{"_id":"61e9083c4f42f35179358c68","slug":"indore-every-fourth-sample-that-came-for-investigation-turned-out-to-be-positive-the-number-of-infected-reached-beyond-three-thousand-infection-rate-reached-close-to-24-percent","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंदौर: जांच के लिए आया हर चौथा सैंपल निकला पॉजिटिव, तीन हजार के पार पहुंचा संक्रमितों का आंकड़ा, संक्रमण दर पहुंची 24 प्रतिशत के करीब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंदौर: जांच के लिए आया हर चौथा सैंपल निकला पॉजिटिव, तीन हजार के पार पहुंचा संक्रमितों का आंकड़ा, संक्रमण दर पहुंची 24 प्रतिशत के करीब
Thu, 20 Jan 2022 12:29 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Thu, 20 Jan 2022 12:29 PM IST
सार
इंदौर में बीते 24 घंटे में तीन हजार से ज्यादा मरीज मिले हैं जो अब तक के सर्वाधिक है। साढ़े बारह हजार सैंपलों की जांच में ये मरीज निकले हैं, इस लिहाज से ये माना जा सकता है कि जांच के लिए आया हर चौथा सैंपल कोरोना पॉजिटिव है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
कोरोना की रफ्तार तेज हो गई है। इंदौर में बीते 24 घंटे में तीन हजार से ज्यादा मरीज मिले हैं जो अब तक के सर्वाधिक है। बुधवार की तुलना में देखें तो एक ही दिन में करीब एक हजार नए मरीज मिले हैं। साढ़े बारह हजार सैंपलों की जांच में ये मरीज निकले हैं, इस लिहाज से ये माना जा सकता है कि जांच के लिए आया हर चौथा सैंपल कोरोना पॉजिटिव है।
दरअसल बुधवार रात को जारी कोरोना बुलेटिन में शहर में 3005 नए कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इनमें 208 ऐसे मरीज हैं जिनकी रिपोर्ट दोबारा पॉजिटिव आई है। बुधवार को 12577 सैंपलों की जांच की गई थी, जिनमें 3005 नए मरीज मिले हैं। इस हिसाब से कहा जा रहा है कि जांचा जाने वाला हर चौथा सैंपल कोरोना पॉजिटिव मिल रहा है। कोरोना मरीजों का आंकड़ा बढ़ने के साथ ही संक्रमण दर भी बढ़ गई है और यह 24 प्रतिशत के करीब पहुंच चुकी है जो अब तक की सर्वाधिक है। 15 हजार 751 मरीज उपचाररत है। पिछले सप्ताह का तुलनात्मक अध्ययन करें तो 13 जनवरी को 1291 कोरोना पॉजिटिव मिले थे और संक्रमण दर 12.33 प्रतिशत थी, लेकिन 17 जनवरी से आंकड़ा एकदम बढ़ा और कोरोना मरीजों की संख्या दो हजार के पार पहुंच गई। 19 जनवरी को अब तक के सर्वाधिक 3005 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले। संक्रमण की दर 23.89 प्रतिशत हो गई है। बता दें कि ओमिक्रॉन के भी नौ मरीज इंदौर में मिल चुके हैं और सभी स्वस्थ हैं। इसके अलावा इंदौर में कोरोना से अब तक 1400 लोगों की मौत हुई है। तीसरी लहर में पिछले साल दिसंबर से अब तक सात मरीजों की मौत हुई है।
अस्पतालों में भर्ती मरीज केवल दो प्रतिशत
बुधवार रात को मिले तीन हजार से ज्यादा मरीजों के बाद अब चिंता भी बढ़ी है। इस स्थिति को उस आशंका से जोड़कर देखा जा रहा है जिसमें कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा था कि फरवरी के पहले पखवाड़े में कोरोना अपने पीक पर रहेगा और प्रतिदिन सात हजार तक मरीज मिल सकते हैं। हालात चिंताजनक इसलिए भी है क्योंकि 15 हजार से ज्यादा मरीज उपचाररत है। हालांकि इनमें अधिकांश मरीज ऐसे हैं जिनको गंभीर लक्षण नहीं है और केवल 2 प्रतिशत मरीज ही अस्पतालों में भर्ती है। यह बात भी कही जा रही है कि ऐसे मरीज जिनमें कोई गंभीर लक्षण नहीं हैं वे कोरोना को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं। पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बावजूद ऐसे लोग यहां-वहां घूम रहे हैं जबकि इन्हें खुद को घर में आइसोलेटेड करना चाहिए। इस वजह से भी शहर में संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
दरअसल बुधवार रात को जारी कोरोना बुलेटिन में शहर में 3005 नए कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इनमें 208 ऐसे मरीज हैं जिनकी रिपोर्ट दोबारा पॉजिटिव आई है। बुधवार को 12577 सैंपलों की जांच की गई थी, जिनमें 3005 नए मरीज मिले हैं। इस हिसाब से कहा जा रहा है कि जांचा जाने वाला हर चौथा सैंपल कोरोना पॉजिटिव मिल रहा है। कोरोना मरीजों का आंकड़ा बढ़ने के साथ ही संक्रमण दर भी बढ़ गई है और यह 24 प्रतिशत के करीब पहुंच चुकी है जो अब तक की सर्वाधिक है। 15 हजार 751 मरीज उपचाररत है। पिछले सप्ताह का तुलनात्मक अध्ययन करें तो 13 जनवरी को 1291 कोरोना पॉजिटिव मिले थे और संक्रमण दर 12.33 प्रतिशत थी, लेकिन 17 जनवरी से आंकड़ा एकदम बढ़ा और कोरोना मरीजों की संख्या दो हजार के पार पहुंच गई। 19 जनवरी को अब तक के सर्वाधिक 3005 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले। संक्रमण की दर 23.89 प्रतिशत हो गई है। बता दें कि ओमिक्रॉन के भी नौ मरीज इंदौर में मिल चुके हैं और सभी स्वस्थ हैं। इसके अलावा इंदौर में कोरोना से अब तक 1400 लोगों की मौत हुई है। तीसरी लहर में पिछले साल दिसंबर से अब तक सात मरीजों की मौत हुई है।
विज्ञापन
अस्पतालों में भर्ती मरीज केवल दो प्रतिशत
बुधवार रात को मिले तीन हजार से ज्यादा मरीजों के बाद अब चिंता भी बढ़ी है। इस स्थिति को उस आशंका से जोड़कर देखा जा रहा है जिसमें कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा था कि फरवरी के पहले पखवाड़े में कोरोना अपने पीक पर रहेगा और प्रतिदिन सात हजार तक मरीज मिल सकते हैं। हालात चिंताजनक इसलिए भी है क्योंकि 15 हजार से ज्यादा मरीज उपचाररत है। हालांकि इनमें अधिकांश मरीज ऐसे हैं जिनको गंभीर लक्षण नहीं है और केवल 2 प्रतिशत मरीज ही अस्पतालों में भर्ती है। यह बात भी कही जा रही है कि ऐसे मरीज जिनमें कोई गंभीर लक्षण नहीं हैं वे कोरोना को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं। पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बावजूद ऐसे लोग यहां-वहां घूम रहे हैं जबकि इन्हें खुद को घर में आइसोलेटेड करना चाहिए। इस वजह से भी शहर में संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है।
विज्ञापन
