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इंदौर: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की लिव-इन रिलेशनशिप पर टिप्पणी, कहा- इससे यौन अपराधों को बढ़ावा मिल रहा 

Wed, 20 Apr 2022 02:03 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Wed, 20 Apr 2022 02:03 PM IST
सार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने एक याचिका की सुनवाई करते हुए लिव-इन रिलेशनशिप पर तल्ख टिप्पणी की और लिव-इन रिलेशनशिप को सामाजिक अभिशाप बताया।

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Indore: Comment on live-in relationship of Madhya Pradesh High Court, said - it is encouraging sexual crimes
इंदौर खंडपीठ। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने एक याचिका की सुनवाई के दौरान लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर तल्ख टिप्पणी की। हाईकोर्ट ने लिव-इन रिलेशन को सामाजिक अभिशाप बताते हुए कहा कि इससे यौन अपराधों को बढ़ावा मिल रहा है, सामाजिक विकृतियां फैल रही हैं।
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एक महिला से बार-बार रेप और जबरन गर्भपात कराने की याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए 25 वर्षीय आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने कहा कि ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त अधिकारों का एक ‘सह-उत्पाद’ (Byproduct) है, जिससे यौन अपराधों और संलिप्तता में वृद्धि हो रही है। 
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ के जस्टिस सुबोध अभ्यंकर ने 12 अप्रैल को जारी आदेश में कहा, ‘हाल के दिनों में लिव-इन रिलेशनशिप से पैदा हुए अपराधों की बाढ़ का संज्ञान लेते हुए अदालत यह टिप्पणी करने पर मजबूर है कि यह भारतीय समाज के लोकाचार को निगल रहा है। यह तीव्र कामुक व्यवहार के साथ ही व्यभिचार को बढ़ावा दे रहा है, जिससे यौन अपराधों में लगातार इजाफा हो रहा है. लिव-इन रिलेशनशिप नागरिकों को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की गारंटी का सह-उत्पाद (बाई-प्रोडक्ट) है.’
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हाइकोर्ट ने कहा, ‘जो लोग इस आजादी का शोषण करना चाहते हैं, वे इसे तुरंत अपनाते हैं, लेकिन वे इस बात से पूरी तरह अनभिज्ञ हैं कि इसकी अपनी सीमाएं हैं। यह आजादी (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की गारंटी) दोनों में किसी भी जोड़ीदार को एक-दूसरे पर कोई अधिकार प्रदान नहीं करती है।’
 
हाईकोर्ट ने जिस याचिका की सुनवाई के दौरान ये कहा है उसके अनुसार 25 वर्षीय युवक और पीड़ित महिला काफी समय तक लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। इस दौरान  महिला दो बार से ज्यादा गर्भवती हो गई और आरोपी ने दबाव डालकर महिला का गर्भपात करा दिया। महिला के किसी और व्यक्ति से सगाई करने के बाद दोनों के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। 


वहीं, युवक ने महिला की सगाई की जानकारी मिलने के बाद उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया और महिला के ससुराल पक्ष के लोगों को वीडियो संदेश भेजकर धमकी दी कि अगर उन्होंने शादी के लिए आगे बढ़ने का फैसला किया, तो वह आत्महत्या कर लेगा और इसके लिए महिला के मायके के साथ ससुराल, दोनों पक्षों के लोग जिम्मेदार होंगे। आरोपी के वीडियो भेजने के बाद महिला की सगाई टूट गई। 
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