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इंदौर: कर्ज लेकर इलाज कराया पर डेढ़ साल के बेटे को बचा न सका, तनाव में सिपाही ने लगा ली फांसी
Mon, 14 Feb 2022 04:15 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Mon, 14 Feb 2022 04:15 PM IST
सार
इंदौर के परदेसीपुरा थाने में पदस्थ सिपाही सुनील सिंह सेंगर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जाता है कि डेढ़ साल के बेटे की जनवरी में मौत हो गई थी। उससे ही वह तनाव में था।
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सुनील सिंह सेंगर (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्य प्रदेश के इंदौर में एक सिपाही सुनील सिंह सेंगर ने फांसी लगा ली। सुनील के घर 2020 में जुड़वां बच्चों का जन्म हुआ था। एक बेटे की लंबे इलाज के बाद 24 जनवरी 2022 को मौत हो गई। तब से ही सुनील तनाव में था। बताया जा रहा है कि बेटे के इलाज के लिए उसने कर्ज भी लिया था। यह भी उसके सुसाइड का एक कारण बताया जा रहा है।
सुनील सिंह सेंगर इंदौर के परदेसीपुरा थाने में पदस्थ था। वह बाणगंगा थाना क्षेत्र में रघुवंशी कॉलोनी में रह रहा था। थाना प्रभारी राजेंद्र सोनी ने बताया कि सुनील सेंगर अपनी पत्नी और बेटे के साथ रघुवंशी कॉलोनी में रहता था। सोमवार सुबह पत्नी ने ही सबसे पहले सुनील की लाश देखी। उसने फांसी लगा ली थी। सुनील मूल रूप से रीवा का रहने वाला था। सुनील के रिश्तेदार अनूप के मुताबिक उसके यहां अगस्त 2020 में जुड़वां बेटे हुए थे। आयुष और अथर्व इनके नाम रखे थे। अथर्व को ब्रेन में इंफेक्शन था। छह महीने का होने पर उसे उल्टियां होना शुरू हुई तो चाइल्ड स्पेशलिस्ट को दिखाया। कई अस्पतालों में इलाज चला, पर कोई फायदा नहीं हुआ। डॉक्टरों ने सर्जरी की सलाह दी थी, जिसमें भारी खर्च हुआ था। उसके बाद भी इंफेक्शन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था। 24 जनवरी को अथर्व की मौत हो गई। इसके बाद से सुनील तनाव में था।
परिवार में हो रही है असामयिक मौतें
सुनील के माता-पिता की कई साल पहले असामयिक मौत हुई थी। सुनील के पिता की मौत के बाद उसके बड़े भाई अनिल को अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। अनिल की भी 2013 में मौत हो गई। इसके बाद सुनील को अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। अब बेटे और सुनील की मौत भी असामयिक हुई है। बेटे की मौत के बाद से सुनिल तनाव में था।
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सुनील सिंह सेंगर इंदौर के परदेसीपुरा थाने में पदस्थ था। वह बाणगंगा थाना क्षेत्र में रघुवंशी कॉलोनी में रह रहा था। थाना प्रभारी राजेंद्र सोनी ने बताया कि सुनील सेंगर अपनी पत्नी और बेटे के साथ रघुवंशी कॉलोनी में रहता था। सोमवार सुबह पत्नी ने ही सबसे पहले सुनील की लाश देखी। उसने फांसी लगा ली थी। सुनील मूल रूप से रीवा का रहने वाला था। सुनील के रिश्तेदार अनूप के मुताबिक उसके यहां अगस्त 2020 में जुड़वां बेटे हुए थे। आयुष और अथर्व इनके नाम रखे थे। अथर्व को ब्रेन में इंफेक्शन था। छह महीने का होने पर उसे उल्टियां होना शुरू हुई तो चाइल्ड स्पेशलिस्ट को दिखाया। कई अस्पतालों में इलाज चला, पर कोई फायदा नहीं हुआ। डॉक्टरों ने सर्जरी की सलाह दी थी, जिसमें भारी खर्च हुआ था। उसके बाद भी इंफेक्शन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था। 24 जनवरी को अथर्व की मौत हो गई। इसके बाद से सुनील तनाव में था।
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परिवार में हो रही है असामयिक मौतें
सुनील के माता-पिता की कई साल पहले असामयिक मौत हुई थी। सुनील के पिता की मौत के बाद उसके बड़े भाई अनिल को अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। अनिल की भी 2013 में मौत हो गई। इसके बाद सुनील को अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। अब बेटे और सुनील की मौत भी असामयिक हुई है। बेटे की मौत के बाद से सुनिल तनाव में था।
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