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इंदौर: चांदी के नए सिंहासन पर विराजे खजराना गणेश, सवा सौ किलो चांदी से जयपुर के कारीगरों ने बनाया सिंहासन

Tue, 12 Apr 2022 06:30 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा Updated Tue, 12 Apr 2022 06:30 PM IST
सार

इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में सवा सौ किलो चांदी का नया सिंहासन मंगलवार को स्थापित किया गया। इसे जयपुर के कारीगरों ने करीब आठ माह में तैयार किया है। भक्तों द्वारा दान में दी गई चांदी का इसमें उपयोग किया गया है। 

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Indore: Khajrana Ganesh, sitting on the new throne of silver, the craftsmen of Jaipur made the throne with 1.25 kg silver
खजराना गणेश मंदिर में लगाया चांदी का नया सिंहासन - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

भक्तों की आस्था के केंद्र  प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में मंगलवार को नया सिंहासन लगाया गया। इसे जयपुर के कारीगरों ने सवा सौ किलो चांदी से बनाया है। करीब आठ माह में ये सिंहासन बनकर तैयार हुआ है।  
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जानकारी के मुताबिक खजराना गणेश में मंगलवार को अभिजीत मुहूर्त में नया सिंहासन लगाने का काम शुरू किया गया। भक्तों द्वारा दान में दी गई चांदी, भगवान के छोटे छत्र-मुकुट की चांदी और पुराने सिंहासन की चांदी का उपयोग कर इसे बनाया गया है। इस पर विशेष नक्काशी की गई है। बताया जा रहा है कि मंदिर में भक्तों द्वारा दान की गई चांदी, छत्र की करीब 95 किलो चांदी के अलावा पुराने सिंहासन में से निकली 30 किलो चांदी का इस्तेमाल सिंहासन तैयार करने में किया गया है। कई भक्तों द्वारा सिंहासन तैयार करने के लिए चांदी का दान किया था। इसमें कई भक्तों ने गुप्त दान भी किया। आठ माह में यह सिंहासन बनकर तैयार हुआ है। जयपुर के मेटा ज्वेल क्राफ्ट ने इसे तैयार किया है। 
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डिजाइन तैयार करने में लगे दो माह
सिंहासन के मुख्य कारीगर दीपक शर्मा ने बताया कि दो महीने इस सिंहासन की डिजाइन तैयार करने में लगे। जिसके बाद काम शुरू किया और करीब छह से सात माह में काम पूरा हुआ। सिंहासन को दो भागों में तैयार किया है। इसमें तांबे का भी उपयोग किया है। कॉपर की 14 गेज की शीट लगी है। इसके ऊपर 18 गेज की चांदी लगाई गई है। 180 किलो कॉपर का इस्तेमाल इसमें किया गया है। इस सिंहासन के बड़े भाग का वजन करीब 70 किलो तो दूसरे भाग का वजन करीब 65 किलो है। इस सिंहासन में कार्विंग वर्क किया गया है। इसमें एक कलश और दो मोर उभरे हुए हैं। मंदिर के पुजारी पंडित अशोक भट्ट ने बताया कि खजराना गणेश के पुराने सिंहासन की लकड़ी खराब हो गई थी। इसके चलते चांदी का नया सिंहासन तैयार किया गया है। अभिजीत मुहूर्त में इसका पूजन कर लगाने का काम शुरू किया गया। सिंहासन को लगाने के लिए जयपुर से पांच कारीगरों की टीम आई है, जो मंदिर में इसे लगाने का काम कर रहे हैं। इस बार का सिंहासन काफी मजबूत है और लंबे वक्त तक चलेगा। खजराना गणेश मंदिर के गर्भगृह में 650 किलो चांदी लगी हुई है। 
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