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इंदौर: आईटी हब बनने की दिशा में शहर की बड़ी छलांग, आईटी निर्यात में 51.64 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज, कंपनियों द्वारा 800 करोड़ का पूंजी निवेश
Sun, 08 May 2022 04:57 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Sun, 08 May 2022 04:57 PM IST
सार
आईटी हब बनने की दिशा में इंदौर ने बड़ी छलांग लगाई है। आईटी निर्यात में 51.64 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है तो आईटी, आईटीईएस कंपनियों द्वारा 800 करोड़ का पूंजी निवेश किया गया है। आने वाले दिनों में बहुराष्ट्रीय कंपनियां इंदौर में कार्यालय खोलेगी।
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आईटी पार्क इंदौर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
राज्य शासन द्वारा आईटी के क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में उपलब्ध करवाए जा रहे संसाधन, सुविधाओं और अनुकुल वातावरण के परिणामस्वरुप इंदौर आईटी का बड़ा हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। विकास की इस रफ्तार को कोरोना के दौरान हुए लॉकडाउन से भी कोई अधिक विपरीत प्रभाव नहीं पड़ा है। आईटी का बड़ा हब बनने की दिशा में इंदौर ने वर्ष 2020-21 और 2021-22 में हुए उल्लेखनीय कार्यों से एक बड़ी सफलता हाथ लगी है।
महाप्रबंधक मध्यप्रदेश इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम द्वारकेश सराफ ने बताया कि इंदौर में दस हजार आईटी/आईटीईएस पेशेवरों से 40 हजार 500 तक बड़े पैमाने पर रोजगार वृद्धि के साथ इंदौर ने लॉकडाउन के दौरान विकास में एक बड़ी छलांग लगाई है। आत्मनिर्भर भारत एवं आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश की अपनी यात्रा में इंदौर ने कई मील के पत्थर हासिल किए गए हैं। इंदौर कई बड़े स्टार्टअप की जन्मस्थली भी बने इसके लिए सिंहासा आईटी पार्क को स्टार्टअप के हब के तौर पर निर्मित किया गया है। इस आईटी पार्क की लगभग सारी भूमि आईटी को आवंटित की जा चुकी हैं। जल्द ही इंदौर का यह पश्चिम क्षेत्र एक बड़ा आईटी हब के रूप में उभरेगा।
बहुराष्ट्रीय कंपनियां इंदौर में खोलेगी कार्यालय
इंदौर में 4 एसईजेड इकाइयों से एक हजार 161 करोड़ रुपये के आईटी निर्यात ने वित्त वर्ष 2020-21 में सालाना आधार पर 51 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वित्तीय वर्ष 2021-22 की अवधि के लिए निर्यात में एक हजार 761 करोड़ रुपये के आईटी निर्यात में 51.64 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान गैर-एसईजेड से आईटी निर्यात एसटीपीआई के साथ पंजीकृत इकाइयों से 873.17 करोड़ रुपये रहा। इंदौर में आईटी/आईटीईएस कंपनियों द्वारा 800 करोड़ रुपये से अधिक का पूंजी निवेश किया गया है। आईटी/आईटीईएस कंपनियों को वित्तीय वर्ष 2021-22 में 7 करोड़ 62 लाख रुपये और वित्तीय वर्ष 2020-21 में 11 करोड़ 58 लाख रुपये का प्रोत्साहन लॉकडाउन के बावजूद दिया गया है। अप्रैल 2014 से अब तक लगभग 40 करोड़ रुपये का कुल प्रोत्साहन दिया जा चुका है। इससे उन्हें लॉकडाउन के दौरान पूंजी के मुद्दों को पाटने में मदद मिली। सिंहासा आईटी पार्क इंदौर में 112 एकड़ में से 100 एकड़ पहले ही आवंटित की जा चुकी है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर की अनेक कंपनियां मध्य प्रदेश के विकास गाथा का हिस्सा बनने की इच्छुक हैं। जल्द ही बहुत सी बहुराष्ट्रीय कंपनियां अपने कार्यस्थल इंदौर में खोलेगी। सस्ते दर पर बिजली और कुशल निपुण युवाओं की बहुतायत कंपनियो को इंदौर की तरफ आकर्षित करती हैं। इंदौर जैसे TEIR-2 शहरों के लिए मध्य भारत का आईटी/आईटीईएस हब बनने के लिए यह एक सुनहरा मौका है।
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महाप्रबंधक मध्यप्रदेश इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम द्वारकेश सराफ ने बताया कि इंदौर में दस हजार आईटी/आईटीईएस पेशेवरों से 40 हजार 500 तक बड़े पैमाने पर रोजगार वृद्धि के साथ इंदौर ने लॉकडाउन के दौरान विकास में एक बड़ी छलांग लगाई है। आत्मनिर्भर भारत एवं आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश की अपनी यात्रा में इंदौर ने कई मील के पत्थर हासिल किए गए हैं। इंदौर कई बड़े स्टार्टअप की जन्मस्थली भी बने इसके लिए सिंहासा आईटी पार्क को स्टार्टअप के हब के तौर पर निर्मित किया गया है। इस आईटी पार्क की लगभग सारी भूमि आईटी को आवंटित की जा चुकी हैं। जल्द ही इंदौर का यह पश्चिम क्षेत्र एक बड़ा आईटी हब के रूप में उभरेगा।
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बहुराष्ट्रीय कंपनियां इंदौर में खोलेगी कार्यालय
इंदौर में 4 एसईजेड इकाइयों से एक हजार 161 करोड़ रुपये के आईटी निर्यात ने वित्त वर्ष 2020-21 में सालाना आधार पर 51 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वित्तीय वर्ष 2021-22 की अवधि के लिए निर्यात में एक हजार 761 करोड़ रुपये के आईटी निर्यात में 51.64 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान गैर-एसईजेड से आईटी निर्यात एसटीपीआई के साथ पंजीकृत इकाइयों से 873.17 करोड़ रुपये रहा। इंदौर में आईटी/आईटीईएस कंपनियों द्वारा 800 करोड़ रुपये से अधिक का पूंजी निवेश किया गया है। आईटी/आईटीईएस कंपनियों को वित्तीय वर्ष 2021-22 में 7 करोड़ 62 लाख रुपये और वित्तीय वर्ष 2020-21 में 11 करोड़ 58 लाख रुपये का प्रोत्साहन लॉकडाउन के बावजूद दिया गया है। अप्रैल 2014 से अब तक लगभग 40 करोड़ रुपये का कुल प्रोत्साहन दिया जा चुका है। इससे उन्हें लॉकडाउन के दौरान पूंजी के मुद्दों को पाटने में मदद मिली। सिंहासा आईटी पार्क इंदौर में 112 एकड़ में से 100 एकड़ पहले ही आवंटित की जा चुकी है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर की अनेक कंपनियां मध्य प्रदेश के विकास गाथा का हिस्सा बनने की इच्छुक हैं। जल्द ही बहुत सी बहुराष्ट्रीय कंपनियां अपने कार्यस्थल इंदौर में खोलेगी। सस्ते दर पर बिजली और कुशल निपुण युवाओं की बहुतायत कंपनियो को इंदौर की तरफ आकर्षित करती हैं। इंदौर जैसे TEIR-2 शहरों के लिए मध्य भारत का आईटी/आईटीईएस हब बनने के लिए यह एक सुनहरा मौका है।
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