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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore News: The ticket of Yuvraj's wife with criminal image was cut, voice raised in protest - does Swati have no existence of her own

Indore News: आपराधिक छवि वाले युवराज की पत्नी का टिकट कटा, विरोध में उठी आवाज-क्या स्वाति का खुद का कोई वजूद नहीं

Sat, 18 Jun 2022 10:10 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा Updated Sat, 18 Jun 2022 10:10 PM IST
सार

भाजपा ने इंदौर में वार्ड 56 से प्रत्याशी बनाई गई स्वाति काशिद पति युवराज उस्ताद का टिकट बदल दिया। इसके बाद सोशल मीडिया पर विरोध होने लगा। कहा जाने लगा कि पति आपराधिक पृष्ठभूमि का है तो पत्नी का टिकट काटना कितना सही है।  

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Indore News: The ticket of Yuvraj's wife with criminal image was cut, voice raised in protest - does Swati have no existence of her own
पति युवराज के साथ स्वाति काशिद - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पार्षदों के टिकट वितरण के बाद भाजपा में असंतोष बढ़ता जा रहा है। पहले महापौर प्रत्याशी तय करने में खींचतान हुई तो बाद में पार्षद उम्मीदवारों के चयन में उलझन बढ़ गई। जैसे-तैसे भाजपा ने पार्षद प्रत्याशी तय कर दिए मगर समस्या खत्म नहीं हुई। अब टिकट बदलना पड़ रहे हैं। पहले वार्ड 56 से युवराज उस्ताद की पत्नी स्वाति काशिद को टिकट दिया था लेकिन शिकायत के बाद इसे हटाकर गजानन गावड़े को टिकट दिया। हालांकि स्वाति का टिकट बदलने के बाद अब विरोध के स्वर भी उठने लगे हैं। इसी तरह एक अन्य टिकट भी बदले जाने की चर्चा चल रही है। कहा जा रहा है कि वार्ड 21 से गणेश गोयल को भाजपा ने प्रत्याशी बनाया है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
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जानकारी के मुताबिक भाजपा ने 85 वार्डों की जो सूची जारी की थी उसमें वार्ड 56 से स्वाति काशिद पति युवराज उस्ताद को टिकट दिया था। इस नाम पर बवाल मचा तो आनन फानन में भाजपा ने टिकट बदला और गजानन गावड़े को प्रत्याशी बनाया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने बयान जारी कर कहा कि भाजपा आपराधिक पृष्ठभूमि के पारिवारिक सदस्यों को भी टिकट नहीं देती। स्वाति काशिद के बारे में हमें पता चला कि उनके पति और परिवार की पृष्ठभूमि आपराधिक है। इसलिए पार्टी वार्ड 56 से दूसरे प्रत्याशी को टिकट दिया जाएगा। बता दें कि युवराज काशिद उर्फ युवराज उस्ताद और उसकी गैंग पर अवैध वसूली और विवादित प्रॉपर्टी के केस निपटाने के आरोप हैं। युवराज उस्ताद पर जीतू ठाकुर की हत्या का केस भी दर्ज था लेकिन पिछले दिनों कोर्ट ने बरी कर दिया। युवराज उस्ताद पर आरोप था कि उसने अपने पिता और मजदूर यूनियन नेता विष्णु उस्ताद की हत्या का बदला लेने के लिए जीतू ठाकुर की हत्या का षड्यंत्र रचा था, लेकिन यह आरोप कोर्ट में साबित नहीं हो सका। तर्क रखा गया था कि घटना के दो दिन पहले से वह महाराष्ट्र की बीड़ जेल में एक अन्य मामले में बंद था। घटना के कई दिन बाद तक भी वह जेल में बंद रहा था। ऐसी स्थिति में वह हत्या के षड्यंत्र में शामिल नहीं हो सकता। इसी तरह माफिया अभियान के दौरान पुलिस ने युवराज के घर दबिश भी दी थी। 
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सोशल मीडिया पर वायरल हुई पोस्ट
यह सब चल ही रहा था कि स्वाति का टिकट काटने का विरोध भी शुरू हुआ। सोशल मीडिया पर इसे लेकर पोस्ट वायरल हुई। इसमें लिखा कि पार्षद पद के लिए स्वाति काशिद को टिकट दिया गया था। भाजपा ने टिकट वापस ले लिया। कारण यह कि स्वाति काशिद के पति युवराज उस्ताद पर आपराधिक प्रकरण चल रहे हैं। पति पर भी फैसला अभी आना बाकी। पर किसी महिला के पति पर कोई आपराधिक प्रकरण चल रहा है इसलिए उस महिला का टिकट काटा जाना क्या सही फैसला है। क्या इस महिला यानी स्वाति काशिद का अपना कोई वजूद नहीं रहना चाहिए। क्या मंत्री और दूसरे सांसदों के टिकट इसलिए कभी काटे गए कि उनका बेटा किसी मामले में अपराधी है। व्यक्तिगत तौर पर मैं युवराज उस्ताद या  उनके परिवार में किसी को भी नहीं जानता पर प्रोफाइल देखने के बाद टिकट काटने के फैसले पर  कई सवाल उठे।  जो भी लोग  उनके पति के आपराधिक प्रकरणों को लेकर सवाल उठा रहे हैं उन्हें एक बार स्वाति काशिद की पढाई, उनकी योग्यता को भी देखना चाहिए। कोई भी राय बनाने से पहले एक नजर असलियत पर भी डालनी चाहिए। जितनी शिक्षित स्वाति काशिद हैं उतना तो दोनों दलों के मेयर प्रत्याशी भी नहीं। इसके बाद इसी पोस्ट में स्वाति काशिद की शैक्षणिक योग्यता और अन्य योग्यताओं का उल्लेख किया गया। स्वाति एडवोकेट है।  देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के इंदौर इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ  से एलएलबी, एलएलएम किया है। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय औरंगाबाद से एमए अंग्रेजी किया है। शिक्षिका और प्राचार्य के रूप में स्कूलों में सेवाएं दी। सर्व मराठी भाषी सोश्यल एन्ड कल्चरल सोसायटी इंदौर की अध्यक्ष, सद्गुरु योगीराज संत श्री शीलनाथ जी महाराज धुनी ट्रस्ट, कार्यकारी अध्यक्ष, इंदौर से पंढरपुर दिंडी यात्रा आयोजन समिति की अध्यक्ष,  मां अहिल्या सांस्कृतिक मंडल सार्वजनिक गणेशोत्सव एवं नवदुर्गा उत्सव का आयोजन,  श्री स्वर ध्वज पथक इंदौर की अध्यक्ष, माऊली न्यास सचिव आदि पदों पर रहीं।कई सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहतीं हैं। सबसे कम उम्र में प्रिंसिपल बनने हेतु सर्वोच्च अचीवमेंट अवार्ड जालना महाराष्ट्र द्वारा दिया गया। सामाजिक मानव सेवा के क्षेत्र में सो सुशीलाबाई शिंदे शैक्षणिक एवं पारमार्थिक न्यास से सम्मानित
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राष्ट्रीय खिलाड़ी वालीबॉल, पुणे डिवीजन। राज्य स्तरीय बास्केटबॉल खिलाड़ी महाराष्ट्र। इस तरह की अन्य उपलब्धियों का पोस्ट में जिक्र किया गया, जिसे लेकर चर्चाएं चल रही हैं। 
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