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महिला सफाईकर्मी ने सोना गिरवी रख बेटी को पढ़ाया, मिली एक करोड़ की छात्रवृति
Fri, 10 May 2019 02:09 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Priyesh Mishra
Updated Fri, 10 May 2019 02:09 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के एक महिला सफाईकर्मी की बेटी रोहिणी को मार्केटिंग में एमबीए की पढ़ाई करने के बाद प्रदेश सरकार के अनुसूचित जनजाति विभाग ने एक करोड़ रुपए की स्कॉलरशिप दी है। छात्रा अब पीएचडी की पढ़ाई करने के लिए स्कॉर्टलैंड जाएगी।
इंदौर के न्यू विकासनगर की रहने वाली नूतन घावरी वर्तमान में कर्मचारी राज्य बीमा निगम अस्पताल में सफाईकर्मी है। उनकी बेटी रोहिणी घावरी को स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग की हैरिटगॉट यूनिवर्सिटी में पीएचडी की पढ़ाई करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने एक करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप दी है।
नूतन ने मीडिया के साथ बातचीत में बताया कि मैं 10 साल तक बेटी को अपने साथ ड्यूटी पर ले जाती थी। उसका मन पढ़ाई में खूब लगता है। जब उसने आगे पढ़ने की इच्छा जाहिर की तो मैंने सोना गिरवी रख कर उसे पढ़ाया जो आज भी गिरवी ही है।
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इंदौर के न्यू विकासनगर की रहने वाली नूतन घावरी वर्तमान में कर्मचारी राज्य बीमा निगम अस्पताल में सफाईकर्मी है। उनकी बेटी रोहिणी घावरी को स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग की हैरिटगॉट यूनिवर्सिटी में पीएचडी की पढ़ाई करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने एक करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप दी है।
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नूतन ने मीडिया के साथ बातचीत में बताया कि मैं 10 साल तक बेटी को अपने साथ ड्यूटी पर ले जाती थी। उसका मन पढ़ाई में खूब लगता है। जब उसने आगे पढ़ने की इच्छा जाहिर की तो मैंने सोना गिरवी रख कर उसे पढ़ाया जो आज भी गिरवी ही है।
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