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इंदौर: सीएमएचओ के डांस पर भाजपा-कांग्रेस के बीच वीडियो वार, सीएमएचओ के बचाव में आए भाजपा प्रवक्ता को कांग्रेस प्रवक्ता ने दिया जवाब-क्या सीएमएचओ के प्रवक्ता बन गए...
Thu, 20 Jan 2022 05:09 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Thu, 20 Jan 2022 05:09 PM IST
सार
इंदौर के सीएमएचओ के वायरल वीडियो को लेकर अब भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने है। कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट किया तो भाजपा प्रवक्ता उमेश शर्मा ने वीडियो जारी कर उनकी आलोचना की। सलूजा ने वीडियो जारी कर शर्मा को जवाब दिया है और उन पर तंज कसा है।
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इंदौर सीएमएचओ का वायरल वीडियो
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
इंदौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बीएस सैत्या के वायरल वीडियो को लेकर अब भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने है। कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट किया तो भाजपा प्रवक्ता उमेश शर्मा ने वीडियो जारी कर उनकी आलोचना की। अब फिर से सलूजा ने वीडियो जारी कर शर्मा को जवाब दिया है और उन पर तंज कसा है।
पहले बात करते हैं भाजपा प्रवक्ता के उमेश शर्मा की, जिन्होंने सलूजा के ट्वीट पर वीडियो जारी किया। इस वीडियो में शर्मा सीएमएचओ सैत्या के बचाव की भूमिका में नजर आ रहे हैं। शर्मा ने वीडियो में कह रहे हैं कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की जो मीडिया टोली है उसकी आतुरता और उतावलापन है कि कई बार व्यक्तियों की अचरित्र हत्या करने पर आमादा हो जाती है। भूरेसिंह सैत्या जनजातीय वर्ग से हैं। संघर्ष करके आगे बढ़े हैं। उनके पारिवारिक प्रसंग के वीडियो को जारी किया गया जबकि वो व्यक्ति शराब पीता ही नहीं है। उनके परिवार का मंगल प्रसंग था, उसमें महिला संगीत का आयोजन होता है, नाच गाने का आयोजन होता है तो उसमें सैत्याजी परिवार के साथ आनंद-मस्ती कर रहे थे। ये उन क्षणों का वीडियो है। वो किसी भी एंगल से आपत्तिजनक नहीं है। मेरी उनसे बात हुई है, उनसे जुड़े लोगों से बात हुई है। उन्होंने प्रमाण दिया है कि वे शराब नहीं पीते हैं, लेकिन कांग्रेस का चरित्र है कि झूठे आरोप लगाते हैं। जनजातीय वर्ग से निकला व्यक्ति, संघर्ष करके आज इस मुकाम पर आया है, इतने बड़े पद पर बैठा है तो पहले वीडियो की पुष्टि करनी थी। प्रमाण एकत्र करने थे। अगर कोरोना के प्रतिबंध के दौरान का वीडियो होता, ड्यूटी के समय का वीडियो होता, कर्तव्य निर्वहन के दौरान का वीडियो होता तो आपत्तिजनक माना जाता। ऐसे व्यक्ति के चरित्र के बारे में कांग्रेस को ऐसा नहीं करना चाहिए और इस कृत्य के लिए भूरेसिंह सैत्या से क्षमायाचना करनी चाहिए। यदि हालिया वीडियो है तो या एक-दो दिन पहले का है तो उनसे जवाब मांगा जाएगा। किसी राजनीतिक दल के प्रवक्ता होने से हमें ये अधिकार नहीं मिल जाता कि किसी की निजता का हनन करें। बहुत सावधानी से हमें बयान जारी करना चाहिए।
हमे बताएं कहां का वीडियो है, किस आयोजन का है वरना हम बता देंगे
