Indore News: अनुसूचित जाति आयोग के आने से पहले दलित हत्याकांड में टीआई समेत तीन सस्पेंड
इस कांड को लेकर भोपाल से भी नजर रखी जा रही है। महू अौर देपालपुर में दलितों के साथ हो रही घटना को लेकर सरकार नाराज है अौर अाने वाले दिनों में कुछ अौर अफसर भी नप सकते है।
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देपालपुर के समीप दबंगों द्वारा दलित किसान की हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में अनुसूचित जाति आयोग ने भी संज्ञान लिया है। आयोग के टीम के इंदौर आने से पहले इस मामले में देपालपुर टीआई समेत तीन लोगों को सस्पेंड किया गया। थाने के अफसरों पर आरोप है कि उन्होंने शिकायत के बावजूद आरोपियों पर कार्रवाई करने में लापवाही बरती और घटना के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने के बजाय जांच के नाम पर गांव में रोके रखा।
देपालपुर में किसानों पर दबंगों द्वारा हमला किए जाने की घटना पांच दिन पहले की गई थी। जब पुलिस के आला अफसरों को पता चला कि देपालपुर हत्याकांड के लिए राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग के टीम इंदौर आने वाली तो उन्होंने गौतमपुरा थाने के सहायक थानेदार गोपाल गिरवाल और हवलदार अजय कुमारिया को सस्पेंड कर दिया। बाद में टीआई अरुण सोलंकी को भी सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया। इस कांड को लेकर भोपाल से भी नजर रखी जा रही है। महू और देपालपुर में दलितों के साथ हो रही घटना को लेकर सरकार नाराज है और आने वाले दिनों में कुछ और अफसर भी नप सकते है।
यह था मामला
देपालपुर के काकया गांव में वर्ष 2003 में 14 दलित परिवारों को जमीन के पट्टे दिए गए थे, लेकिन उस पर दबंगों का कब्जा था। दलित परिवार इस मामले में कोर्ट में गए और उनकी जीत हुई। प्रशासन ने दलित परिवारों को जमीन का कब्जा दिला दिया। इस बात से कब्जा करने वाले धर्मेंद्र सिंह राजपूत, रतन सिंंह नानू सिंह आदि ने बागरी परिवार पर हथियारों से हमला कर दिया। घटना में पांच लोग घायल हो गए। मायाराम बागरी को गंभीर चोट आई थी उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मंगलवार को अनुसूचित जाति आयोग की टीम गांव पहुंची और मृतक के परिवारजनों से मुलाकात की।
