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इंदौर: फर्जी ऋण पुस्तिका कोर्ट में पेश कर करवा देते थे जमानत, 20 जिलों के तहसीलदारों की सील भी बनवा ली, चार आरोपी गिरफ्तार
Sat, 26 Feb 2022 05:18 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Sat, 26 Feb 2022 05:18 PM IST
सार
इंदौर क्राइम ब्रांच ने नकली जमानतदारों को पकड़ा है। इनके पास से नकली ऋण पुस्तिकाएं जब्त की गई हैं। आरोपियों ने मप्र के 20 जिलों के राजस्व अधिकारियों के नाम व पद की सीलें बनवा रखी थी। इसके आधार पर जमानत करवाते थे।
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आरोपियों के पास से जब्त रबर की मोहरें।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
क्राइम ब्रांच ने ऐसे शातिर बदमाशों को पकड़ा है जो फर्जी ऋण पुस्तिका बनाकर लोगों की जमानत करवाते थे। इनके पास नकली ऋण पुस्तिका रहती थी जिन पर जमानतदारों के नाम लिखे रहते थे। इतना ही नहीं 20 जिलों के राजस्व अधिकारियों के नाम व पद की सील भी बना लेते थे।
दरअसल, क्राइम ब्रांच की टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सिख मोहल्ले में फर्जी जमानत देने के लिए चार लोग घूम रहे हैं। पुलिस पहुंची और इनको हिरासत में लिया। इनके नाम करण पिता दीपक चावड़ा (19) निवासी द्वारकापुरी, प्रकाश पिता बलवंत (60) निवासी ग्राम मुंडली तराना, उज्जैन, रमेश पिता स्व. गंगाराम (50) निवासी संत रविदास नगर आवास नगर देवास और कैलाश पिता बद्रीप्रसाद प्रजापत (48) निवासी सांवेर रोड इंदौर है। आरोपियों की तलाशी लेने पर उनके पास से करीब एक हजार खाली ऋण पुस्तिका, जमानतदारों के नाम लिखी करीब 80 ऋण पुस्तिका एवं विभिन्न जिलों के तहसीलदारों की कार्यालीन रबर की 80 मोहरें व अन्य सामान मिला।
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दरअसल, क्राइम ब्रांच की टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सिख मोहल्ले में फर्जी जमानत देने के लिए चार लोग घूम रहे हैं। पुलिस पहुंची और इनको हिरासत में लिया। इनके नाम करण पिता दीपक चावड़ा (19) निवासी द्वारकापुरी, प्रकाश पिता बलवंत (60) निवासी ग्राम मुंडली तराना, उज्जैन, रमेश पिता स्व. गंगाराम (50) निवासी संत रविदास नगर आवास नगर देवास और कैलाश पिता बद्रीप्रसाद प्रजापत (48) निवासी सांवेर रोड इंदौर है। आरोपियों की तलाशी लेने पर उनके पास से करीब एक हजार खाली ऋण पुस्तिका, जमानतदारों के नाम लिखी करीब 80 ऋण पुस्तिका एवं विभिन्न जिलों के तहसीलदारों की कार्यालीन रबर की 80 मोहरें व अन्य सामान मिला।
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आरोपियों के पास से जब्त की गई नकली ऋण पुस्तिकाएं।
- फोटो : अमर उजाला
गिरोह का सरगना करण है। वह करीब 10 सालों से नकली जमानतदार न्यायालय में पेश करने का काम कर रहा है। पूर्व में इसके विरुद्ध इंदौर के थानों में उक्त संबंध मे प्रकरण दर्ज हैं। आरोपी करण ने पुलिस को बताया कि वह प्रकाश चावड़ा का भतीजा है और अपने चाचा के साथ मिलकर नकली जमानतदार न्यायालय में पेश करता था। चाचा प्रकाश फर्जी जमानतदार के अपराध में पूर्व में भी पकड़ा गया था। आरोपियों ने तहसील कार्यालय की भी कई प्रकार की रबर एवं स्टील की सील जैसे की तहसील धार जिला धार , तहसील महिदपुर जिला धार, तहसील टोंकखुर्द, जिला देवास ,तहसील देपालपुर जिला इंदौर, तहसील घट्टिया जिला उज्जैन, तहसील बोलाई जिला शाजापुर, तहसील अंबेडकर नगर जिला इंदौर, तहसील तराना जि.उज्जैन, तहसील गुलाना जिला शाजापुर, तहसील हातोद जिला इन्दौर,तहसील रतलाम जि.रतलाम, तहसील देवास जिला देवास, तहसील इंदौर जिला इंदौर, तहसील कन्नौद जिला देवास, तहसील सोनकच्छ जिला देवास, तहसील, नागदा जिला उज्जैन, तहसील उज्जैन जिला उज्जैन, तहसील महिदपुर जिला उज्जैन, तहसील सांवेर जिला इंदौर, तहसील महू जिला इंदौर, कार्यालय तहसीलदार महू जिला इंदौर की रबर की सीलें इनके पास से मिली हैं। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