भाजपा प्रवक्ता शर्मा के वीडियो के बाद कांग्रेस मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने वीडियो से ही उनको जवाब दिया है। सलूजा ने कहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को पोस्ट करते हुए मैंने ट्वीट किया था। अधिकारी का नाम नहीं लिखा था कि कौन है लेकिन मैं उमेश शर्मा को बधाई देता हूं जिन्होंने पुष्टि कर दी कि वो अधिकारी इंदौर के सीएमएचओ भूरेसिंह सैत्या है। मैंने ट्वीट में कहीं भी नहीं लिखा कि वो शराब का सेवन करते हैं। मैंने बस ये लिखा था कि हाथ में शराब का गिलास लेकर शिवराज सरकार की शराब नीति पर खुशी का इजहार कर रहे हैं। उमेश शर्मा जाति वर्ग की बात कर रहे हैं। तो कोई अगर गलत आचरण करता है अपराध करता है तो जाति से उसका उल्लेख नहीं किया जाता। वे जाति वर्ग का अपमान कर रहे हैं। वे कह रहे हैं कि परिवार का कार्यक्रम था, पारिवारिक आयोजन का था, वीडियो की पुष्टि करना चाहिए थे तो पुष्टि तो आप खुद कर रहे हो, हम क्या करें। अगर उमेश शर्मा अपना स्तर गिराकर भाजपा के साथ सीएमएचओ के भी प्रवक्ता भी बन गए हैं तो उनको बताना चाहिए कि वीडियो किस आयोजन का था। कहां हुआ था। किस दिनांक को हुआ था। कौन कौन इसमें सम्मिलित हुए थे। परिवार का आयोजन था तो परिवार के फोटो वीडियो भी होंगे, वो बताइए। वरना हम बता देंगे कि आयोजन किस फॉर्म हाउस का था, कहां का था, कौन इसमें शामिल था, किस दिनांक का था। वो कह रहे हैं कि कांग्रेस झूठ परोसने का काम करती है तो मैं कहना चाहूंगा कि हमने तो सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का उपयोग किया। आप कह रहे हो कि वीडियो की जांच करेंगे तो आप भाजपा के प्रवक्ता हो सरकार के नहीं, आपको कोई अधिकार नहीं जांच करने का। पार्टी का दायित्व निभाओ। अधिकारी खुद आकर अपनी सफाई दे। इस तरह का आचरण सार्वजनिक सेवा में कदाचरण की श्रेणी में आता है।
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यह है पूरा मामला
दरअसल सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें इंदौर के सीएमएचओ डॉ. बीएस सैत्या के हाथ में गिलास है और वे 'बसपन का प्यार' गाने के संगीत पर थिरकते हुए दिख रहे हैं। कांग्रेस नेता नरेंद्र सलूजा ने यह वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि 'जब इंदौर में दो हजार से अधिक कोरोना के केस रोज निकल रहे हैं। ऐसे में निश्चिंत होकर कोई अधिकारी कैसे इस तरह का काम कर सकता है। बगैर मास्क के, नाइट कर्फ़्यू के दौरान, शराब का गिलास हाथ में लेकर ठुमके लगा रहे यह अधिकारी शायद शिवराज सरकार की नई शराब नीति का स्वागत कर, ख़ुशी का इजहार कर रहे हैं…'सलूजा का इशारा नई आबकारी नीति की ओर था, जिसे दो दिन पहले ही मध्य प्रदेश कैबिनेट ने मंजूरी दी है। सलूजा का दावा है कि वीडियो पार्टी में शामिल एक शख्स ने उन्हें उपलब्ध कराया है। सीएमएचओ सैत्या ने कहा कि शनिवार को मेरे बच्चे बाहर से आए थे। उसी की पार्टी रखी थी। मैं शराब नहीं पीता। किसी ने जान-बूझकर यह वीडियो वायरल किया है।
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पहले बात करते हैं भाजपा प्रवक्ता के उमेश शर्मा की, जिन्होंने सलूजा के ट्वीट पर वीडियो जारी किया। इस वीडियो में शर्मा सीएमएचओ सैत्या के बचाव की भूमिका में नजर आ रहे हैं। शर्मा ने वीडियो में कह रहे हैं कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की जो मीडिया टोली है उसकी आतुरता और उतावलापन है कि कई बार व्यक्तियों की अचरित्र हत्या करने पर आमादा हो जाती है। भूरेसिंह सैत्या जनजातीय वर्ग से हैं। संघर्ष करके आगे बढ़े हैं। उनके पारिवारिक प्रसंग के वीडियो को जारी किया गया जबकि वो व्यक्ति शराब पीता ही नहीं है। उनके परिवार का मंगल प्रसंग था, उसमें महिला संगीत का आयोजन होता है, नाच गाने का आयोजन होता है तो उसमें सैत्याजी परिवार के साथ आनंद-मस्ती कर रहे थे। ये उन क्षणों का वीडियो है। वो किसी भी एंगल से आपत्तिजनक नहीं है। मेरी उनसे बात हुई है, उनसे जुड़े लोगों से बात हुई है। उन्होंने प्रमाण दिया है कि वे शराब नहीं पीते हैं, लेकिन कांग्रेस का चरित्र है कि झूठे आरोप लगाते हैं। जनजातीय वर्ग से निकला व्यक्ति, संघर्ष करके आज इस मुकाम पर आया है, इतने बड़े पद पर बैठा है तो पहले वीडियो की पुष्टि करनी थी। प्रमाण एकत्र