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इंदौर: दूसरी लहर के दौरान अप्रैल में मिले थे 1800 से ज्यादा मरीज, बीते 24 घंटों में सामने आए 1852 केस..एक की मौत भी
Sun, 16 Jan 2022 12:28 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Sun, 16 Jan 2022 12:28 PM IST
सार
फरवरी माह में कोरोना के पीक पर रहने की जो आशंका जताई जा रही है वह मौजूदा हालातों के लिहाज से सही साबित होती दिख रही है। बीते 24 घंटे में इंदौर में 1852 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। 25 अप्रैल 2021 को 1841 मरीज मिले थे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
फरवरी माह में कोरोना के पीक पर रहने की जो आशंका जताई जा रही है वह मौजूदा हालातों के लिहाज से सही साबित होती दिख रही है। बीते 24 घंटे में इंदौर में 1852 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। एक्टिव मरीज नौ हजार के करीब पहुंच चुके हैं। 25 अप्रैल 2021 को 1841 मरीज मिले थे।
इंदौर में जिस तरह से कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है वह चिंताजनक है। हालात ऐसे बन रहे हैं कि एक दिन में ही मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। शनिवार रात को जारी बुलेटिन में 1852 नए मरीज मिले हैं। शुक्रवार की तुलना में देखें तो एक ही दिन में करीब 500 मरीज बढ़ गए हैं। संक्रमण दर 16.52 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। स्वास्थ्य के लिहाज से देखें तो गंभीर लक्षण किसी में नहीं है लेकिन आंकड़ों की बात करें तो स्थिति चिंताजनक ही है। इसके पहले पिछले साल अप्रैल में 1841 कोरोना पॉजिटिव मिले थे। इधर शनिवार को कोविड संक्रमण से एक मरीज की मौत भी हुई। मृतक की उम्र 62 वर्ष है। ह्रदय संबंधी बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती हुए थे, जिसके बाद कोरोना संक्रमण हुआ था। अब तक इंदौर में कोविड से 1398 मरीजों की मौत हो चुकी है।
1 से 13 फरवरी तक रहेगा कोरोना पीक पर
गौरतलब है कि मौजूदा हालातों को देखते हुए प्रशासन ने फरवरी में कोरोना के पीक पर रहने की आशंका जताई है। कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा है कि 1 से 13 फरवरी तक कोरोना पीक पर रह सकता है। इंदौर में फरवरी के पहले पखवाड़े में एक दिन में लगभग 7000 संक्रमित सामने आ सकते हैं। एक सप्ताह में कोरोना सैंपल की जांच से जो मामले सामने आए हैं उसके आधार पर ऐसा माना जा रहा है। कलेक्टर ने कहा है कि ओमिक्रॉन संक्रमण के दौरान विदेशों में 5 से 6 प्रतिशत हॉस्पिटलाइजेशन होता है, लेकिन इंदौर में पिछले सात-आठ दिनों में किए गए आकलन के अनुसार लगभग 2 प्रतिशत ही हॉस्पिटलाइजेशन है। 1 से 13 फरवरी तक एक्टिव केस की संख्या ज्यादा रह सकती है और इस दौरान हॉस्पिटलाइजेशन ज्यादा होने की संभावना है। इस दौरान पॉजिटिविटी रेट भी ज्यादा ही रहेगा। 1 से 13 फरवरी के बीच इंदौर में 7 हजार से ज्यादा लोग हॉस्पिटलाइज्ड होने की स्थिति में रह सकते हैं, परंतु यह सब मॉडल पर डिपेंड करता है। यह संख्या कम भी हो सकती है और बढ़ भी सकती है।
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उज्जैन में मिले 157 मरीज
उज्जैन की बात करें तो यहां भी कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले एक सप्ताह के आंकड़ें देखें तो सौ से अधिक मरीज मिल रहे हैं। शनिवार रात को जारी बुलेटिन के अनुसार उज्जैन में 157 नए मरीज मिले हैं। एक्टिव मरीजों की संख्या भी 954 तक पहुंच गई है। शनिवार को कोरोना पीड़ित 40 से ज्यादा मरीज स्वस्थ भी हुए। नई गाडइलाइन के अनुसार ऐसे मरीज जिनमें गंभीर लक्षण नहीं है उन्हें घर में ही सात दिन तक आइसोलेशन में रखा जा रहा है।
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इंदौर में जिस तरह से कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है वह चिंताजनक है। हालात ऐसे बन रहे हैं कि एक दिन में ही मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। शनिवार रात को जारी बुलेटिन में 1852 नए मरीज मिले हैं। शुक्रवार की तुलना में देखें तो एक ही दिन में करीब 500 मरीज बढ़ गए हैं। संक्रमण दर 16.52 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। स्वास्थ्य के लिहाज से देखें तो गंभीर लक्षण किसी में नहीं है लेकिन आंकड़ों की बात करें तो स्थिति चिंताजनक ही है। इसके पहले पिछले साल अप्रैल में 1841 कोरोना पॉजिटिव मिले थे। इधर शनिवार को कोविड संक्रमण से एक मरीज की मौत भी हुई। मृतक की उम्र 62 वर्ष है। ह्रदय संबंधी बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती हुए थे, जिसके बाद कोरोना संक्रमण हुआ था। अब तक इंदौर में कोविड से 1398 मरीजों की मौत हो चुकी है।
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1 से 13 फरवरी तक रहेगा कोरोना पीक पर
गौरतलब है कि मौजूदा हालातों को देखते हुए प्रशासन ने फरवरी में कोरोना के पीक पर रहने की आशंका जताई है। कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा है कि 1 से 13 फरवरी तक कोरोना पीक पर रह सकता है। इंदौर में फरवरी के पहले पखवाड़े में एक दिन में लगभग 7000 संक्रमित सामने आ सकते हैं। एक सप्ताह में कोरोना सैंपल की जांच से जो मामले सामने आए हैं उसके आधार पर ऐसा माना जा रहा है। कलेक्टर ने कहा है कि ओमिक्रॉन संक्रमण के दौरान विदेशों में 5 से 6 प्रतिशत हॉस्पिटलाइजेशन होता है, लेकिन इंदौर में पिछले सात-आठ दिनों में किए गए आकलन के अनुसार लगभग 2 प्रतिशत ही हॉस्पिटलाइजेशन है। 1 से 13 फरवरी तक एक्टिव केस की संख्या ज्यादा रह सकती है और इस दौरान हॉस्पिटलाइजेशन ज्यादा होने की संभावना है। इस दौरान पॉजिटिविटी रेट भी ज्यादा ही रहेगा। 1 से 13 फरवरी के बीच इंदौर में 7 हजार से ज्यादा लोग हॉस्पिटलाइज्ड होने की स्थिति में रह सकते हैं, परंतु यह सब मॉडल पर डिपेंड करता है। यह संख्या कम भी हो सकती है और बढ़ भी सकती है।
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उज्जैन में मिले 157 मरीज
उज्जैन की बात करें तो यहां भी कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले एक सप्ताह के आंकड़ें देखें तो सौ से अधिक मरीज मिल रहे हैं। शनिवार रात को जारी बुलेटिन के अनुसार उज्जैन में 157 नए मरीज मिले हैं। एक्टिव मरीजों की संख्या भी 954 तक पहुंच गई है। शनिवार को कोरोना पीड़ित 40 से ज्यादा मरीज स्वस्थ भी हुए। नई गाडइलाइन के अनुसार ऐसे मरीज जिनमें गंभीर लक्षण नहीं है उन्हें घर में ही सात दिन तक आइसोलेशन में रखा जा रहा है।
