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इंदौर सांसद का इंटरव्यू: सफाई में पंच लगाया, जल प्रबंधन का अवार्ड जीता, अब देश की स्टार्टअप कैपिटल बनाने की तैयारी

Mon, 28 Mar 2022 04:33 PM IST
Dinesh Sharma दिनेश शर्मा
Updated Mon, 28 Mar 2022 04:33 PM IST
सार

इंदौर की राजनीति का अलग ही चेहरा रहे लालवानी ने अमर उजाला के साथ खास बातचीत की है। उनका कहना है कि इंदौर के चौतरफा विकास के लिए काम कर रहे हैं। 

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Indore MP's dream: After putting a punch in cleanliness, now beating Bangalore and making Indore the startup capital
इंदौर सांसद शंकर लालवानी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश में सफाई में नंबर वन शहर इंदौर के सांसद शंकर लालवानी, जिनके कार्यकाल में इंटरनेशनल उड़ानें शुरू हुईं। जो इंदौर को नई पहचान दिलाना चाहते हैं, चाहे वो स्टार्टअप कैपिटल के रूप में हो, चाहे वो पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन में क्रांति लाने को लेकर हो। इंदौर की राजनीति का अलग ही चेहरा रहे लालवानी ने अमर उजाला के साथ खास बातचीत की है। उनका कहना है कि इंदौर के चौतरफा विकास के लिए काम कर रहे हैं। वाटर मैनेजमेंट में मंगलवार को राष्ट्रपति से पुरस्कार मिलने वाला है।
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ताई इंदौर में 30 साल तक सांसद रहीं, उसके बाद आपको मौका मिला, क्या चैलेंज आपके सामने थे?
लालवानी
- चैलेंज तो पार्लियामेंट को समझने का रहा। वर्किंग में तो कोई दिक्कत नहीं रही। शहर में इतने साल से काम कर ही रहा हूं। तीन बार पार्षद रहा, शहर भाजपा का अध्यक्ष, विकास प्राधिकरण का चेयरमैन रहा हूं तो ग्राउंड लेवल पर काम को लेकर कोई दिक्कत नहीं हुई। पार्लियामेंट समझने में, उसकी प्रोसिजर समझने में जरूर 6-7 महीने लग गए। हालांकि अभी भी सीख ही रहा हूं। सांसद बनने से पहले हम लोकल लेवल ही सक्रिय थे, वहां गए तो ब्रॉड लेवल पर देखने का मौका मिला। पूरा देश की बातें सुनने को मिलीं, उसे फेस करना जरूर एक चैलेंज रहा।
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सांसद बनने के बाद आपने प्राथमिकताएं क्या तय की थीं?
लालवानी-
हम सभी की एक ही मंशा है कि इंदौर और आगे बढ़े। इसके लिए हम ईको सिस्टम की तरह काम कर रहे हैं। हम स्वच्छता में नंबर वन आ गए। प्रदूषण कम करने की कोशिश कर रहे हैं। वेस्ट वाटर को रिसाइकल करने के लिए हम काम कर रहे हैं। नदी नाले के रूप में थीं, उसे फिर से नदियों में बदलने की कोशिश जारी है। वाटर मैनेजमेंट में मंगलवार को राष्ट्रपति से पुरस्कार मिलने वाला है। इसके साथ-साथ जो ईको सिस्टम में डेवलपमेंट हुआ, इन्फ्रास्ट्रक्चर जो खास है शहर के विकास के लिए।
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शहर के विकास के लिए आपके हिसाब से क्या जरूरी होता है?
लालवानी-
किसी भी शहर के विकास के लिए दो-तीन चीजें जरूरी हैं। इन्फ्रास्ट्रक्चर अच्छा होना चाहिए, सड़कें अच्छी होना चाहिए, कनेक्टिविटी अच्छी होना चाहिए। हमारी रोड कनेक्टिविटी, रेल कनेक्टिविटी भी तेजी से बढ़ रही है। इस बार रेल के लिए बजट में भी काफी अच्छा पैसा मिला है। तीसरा एयर कनेक्टिविटी, मेरे कार्यकाल में अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट शुरू हुई। ये बड़ी उपलब्धि थी। इसके साथ-साथ कनेक्टिविटी 100 के पार हुई है। इसके साथ ही मेट्रो का काम भी तेजी से चल रहा है। सीएनजी में हमने डेढ़ साल में बहुत तेजी से काम किया है। सीएनजी के प्लांट का प्रधानमंत्री जी ने लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री जी कहते हैं कि देश तभी आगे बढ़ेगा, जब शहर आगे बढ़ेंगे। उसी मंशा पर हम क्या बेहतर कर सकते हैं, उसी के लिए प्रयासरत हैं।
 