करने थे। अगर कोरोना के प्रतिबंध के दौरान का वीडियो होता, ड्यूटी के समय का वीडियो होता, कर्तव्य निर्वहन के दौरान का वीडियो होता तो आपत्तिजनक माना जाता। ऐसे व्यक्ति के चरित्र के बारे में कांग्रेस को ऐसा नहीं करना चाहिए और इस कृत्य के लिए भूरेसिंह सैत्या से क्षमायाचना करनी चाहिए। यदि हालिया वीडियो है तो या एक-दो दिन पहले का है तो उनसे जवाब मांगा जाएगा। किसी राजनीतिक दल के प्रवक्ता होने से हमें ये अधिकार नहीं मिल जाता कि किसी की निजता का हनन करें। बहुत सावधानी से हमें बयान जारी करना चाहिए।
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हमे बताएं कहां का वीडियो है, किस आयोजन का है वरना हम बता देंगे
भाजपा प्रवक्ता शर्मा के वीडियो के बाद कांग्रेस मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने वीडियो से ही उनको जवाब दिया है। सलूजा ने कहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को पोस्ट करते हुए मैंने ट्वीट किया था। अधिकारी का नाम नहीं लिखा था कि कौन है लेकिन मैं उमेश शर्मा को बधाई देता हूं जिन्होंने पुष्टि कर दी कि वो अधिकारी इंदौर के सीएमएचओ भूरेसिंह सैत्या है। मैंने ट्वीट में कहीं भी नहीं लिखा कि वो शराब का सेवन करते हैं। मैंने बस ये लिखा था कि हाथ में शराब का गिलास लेकर शिवराज सरकार की शराब नीति पर खुशी का इजहार कर रहे हैं। उमेश शर्मा जाति वर्ग की बात कर रहे हैं। तो कोई अगर गलत आचरण करता है अपराध करता है तो जाति से उसका उल्लेख नहीं किया जाता। वे जाति वर्ग का अपमान कर रहे हैं। वे कह रहे हैं कि परिवार का कार्यक्रम था, पारिवारिक आयोजन का था, वीडियो की पुष्टि करना चाहिए थे तो पुष्टि तो आप खुद कर रहे हो, हम क्या करें। अगर उमेश शर्मा अपना स्तर गिराकर भाजपा के साथ सीएमएचओ के भी प्रवक्ता भी बन गए हैं तो उनको बताना चाहिए कि वीडियो किस आयोजन का था। कहां हुआ था। किस दिनांक को हुआ था। कौन कौन इसमें सम्मिलित हुए थे। परिवार का आयोजन था तो परिवार के फोटो वीडियो भी होंगे, वो बताइए। वरना हम बता देंगे कि आयोजन किस फॉर्म हाउस का था, कहां का था, कौन इसमें शामिल था, किस दिनांक का था। वो कह रहे हैं कि कांग्रेस झूठ परोसने का काम करती है तो मैं कहना चाहूंगा कि हमने तो सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का उपयोग किया। आप कह रहे हो कि वीडियो की जांच करेंगे तो आप भाजपा के प्रवक्ता हो सरकार के नहीं, आपको कोई अधिकार नहीं जांच करने का। पार्टी का दायित्व निभाओ। अधिकारी खुद आकर अपनी सफाई दे। इस तरह का आचरण सार्वजनिक सेवा में कदाचरण की श्रेणी में आता है।
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यह है पूरा मामला
दरअसल सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें इंदौर के सीएमएचओ डॉ. बीएस सैत्या के हाथ में गिलास है और वे 'बसपन का प्यार' गाने के संगीत पर थिरकते हुए दिख रहे हैं। कांग्रेस नेता नरेंद्र सलूजा ने यह वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि 'जब इंदौर में दो हजार से अधिक कोरोना के केस रोज निकल रहे हैं। ऐसे में निश्चिंत होकर कोई अधिकारी कैसे इस तरह का काम कर सकता है। बगैर मास्क के, नाइट कर्फ़्यू के दौरान, शराब का गिलास हाथ में लेकर ठुमके लगा रहे यह अधिकारी शायद शिवराज सरकार की नई शराब नीति का स्वागत कर, ख़ुशी का इजहार कर रहे हैं…'सलूजा का इशारा नई आबकारी नीति की ओर था, जिसे दो दिन पहले ही मध्य प्रदेश कैबिनेट ने मंजूरी दी है। सलूजा का दावा है कि वीडियो पार्टी में शामिल एक शख्स ने उन्हें उपलब्ध कराया है। सीएमएचओ सैत्या ने कहा कि शनिवार को मेरे बच्चे बाहर से आए थे। उसी की पार्टी रखी थी। मैं शराब नहीं पीता। किसी ने जान-बूझकर यह वीडियो वायरल किया है।
