MP News: किताबें किरदार थी और कविताएं बन गई कलाकार
मराठी साहित्य संघ के अध्यक्ष श्रवीद सप्रे व सचिव मोहन रेड़गांवकर ने बताया कि सम्मेलन मेें ग्रंथ प्रदर्शनी, साहित्यकारों का सत्कार भी होगा। ग्रंथ प्रदर्शनी में साहित्यकारों का साहित्य उपलब्ध होगा। प्रदर्शन की शुभारंभ पल्लवी बंसोड़े द्वारा किया जाएगा।
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दो दिवसीय मराठी साहित्य सम्मेलन की शुरुआत सोमवार से हुई। मराठी साहित्य अकादमी और मप्र मराठी साहित्य संघ के प्रयासों से मुबंई के कलाकारों ने प्रिया भाई, एक कविता हवी आहे...कथाकथन को गीत, कविता, नाट्य से सलीके से सजाया। इस कथाकथन में किताबें किरदार थी और कविताएं कलाकार बन गई।
मंच पर जो कलाकार थे, वे मंच से एक बार भी उठे नहीं, लेकिन संवादों का ताना-बाना इस तरह से बुना कि दर्शक कुर्सियों से हिल नहीं सके। रवींद्र नाथ टैगोर के हाथों से लिखी एक कविता किसी किताब में दबी रहती है। उस कविता को खोजने के लिए कविता की किताबें खुलती है और सुनिता का किरदार निभाने वाली मुक्ता बर्वे उन किताबों में से कविताएं अपने अंदाज में सुनाती है। संवेदनाएं, भावना, करुण रस, प्रेम रस मेें डूबी कविताएं दर्शकों को एक अलग स्तर पर ले जाने के लिए काफी थी।
आखिरकार एक किताब में से कविता मिल गई और इस नाटक का भी अंत हो गया। गीतों के साथ स्क्रीन पर बने उभरते चित्रों की जुगलबंदी भी लाजबाव थी। जयंत भिसे ने आभार मानते समय बताया कि मुक्ता बर्वे की तबीयत खराब थी, लेकिन उन्होंने भी फिर कथाकथन में शिद्दत से निभाया। मुक्ता बीमार होने की वजह से स्वाभाविक रुप से संवाद बोलतेे समय खांस रही थी, लेकिन दूसरे कलाकारों ने मौके पर उससे जुड़े संवाद बोलकर रुकावट को भी अभिनय का हिस्सा बना दिया।
मराठी साहित्य संघ के अध्यक्ष श्रवीद सप्रे व सचिव मोहन रेड़गांवकर ने बताया कि सम्मेलन मेें ग्रंथ प्रदर्शनी, साहित्यकारों का सत्कार भी होगा। ग्रंथ प्रदर्शनी में साहित्यकारों का साहित्य उपलब्ध होगा। प्रदर्शन की शुभारंभ पल्लवी बंसोड़े द्वारा किया जाएगा। उसके बाद कवि सम्मेलन होगा। जिसमें मराठी कवि कविता पाठ करेंगे। कवि सम्मेलन का संचालन जया गाडगे द्वारा किया जाएगा।