इंदौर में नया क्या कर रहे हैं आप?
लालवानी-
स्टार्टअप को लेकर हमने बहुत काम किया है। इंदौर को हम स्टार्टअप कैपिटल बनाना चाहते हैं। उसके लिए जो भी ईको सिस्टम चाहिए, उसे बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री जी ने भी पॉलिसी बनाई है। पॉलिसी इंदौर से ही लांच करने वाले हैं। मैंने स्टार्टअप को लेकर 500 लोगों को मीटिंग सीएम से करवाई थी। हम नई पॉलिसी भी कर रहे हैं। हमारे यहां से करीब 50 स्टार्टअप दुबई एक्पो में गए हैं। जिनको फ्री स्पेस मिला है, अपने स्टार्टअप दिखाने का केंद्र सरकार के माध्यम से। आईटी के क्षेत्र में नई पॉलिसी भी आ रही है। हमने सुझाव भी दिए हैं। इस क्षेत्र में हम काम कर रहे हैं।
हम अंतरराष्ट्रीय स्तर की सब्जी मंडी बना रहे हैं। उसकी प्लानिंग शुरू कर दी है। यहां से बहुत सारे गुड्स विदेशों तक जाते हैं। नेशनल कार्गों शुरू किया है। अब इंटरनेशनल कार्गो शुरू करने वाले हैं। कुछ दिन पहले बस स्टैंड का उद्घाटन किया है। दो और बस स्टैंड बन रहे हैं।
 
सफाई में नंबर वन हैं हम, ट्रैफिक उतना ही खराब बताया जाता है शहर का?
लालवानी-
जी, सही कह रहे हैं ट्रैफिक को लेकर परेशानी है। हम इस भी लगातार काम कर रहे हैं। हाल ही में तीन बार मीटिंग की है। इसमें नेशनल लेवल के एक्सपर्ट को बुलाया था। दिल्ली की एक सर्वे टीम आई हुई है। जो काम कर रही है। इसे लेकर मास्टर प्लान बना रहे हैं। उसमें शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म, लांग टर्म तीन प्लान शामिल कर रहे हैं। शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म के जो प्लान हैं, उसके हिसाब से हमने काम शुरू किया है। ब्रिजेस के टेंडर शुरू हो गए हैं। पांच ब्रिज नेशनल हाईवे की तरफ से बनने हैं। माननीय नितिन गडकरी ने इंदौर के लिए स्वीकृत किए थे, उसके टेंडर भी हो गए हैं। एकसाथ पांच ब्रिज शहर के आउटर एरिए में बन रहे हैं। शहर के अंदर इंदौर विकास प्राधिकरण की तरफ से ब्रिज बना रहे हैं। ये तो था मीडियम टर्म। शॉर्ट टर्म में हमने जो रोड चौड़ी करने की बात कर रहे हैं, लेफ्ट टर्न की बात कर रहे हैं, पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ाने को लेकर 403 सीएनजी बसें शुरू करने वाले हैं। हम चाहते हैं कि पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन बढ़े। केबल कार का सर्वे शुरू हो गया है।  जहां मेट्रो नहीं जा सकती, वहां केबल कार्य शुरू करेंगे। इस प्रकार की योजनाओं और सर्वे का काम चल रहा है।
 
सड़कें चौड़ी होने से क्या ट्रैफिक समस्या का हल निकल सकता है?
लालवानी-
शहर की लगभग सड़कें चौड़ी हो चुकी हैं। हालांकि सिर्फ सड़कें चौड़ी होने से ट्रैफिक समस्या का हल नहीं निकलेगा। क्योंकि प्रति हजार व्यक्तियों पर वाहन बिकने की संख्या इंदौर में ज्यादा है। हम सबसे बड़े क्रेता हैं दोपहिया और चौपहिया वाहनों के देश में। तो हम कितनी भी सड़कें चौड़ी कर दें, फिर भी पार्किंग की समस्या आती है। ट्रैफिक में मूवमेंट बढ़ता है। फ्लोटिंग पापुलेशन करीब तीन लाख है इंदौर के आसपास के लोगों की। सड़क चौड़ी करने का काम तो चल रहा है, कुछ का काम बाकी है। बावजूद ट्रैफिक है, बाहर की गाड़ियां हैं, यहां की भी गाड़ियां है। इसलिए बाकी विकल्प पर भी सोचना पड़ेगा। खासकर पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन, इसी पर आगे बढ़ रहे हैं।
 

Indore MP's dream: After putting a punch in cleanliness, now beating Bangalore and making Indore the startup capital
लालवानी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी भी इंदौर का उदाहरण देते रहते हैं। उनका मार्गदर्शन मिलता है। - फोटो : फाइल फोटो
रेलवे लाइन को लेकर आप कह रहे हैं कि बजट बढ़िया मिला है। इंदौर-खंडवा रेल लाइन की क्या स्थिति है?
लालवानी-
इस बार बजट काफी मिला है। काम भी तेज हुआ है। इंदौर खंडवा लाइन में महू तक हो गया है। महू से सनावद के बीच सर्वे का काम चल रहा है। क्योंकि वहां बड़े घाट हैं। जो पहले सर्वे हुआ था उसमें सामने आया था कि घाट में यात्री गाड़ी तो चल जाती है, पर मालगाड़ियां चलने के लिए दो इंजन की जरूरत होती है। जब ये सेक्शन बन जाएगा तो ये मेन ट्रेक हो जाएगा साउथ में जाने के लिए, तो इस पर ट्रैफिक बढ़ जाएगा। दो इंजन से ट्रैफिक बार-बार रुकेगा। इससे अच्छा इसकी लैंग्थ बढ़ा देते हैं, घाट का स्लोप कम कर देते हैं। इसी का सर्वे चल रहा है। सर्वे में एक साल लगेगा। लैंड वैरिफिकेशन में एक साल लगेगा। आने वाले तीन-चार साल का प्रोजेक्ट है। खंडवा से सनावद तक हो गया है। इंदौर से महू भी हो गया है। सनावद से महू के बीच काम रुका है।
 
