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Indore News: विधवा महिला का मकान हड़पने वाले डॉक्टर पर करवाई एफआईआर, कलेक्टर की पहल पर महिला को मिली संपत्ति
Sat, 04 Jun 2022 07:31 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Sat, 04 Jun 2022 07:31 PM IST
सार
कलेक्टर मनीष सिंह की पहल पर विधवा महिला को संपत्ति मिली। एक डॉक्टर ने संपत्ति पर कब्जा कर लिया था। प्रशासन तक शिकायत पहुंची तो डॉक्टर पर कार्रवाई हुई और महिला को संपत्ति दिलवाई।
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पीड़ित महिला को प्रशासन ने दिलवाया न्याय
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
कलेक्टर मनीष सिंह की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा एक संवेदनशील पहल की गई है। भंवरकुआं थाना क्षेत्र के भोलाराम उस्ताद मार्ग स्थित एक मकान को विधवा महिला से किराये पर लेकर उसे हड़पने वाले डॉक्टर के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। इस डॉक्टर से संपत्ति को वापस लेकर खाली कराया गया तथा उसका कब्जा लिया गया।
एसडीएम अंशुल खरे ने बताया कि कलेक्टर मनीष सिंह को पिछले दिनों जनसुनवाई में एक बुजुर्ग विधवा महिला भगवंती बाई ने शिकायत की थी। महिला ने बताया था कि एक मकान उसने क्षेत्र के डॉक्टर अनिल घई को किराये पर दिया था। कुछ समय किराया देने के बाद उसने किराया देना बंद कर दिया और उस पर लगभग 20 लाख रुपये बकाया हो गए। बार-बार बकाया राशि मांगने पर भी उसने यह राशि नहीं दी। उसके द्वारा हमेशा से अभद्र व्यवहार किया जाता रहा है। बताया गया है कि इस डॉक्टर के विरुद्ध भंवरकुआं थाना क्षेत्र में प्रकरण दर्ज है। साथ ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में भी विभिन्न शिकायतों में जांचे लंबित हैं। खरे ने बताया कि जनसुनवाई में कलेक्टर मनीष सिंह द्वारा दिए गए निर्देशानुसार भाड़ा नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया। सुनवाई कर आदेश पारित किया गया। इस आदेश के विरुद्ध उक्त डॉक्टर हाईकोर्ट में गए। हाई कोर्ट ने भी एसडीएम का आदेश यथावत रखा। इस आदेश के तहत शनिवार को जिला प्रशासन के अमले ने कार्रवाई करते हुए विवादित मकान को इस डॉक्टर से मुक्त करवाया और संपत्ति पीड़ित भगवंती बाई को सौंपी।
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एसडीएम अंशुल खरे ने बताया कि कलेक्टर मनीष सिंह को पिछले दिनों जनसुनवाई में एक बुजुर्ग विधवा महिला भगवंती बाई ने शिकायत की थी। महिला ने बताया था कि एक मकान उसने क्षेत्र के डॉक्टर अनिल घई को किराये पर दिया था। कुछ समय किराया देने के बाद उसने किराया देना बंद कर दिया और उस पर लगभग 20 लाख रुपये बकाया हो गए। बार-बार बकाया राशि मांगने पर भी उसने यह राशि नहीं दी। उसके द्वारा हमेशा से अभद्र व्यवहार किया जाता रहा है। बताया गया है कि इस डॉक्टर के विरुद्ध भंवरकुआं थाना क्षेत्र में प्रकरण दर्ज है। साथ ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में भी विभिन्न शिकायतों में जांचे लंबित हैं। खरे ने बताया कि जनसुनवाई में कलेक्टर मनीष सिंह द्वारा दिए गए निर्देशानुसार भाड़ा नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया। सुनवाई कर आदेश पारित किया गया। इस आदेश के विरुद्ध उक्त डॉक्टर हाईकोर्ट में गए। हाई कोर्ट ने भी एसडीएम का आदेश यथावत रखा। इस आदेश के तहत शनिवार को जिला प्रशासन के अमले ने कार्रवाई करते हुए विवादित मकान को इस डॉक्टर से मुक्त करवाया और संपत्ति पीड़ित भगवंती बाई को सौंपी।
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