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Indore Crime News: ऐसे भी होते हैं चोर जो डिमांड पर करते हैं चोरी...कभी स्पोर्ट्स बाइक से जाते तो कभी बस से, डेढ़ साल में चुराई सैकड़ों बाइक
Sat, 15 Jan 2022 01:27 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Sat, 15 Jan 2022 01:27 PM IST
सार
इंदौर पुलिस ने एक ऐसी गैंग पकड़ी है जो डिमांड के आधार पर बाइक की चोरी करती थी। जैसी डिमांड मिलती उसी तरह की बाइक चोरी की जाती। स्पोर्ट्स बाइक से चोरी करने जाते थे और कभी पूरी बाइक पांच से सात हजार में बेचते थे तो कभी उसके पार्ट्स का सौदा करते थे।
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चोरी की बाइक छिपाने के ठिकाने पर तस्दीक करती पुलिस
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
वाहन चोरी के अब तक कई तरह के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन इंदौर पुलिस ने एक ऐसी गैंग पकड़ी है जो डिमांड के आधार पर बाइक की चोरी करती थी। जैसी डिमांड मिलती उसी तरह की बाइक चोरी की जाती। स्पोर्ट्स बाइक से चोरी करने जाते थे और कभी पूरी बाइक पांच से सात हजार में बेचते थे तो कभी उसके पार्ट्स का सौदा करते थे। ये गिरोह डेढ़ साल में सैकड़ों बाइक चुरा चुका है।
जानकारी के मुताबिक विजय नगर, लसूडिया, खजराना, तिलक नगर थाना क्षेत्र में हो रही बाइक चोरी के मामले में पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने अधीनस्थ अधिकारियों को प्लान बनाकर कार्रवाई के निर्देश दिए। टीम बनाकर इसका काम शुरू किया। क्षेत्र में हो रही बाइक चोरी के स्पॉट चिन्हित कर तकनीकी तथा मुखबिरों के आधार पर बाइक चोरी करने वालों व उनके ठिकानों, आने-जाने के रास्तों के बारे में पता किया गया।
जानकारी मिली कि इस क्षेत्र में बाइक चोरी देवास जिले के पीपलरावां कुमारिया क्षेत्र के अपराधियों द्वारा की जा रही है। इनकी घेराबंदी के लिए टीम बनाई और आने-जाने के रास्तों पर रैकी की गई। इसी दौरान दो बाइक पर चार लोग आते दिखे। पुलिस ने रोकना चाहा तो भागे और हथियार लहराने लगे। बाद में पुलिस ने पीछा किया। भागने के कारण दोनों बाइक आपस में टकरा गई और एक युवक नीचे गिर गया। पुलिस ने इसे पकड़ा। इसका नाम सचिन पिता भरत कंजर निवासी पीपलरावां (देवास) है। वह गिरोह का सरगना है। उसने अपने साथियों के नाम राजा, अजय व अन्य बताए। इनके साथ मिलकर ही वह विजय नगर, लसुडिया क्षेत्र से बाइक चुराता था। आरोपी से बाइक चोरी के बारे में पूछताछ की गई और उसकी निशानदेही पर आरोपियों के ठिकानों तथा बाइक छिपाने के अड्डों पर दबिश दी गई। बाइक छिपाने में सहयोग करने वाले योगेश पिता यशवंत कंजर निवासी पीपलरावां को भी गिरफ्तार किया।
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गड्ढों में छिपाते थे चोरी की बाइक
पुलिस जब बाइक छिपाने के अड्डे पर पहुंची तो हैरान हो गई। यहां झाड़ियों के बीच गड्ढों में चोरी की बाइक छिपाई जाती थी। आरोपी से अब तक 12 बाइक जब्त की गई है। गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ ही बाइक छिपाने, काटने व बेचने-खरीदने वालों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। इस गिरोह के कुछ सदस्य अब भी फरार है। पुलिस का मानना है कि यदि सदस्य पकड़े जाते हैं तो बड़ी जानकारी हाथ लग सकती है। इसी तरह बेचने वाले और खरीदारों को भी पकड़ा जाएगा।
जैसी डिमांड होती वैसी बाइक चुराते
