के समय देना। पटवारी ने बुधवार को किसान को पहली किश्त देने के लिए बुलाया था। किसान के साथ लोकायुक्त की टीम भी पहुंची और कार्यालय के बाहर छुप गई। किसान के नोटों की गड्डी में केमिकल लगाकर रखा गया था। किसान ने नोटों की गड्डी दी और इशारा किया। इसके बाद लोकायुक्त की टीम पटवारी के सामने थी। उन्हें देख पटवारी के होश उड़ गए और कहने लगा कि उसने रिश्वत नहीं ली, लेकिन जैसे ही उसके हाथ धुलवाए तो केमिकल के कारण हाथ में पीला रंग नजर आने लगा।
लोकायुक्त पुलिस ने नोटों की गड्डी के साथ उसे गिरफ्तार कर लिया। इन दिनों पटवारी और तहसीलदार कोर्ट के प्रकरणों का हवाला देकर नामांतरण कराने के लिए लोगों के चक्कर कटवा रहे है। नामांतरण के एवज में 20 से 30 हजार रुपये की डिमांड की जाती है।
