अभ्यास मंडल व्याख्यानमाला: राजनीति में महिलाओं को आने से रोकने के लिए सभी पार्टियां एकजुट
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वरिष्ठ पत्रकार और चुनाव विश्लेषक यशवंत देशमुख ने बेबाकी के साथ कहा कि विधायिका में महिलाओं को आरक्षण देने के लिए आने वाले बिल को लेकर अलग अलग कारणों से विरोध हो रहा है, जो पूरी तरह गलत है। राजनीति में महिलाओं को आने से रोकने के लिए सभी पार्टियां एकजुट हैं। किसी भी कीमत पर महिला आरक्षण विधेयक आना चाहिए। इतिहास गवाह है कि जहां जहां खुशहाली है, रहने लायक अच्छी जगह है और सुरक्षा है वहां की विधायिका में महिलाओं की संख्या प्राय अधिक होती है। आज महिलाएं बेहतर तरीके से वोटिंग कर रही हैं और बीते 10 वर्षों में महिलाएं पुरुषों के मुकाबले अधिक वोटिंग कर रही हैं।
देशमुख आज शाम को जाल सभागृह में अभ्यास मंडल की 62वी ग्रीष्मकालीन व्याख्यानमाला में अपना उद्बोधन दे रहे थे। विषय था महिला आरक्षण और चुनौतियां।
आज का व्याख्यान वरिष्ठ पत्रकार और लेखक डॉ. वेदप्रताप वैदिक को समर्पित था।
देशमुख ने आगे कहा कि महिलाएं व्यक्ति विशेष के बजाय मुद्दों पर वोटिंग करती हैं जैसे सरकार की कल्याणकारी योजनाएं, जो परिवार और समाज हित से जुड़ी हुई हैं। जिसमें राशन, गैस सिलेंडर, महिला, सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, शिक्षा आदि शामिल हैं। महिलाएं भविष्य काल को देखकर वोट करती हैं। देशमुख ने आगे कहा कि सरकार चाहे तो इस बार लोकसभा की सीटों की संख्या 33 फीसदी बढ़ाकर बढ़ी हुई सीटें महिलाओं को आरक्षित कर सकती है। महिला आरक्षण के अंदर महिला आरक्षण नहीं होना चाहिए और ये आरक्षण केवल पिछड़ी महिलाओं के लिए भी नहीं हो। जिस प्रकार हमारे यहां एससी, एसटी और पिछड़े वर्ग के लिए पहले से ही सीटें तय हैं वैसे ही स्थाई सीटें महिलाओं के लिए होनी चाहिए। ये सीटें रोटेड नहीं होना चाहिए। देशमुख ने आगे कहा कि जब विधायिका में महिलाओं की साझेदारी बढ़ेगी देश का चित्र बदलेगा।