मेट्रो लाइन को लेकर क्या अपडेट?
लालवानी-
मेट्रो लाइन का काम तेजी से चल रहा है। पहला प्रोजेक्ट 32 किलोमीटर का है, उसमें 16 किमी का काम चालू है, इसे पूरा करने के लिए अगस्त 2023 का टारगेट रखा है। शेष 16 किमी को लेकर अलायमेंट के इशू हैं। एक बार हम सब बैठक कर चुके हैं। कुछ जगह मेट्रो रूट अंडरग्राउंड है तो कुछ जगह जमीन के ऊपर है, इसके लिए बात की है।
 
मप्र में डबल इंजन सरकार है, मोदीजी भी लगातार तारीफ करते हैं शहर की। इसका कोई खास फायदा?
लालवानी-
बिलकुल इंदौर को बहुत फायदा मिला है। प्रधानमंत्री जी भी इंदौर का उदाहरण देते रहते हैं। उनका मार्गदर्शन मिलता है। इसी का नतीजा है कि हम सफाई में लगातार अच्छा कर रहे हैं। उनका आशीर्वाद मिलता रहता है। मुख्यमंत्री के सपनों का शहर है। वो भी यहां के विकास के लिए हरसंभव मदद करते हैं। 
 

Indore MP's dream: After putting a punch in cleanliness, now beating Bangalore and making Indore the startup capital
रविवार रात क्रिकेट खेलने पहुंचे सांसद शंकर लालवानी - फोटो : सोशल मीडिया
शहर में अपराध बढ़ रहे हैं। कमीश्नरी प्रणाली का असर नहीं दिख रहा, क्यों?
लालवानी-
कमीश्नरी प्रणाली का असर तो है। अभी-अभी शुरू हुई है तो पूरा असर दिखने में थोड़ा वक्त लग सकता है। पर मेरा मानना है कि असर तो है। अपराध बढ़ने के पीछे वजह हो सकती है कि लोग पुलिस पर अधिक विश्वास करने लगे हैं, उनकी मदद लेने लगे हैं। रिपोर्ट लिखाने पहुंच रहे हैं, इसलिए आपको आंकड़े बढ़े हुए दिख रहे होंगे। 
 
शहर भाजपा में मनमुटाव की खबरें आई हैं। क्या सबकुछ ठीक नहीं चल रहा?
लालवानी-
परिवार बड़ा है तो सुझाव भी आते हैं। उन पर चर्चा भी होती है। मनमुटाव जैसा कुछ नहीं है। हम काम करने बैठते हैं तो मिलकर काम करते हैं। मेरा मानना है कि प्रदेश में सबसे अच्छा संगठन है इंदौर का संगठन। इनहाउस अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तो है ही। हमारी पार्टी में प्रजातंत्र है। आप अपनी बात पार्टी में बोलना चाहते हैं तो बिलकुत बोलिए।  सब ठीक चल रहा है।
 
सिंधी समाज के लिए आपने बहुत कुछ किया है, कुछ मांग भी रखी थी?
लालवानी-
देशभर में समाज के कोई सांसद नहीं है तो सरकार के सामने जो बात आती है, खासकर नागरिकता वाला विषय है, नई यूनिवर्सिटी पर बात है। 26 जनवरी पर सबकी झांकी निकलती है पर सिंध की झांकी नहीं निकलती तो उनका कहना है कि सिंध की झांकी निकलना चाहिए। सीएए के नियम बन जाएंगे तो नागरिकता वाला और सेटल हो जाएगा। अभी भी हमने हेमू कालानी का जन्म शताब्दी समारोह दिल्ली में मनाया था। माननीय लोकसभा की अध्यक्ष आए थे। हमारे ग्रामीण प्रधान भी थे, मीनाक्षी लेखी थीं। चार-पांच मंत्री थे, अच्छा कार्यक्रम हुआ था।
 
कश्मीर फाइल्स फिल्म को लेकर कांग्रेस-भाजपा बटे हुए क्यों नजर आ रहे हैं?
लालवानी-
ये राजनीति का मुद्दा नहीं है। जो इतिहास है उसको उन्होंने सामने रखा है। इतिहास नई पीढ़ी को मालूम पड़ना चाहिए। इसमें दो मत नहीं है, कोई राजनीति नहीं होना चाहिए। वास्तविक स्थिति सामने आना चाहिए। कांग्रेस को हर चीज में राजनीति दिखती है।
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