फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News ›   Acharya vidyasagar Ji Maharaj samadhi secret jain samaj

Vidyasagar Maharaj: विद्यासागर जी को पता था अपना अंतिम दिन, फिर भी पहले नहीं बताया, जानें क्यों किया ऐसा

Wed, 21 Feb 2024 10:40 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अर्जुन रिछारिया Updated Wed, 21 Feb 2024 10:40 PM IST
सार

आचार्य विद्यासागर जी महाराज Acharya vidyasagar Ji Maharaj नहीं चाहते थे उनकी समाधि की जानकारी लोगों तक पहुंचे। विनयांजलि कार्यक्रम में महाराज जी का अंतिम संस्कार करके लौटे समाज जन ने दी जानकारी।

विज्ञापन
Acharya vidyasagar Ji Maharaj samadhi secret jain samaj
आचार्य विद्यासागर जी महाराज - फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

विस्तार

आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज Acharya vidyasagar Ji Maharaj को विनयांजलि देने के लिए इंदौर के सभी प्रमुख समाज एक मंच पर एकजुट हुए। दयोदय चैरिटेबल फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सुबह से ही बड़ी संख्या में जैन समाज के लोगों के साथ अन्य सभी समाज के लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में सभी ने विद्यासागर जी से जुड़े अपने अनुभव को साझा किया और संकल्प लिया की उनके सेवा कार्यों को सभी मिलकर एक साथ आगे बढ़ाएंगे। 
विज्ञापन

 

विद्यासागर जी महाराज का अंतिम संस्कार करके लौटे जैन समाज के लोगों ने मंच से बताया कि विद्यासागर जी महाराज ने पहले से ही अपनी समाधि का दिन तय कर लिया था।उन्होंने कुछ खास लोगों को यह जानकारी देने के बाद कहा था कि इसकी जानकारी किसी को भी ना दी जाए। वह यह चाहते थे कि कोई भी यह जानकारी जानने के बाद परेशान ना हो। यदि यह जानकारी पूरी दुनिया में जाएगी तो हजारों लाखों जैन समाज के लोग चंद्रगिरी के डोंगरगढ़ में एकत्रित होने लगेंगे। इससे लोग परेशान होंगे। गौरतलब है की पिछले सप्ताह रविवार के दिन यहीं पर विद्यासागर जी ने तीन दिन के मौन के बाद समाधि ली थी।

विज्ञापन

 

समाज के प्रमुख लोगों ने यह भी कहा कि विद्यासागर जी महाराज जैसे संत से ही पूरी दुनिया सुरक्षित है। उनके जाने के बाद हमारी यह नैतिक जिम्मेदारी है कि युवा पीढ़ी को धर्म के मार्ग पर अग्रसर करें और ऐसे कई संतों का निर्माण करने में पूरा समाज एक साथ मदद करे।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

शहर काजी बोले उन्होंने हमें इंसान बनाया

शहर काजी इशरत अली ने कहा धर्म ही हमें इंसान बनाता है। आज धर्मगुरु भी व्यवसायिक हो गए हैं। इसमें विद्यासागर जी जैसे धर्मगुरु हमें नई राह दिखाते हैं। दुनिया में अगर जैन समाज सबसे बड़ा दानी है तो उसमें विद्यासागर जी महाराज जैसे गुरुओं का योगदान है। जिनके जाने के बाद भी हजारों सालों तक उनके कामों को याद रखा जाता है उनमें से एक विद्यासागर जी महाराज हैं।

 

संतों का कभी अंत नहीं होता

ईसाई समाज की बात रखते हुए साइमन राज ने कहा कि दुनिया को विद्यासागर जी महाराज की जरूरत है। संतों का कभी अंत नहीं होता है।

 

हजारों वर्षों तक राष्ट्र को दिशा दी

कवि राजीव शर्मा ने कहा कि विद्या, विनय, पात्रता, प्रकाश, सामर्थ्य, गंभीरता जैसे हजारों गुणों से विद्यासागर जी महाराज बने थे। उनके गुण प्रवचन राष्ट्र को अनंत काल तक मार्गदर्शन देते रहेंगे।

 

भारत रत्न की मांग

जैन समाज के लोगों ने सरकार से मांग की कि उन्हें भारत रत्न दिया जाना चाहिए। वह कभी कोई सम्मान या पद नहीं चाहते थे लेकिन यदि उन्हें भारत रत्न दिया गया तो भविष्य में समाज को एक अच्छा संदेश जाएगा। कार्यक्रम में नगरी प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, सांसद शंकर लालवानी समेत कई जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और प्रबुद्ध नागरिकों ने अपनी विनयांजलि दी और उनसे जुड़े अनुभव साझा किए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed