फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore Mayor Election: Sanjay Shukla's name decided from Congress, apart from a dozen leaders in BJP, the doctor's name is also in discussion.

Indore Mayor Election: कांग्रेस से संजय शुक्ला का नाम तय, भाजपा में दर्जनभर नेताओं के अलावा डॉक्टर का नाम भी चर्चा में

Thu, 02 Jun 2022 12:38 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा Updated Thu, 02 Jun 2022 12:38 PM IST
सार

इंदौर में नगर निगम चुनाव की तैयारियां तेज हो गई है। कांग्रेस ने विधायक संजय शुक्ला को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा में स्थिति उलझी हुई है। दर्जनभर दावेदार सक्रिय हैं। इस बीच एक डॉक्टर का नाम भी सामने आया है। 

विज्ञापन
Indore Mayor Election: Sanjay Shukla's name decided from Congress, apart from a dozen leaders in BJP, the doctor's name is also in discussion.
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

नगरीय निकाय चुनावों की घोषणा होते ही आचार संहिता प्रभावशील हो गई है। अब सबकी नजरें उम्मीदवारों पर टिकी है। कांग्रेस की ओर से तो स्थिति स्पष्ट है लेकिन भाजपा में घमासान मचा हुआ है। यहां दर्जनभर दावेदार हैं लेकिन पार्टी संगठन किस पर भरोसा जताता है यह देखना रोचक होगा। इधर संगठन की गाइडलाइन भी कई दावेदारों की राह में रोड़ा बनी हुई है। इसके चलते स्थिति उलझी हुई है।
विज्ञापन


दरअसल इंदौर मुख्यमंत्री के सपनों का शहर है। यहां की नगर निगम पर कब्जा जमाना भाजपा के लिए बड़ी चुनौती है। हालांकि अब तक तो आसानी से भाजपा का महापौर बनता आया है लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी उलझी हुई है। ऐसा इसलिए क्योंकि कांग्रेस ने विधायक संजय शुक्ला का टिकट फाइनल कर दिया है। शुक्ला के सामने भाजपा को ऐसा ही उम्मीदवार उतारना पड़ेगा जो उन्हें टक्कर दे सके। कहा तो यह भी जा रहा है कि भाजपा में जो भी उम्मीदवार होगा उसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पसंद अहम रहेगी। उनके सपनों के शहर में उनकी पसंद का ही महापौर वे देखना चाहते हैं।  पिछली बार भी विधायक मालिनी गौड़ का टिकट उनकी पसंद से ही दिया गया था। वे शहर के विकास की बागडौर किसी ऐसे नेता के हाथ में नहीं देना चाहेंगे, जिससे काम कराना कठिन हो जाए। ऐसे में अब नाम की तलाश हो रही है कि किस पर दांव खेला जाए।
विज्ञापन


