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पत्नी को गुजारा भत्ता देने पर कोर्ट में बोला पति- राहुल गांधी देंगे तो दूंगा
Sat, 30 Mar 2019 09:21 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Sneha Baluni
Updated Sat, 30 Mar 2019 09:21 AM IST
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एक रैली को संबोधित करते राहुल गांधी (फाइल फोटो)
- फोटो : Twitter
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मध्यप्रदेश के इंदौर में शुक्रवार को पारिवारिक अदालत में एक ऐसा मामला आया जिसने सभी को मुस्कुराने की वजह दे दी। यहां एक पति-पत्नी के बीच पारिवारिक विवाद चल रहा है। 12 मार्च को अदालत ने इंदौर के सुखलिया के रहने वाले आनंद शर्मा को अपनी पत्नी दीपमाला को हर महीने साढ़े चार हजार रुपये भरण-पोषण के लिए देने का आदेश दिया था लेकिन वह अपनी पत्नी को रकम नहीं दे रहे थे।
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इस मामले पर जब शुक्रवार को अदालत में सुनवाई हुई तो शर्मा ने कहा कि वह बेरोजगार हैं। वह प्रतिमाह पत्नी को भरण-पोषण का खर्च नहीं दे सकते हैं। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी ने अपने घोषणापत्र में यह एलान किया है कि आगामी लोकसभा चुनाव में यदि उनकी सरकार बनी तो वह बेरोजगारों के खाते में हर महीने छह हजार रुपये देंगे।'
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उन्होंने आगे कहा, 'मैं अपने पूरे होशोहवास में यह लिखकर देता हूं कि राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने के बाद जो भी राशि मुझे मिलेगी उसमें से प्रतिमाह साढ़े चार हजार रुपये पत्नी को दे दूंगा। यदि अदालत चाहे तो वह बेरोजगारी भत्ते की राशि में से पत्नी के भरण-पोषण की रकम सीधे उसके खाते में जमा करने का आदेश दे सकती है।'
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अदालत ने शर्मा के बयान को अपने रिकॉर्ड में ले लिया है। इसपर 29 अप्रैल को बहस होगी। अदालत ने 12 मार्च को हुई सुनवाई में शर्मा को आदेश दिया था कि वह पत्नी के भरण-पोषण के लिए हर महीने तीन हजार रुपये और 12 साल की बेटी आर्या के लिए डेढ़ हजार रुपये दें।
प्रधान न्यायाधीश के सामने आवेदन देते हुए आनंद ने कहा कि उनका इरादा न्यायालय की अवमानना करना नहीं है लेकिन बेरोजगार होने की वजह से वह भरण-पोषण की राशि देने में असमर्थ हैं। आनंद और दीपमाला की शादी साल 2006 में हुई थी। शादी के कुछ महीने बाद ही दोनों में विवाद शुरू हो गया था। जिस कारण पत्नी ने उनपर मामला दर्ज किया हुआ है।