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपी ने बताया है कि डिमांड पर बाइक चोरी करते थे। जिस कंपनी की बाइक के बारे में बताया जाता था उसे चुराते थे। कभी स्पोर्ट्स बाइक से चोरी करने जाते तो कभी बस या कार से जाते। डेढ़ साल में सैकड़ों बाइक चुराई है। चुराने के बाद बाइक को मैकेनिक के पास ले जाते और पांच से सात हजार रुपये में उसके पार्ट्स बेच देते थे। कभी-कभी पूरी बाइक इसी दाम में बेच देते थे। इस गिरोह के सदस्य इंदौर के अलावा भोपाल से भी बाइक चुराते थे। सभी लोग एक-दूसरे को कोड वर्ड से पुकारते थे।
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जानकारी के मुताबिक विजय नगर, लसूडिया, खजराना, तिलक नगर थाना क्षेत्र में हो रही बाइक चोरी के मामले में पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने अधीनस्थ अधिकारियों को प्लान बनाकर कार्रवाई के निर्देश दिए। टीम बनाकर इसका काम शुरू किया। क्षेत्र में हो रही बाइक चोरी के स्पॉट चिन्हित कर तकनीकी तथा मुखबिरों के आधार पर बाइक चोरी करने वालों व उनके ठिकानों, आने-जाने के रास्तों के बारे में पता किया गया।
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जानकारी मिली कि इस क्षेत्र में बाइक चोरी देवास जिले के पीपलरावां कुमारिया क्षेत्र के अपराधियों द्वारा की जा रही है। इनकी घेराबंदी के लिए टीम बनाई और आने-जाने के रास्तों पर रैकी की गई। इसी दौरान दो बाइक पर चार लोग आते दिखे। पुलिस ने रोकना चाहा तो भागे और हथियार लहराने लगे। बाद में पुलिस ने पीछा किया। भागने के कारण दोनों बाइक आपस में टकरा गई और एक युवक नीचे गिर गया। पुलिस ने इसे पकड़ा। इसका नाम सचिन पिता भरत कंजर निवासी पीपलरावां (देवास) है। वह गिरोह का सरगना है। उसने अपने साथियों के नाम राजा, अजय व अन्य बताए। इनके साथ मिलकर ही वह विजय नगर, लसुडिया क्षेत्र से बाइक चुराता था। आरोपी से बाइक चोरी के बारे में पूछताछ की गई और उसकी निशानदेही पर आरोपियों के ठिकानों तथा बाइक छिपाने के अड्डों पर दबिश दी गई। बाइक छिपाने में सहयोग करने वाले योगेश पिता यशवंत कंजर निवासी पीपलरावां को भी गिरफ्तार किया।
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गड्ढों में छिपाते थे चोरी की बाइक
पुलिस जब बाइक छिपाने के अड्डे पर पहुंची तो हैरान हो गई। यहां झाड़ियों के बीच गड्ढों में चोरी की बाइक छिपाई जाती थी। आरोपी से अब तक 12 बाइक जब्त की गई है। गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ ही बाइक छिपाने, काटने व बेचने-खरीदने वालों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। इस गिरोह के कुछ सदस्य अब भी फरार है। पुलिस का मानना है कि यदि सदस्य पकड़े जाते हैं तो बड़ी जानकारी हाथ लग सकती है। इसी तरह बेचने वाले और खरीदारों को भी पकड़ा जाएगा।
जैसी डिमांड होती वैसी बाइक चुराते
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपी ने बताया है कि डिमांड पर बाइक चोरी करते थे। जिस कंपनी की बाइक के बारे में बताया जाता था उसे चुराते थे। कभी स्पोर्ट्स बाइक से चोरी करने जाते तो कभी बस या कार से जाते। डेढ़ साल में सैकड़ों बाइक चुराई है। चुराने के बाद बाइक को मैकेनिक के पास ले जाते और पांच से सात हजार रुपये में उसके पार्ट्स बेच देते थे। कभी-कभी पूरी बाइक इसी दाम में बेच देते थे। इस गिरोह के सदस्य इंदौर के अलावा भोपाल से भी बाइक चुराते थे। सभी लोग एक-दूसरे को कोड वर्ड से पुकारते थे।