दावेदारों की लंबी फेहरिस्त
अगर दावेदारों की बात करें तो भाजपा में लंबी फेहरिस्त है। भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय तो कुछ दिन पहले कह चुके हैं कि भाजपा में 20 से ज्यादा दावेदार हैं। इनमें सबसे पहला नाम तो तीन बार के विधायक रमेश मेंदोला का है जो विजयवर्गीय के खास हैं। बार-बार मंत्री बनने की उनकी अटकलें चलती हैं लेकिन हर बार वे मंत्री पद से दूर कर दिए जाते हैं, ऐसे में हो सकता है कि इस बार भाजपा मेंदोला का महौपार उम्मीदवार बनाकर तोहफा दे दे। दूसरी संभावना दो बार के विधायक रहे सुदर्शन गुप्ता की है। उनके शिवराज सिंह चौहान से तो संबंध है ही मगर पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन के भी करीबी बताए जाते हैं। पूर्व महापौर कृष्णमुरारी मोघे भी दौड़ में है, हालांकि पिछले कुछ समय से वे ज्यादा चर्चाओं में नहीं है। कोशिश जरूर कर रहे हैं लेकिन उम्र की गाइडलाइन लागू हुई तो मोघे को निराश होना पड़ेगा। सगंठन में पकड़ रखने वाले गोपीकृष्ण नेमा का नाम भी दौड़ में शामिल है। वे सांसद शंकर लालवानी सहित सुमित्रा ताई के करीबी कहे जाते हैं। संगठन के अन्य पदाधिकारियों से भी अच्छे रिश्ते हैं। एक नाम मधु वर्मा का भी है जो आईडीए अध्यक्ष रह चुके हैं। हालांकि वे विधायक चुनाव हार चुके हैं। एक बार पहले महापौर चुनाव भी हारे थे। इन नामों के बीच भाजपा नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता उमेश शर्मा का नाम भी चर्चाओं में है। वहीं विधायक आकाश विजयवर्गीय और एकलव्य सिंह गौड़ को लेकर भी चर्चा हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या नई गाइडलाइन होगी लागू ?
भाजपा में इन दिनों नई गाइडलाइन की चर्चा जोरों पर है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा मप्र के दौरे पर हैं और उन्होंने कहा है कि टिकट वितरण में भाजपा नए फॉर्मूले के अनुसार काम करेगी। इसके अनुसार कहा जा रहा है कि भाजपा टिकट वितरण में परिवारवाद से मुक्त रहेगी। नेताओं के पुत्र-पुत्री या रिश्तेदारों को टिकट नहीं मिलेगा। साथ ही उम्र का बंधन भी लागू हो सकता है। 50 वर्ष से कम उम्र वालों को टिकट में तरजीह दी जाएगी। दो से तीन बार पार्षद रह चुके नेताओं को भी वंचित रहना पड़ सकता है। वहीं पार्टी में बड़े पदों पर रहने वालों को भी टिकट नहीं दिया जाएगा। हालांकि यह बात नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा लागू करेगी या नहीं इसे लेकर संशय बना हुआ है क्योंकि जेपी नड्डा ने 2024 के लोकसभा चुनाव के तारतम्य में यह बात कही थी। संभवतः 2023 के विधानसभा चुनाव में भी इसे लागू किया जाए, लेकिन नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा इस फॉर्मूले को लागू करती है या नहीं यह कहना जल्दबाजी होगा। यदि यह गाइडलाइन लागू होती है तो इंदौर के जो दावेदार हैं उन सबको निराश होना पड़ेगा और नया नाम सामने आएगा।

डॉक्टर का नाम आया चर्चा में
एक बात यह भी सामने आ रही है कि भाजपा ऐसे नामों पर विचार करेगी जो राजनीति से हटकर हो। इनमें डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग हो सकते हैं। यदि यह तय होता है तो इंदौर में एक प्रतिष्ठित डॉक्टर की दावेदारी मजबूत हो जाएगी। कोरोना काल में उन्होंने प्रशासन के साथ मिलकर काम किया है। उनकी संघ और संगठन में भी पकड़ है। एक प्रशासनिक अधिकारी और सरकारी वकील का नाम भी चर्चाओं में है लेकिन अभी कुछ भी तय नहीं है। यदि भाजपा नई गाइडलाइन के हिसाब से ही टिकट देती है तो इन नामों से विचार किया जा सकता है।

Indore Mayor Election: Sanjay Shukla's name decided from Congress, apart from a dozen leaders in BJP, the doctor's name is also in discussion.
विधायक संजय शुक्ला - फोटो : सोशल मीडिया
कांग्रेस ने शुक्ला को बनाया उम्मीदवार
कांग्रेस की बात करें तो यहां पार्टी ने विधायक संजय शुक्ला को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। शुक्ला ने 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के सुदर्शन गुप्ता को हराया था। वे लगातार सक्रिय भी हैं और सुर्खियों में रहते हैं। हालांकि दौड़ में पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, शहर अध्यक्ष विनय बाकलीवाल, छोटे यादव जैसे कई नेता भी थे मगर पार्टी ने संजय शुक्ला को उम्मीदवार बनाया है। 

पहले चरण में होंगे इंदौर में चुनाव
बता दें कि मप्र में नगरीय निकाय चुनाव दो चरणों में होंगे। पहले चरण का मतदान 6 जुलाई को और दूसरे चरण का मतदान 13 जुलाई को होगा। इंदौर में नगर निगम के चुनाव प्रथम चरण में होंगे। 6 जुलाई को वोटिंग होगी। 17 जुलाई को परिणाम आएगा। इंदौर में 6 विधानसभा क्षेत्रों में 85 वार्ड हैं। 11 जून को चुनाव की अधिसूचना जारी हो जाएगी। इसके साथ ही नामांकन दाखिल करने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। 18 जून को नामांकन प्राप्त करने की अंतिम तारीख रहेगी। नामांकन पत्रों की जांच 20 जून को होगी। इस बार ऑनलाइन नामांकन भी किया जा सकेगा।  झूठा शपथ पत्र देने पर छह माह की सजा 25000 का जुर्माना का प्रावधान है। नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 22 जून रहेगी। आचार संहिता प्रभावशील हो गई है और महापौर, पार्षद पद के दावेदार भी सक्रिय हो गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed