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Honeytrap case MP: जिला कोर्ट में पेश हुए हनीट्रैप के आरोपी, बैंक खाते व लॉकर खुलवाने के लिए दिया आवेदन
Sat, 04 Jun 2022 04:47 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Sat, 04 Jun 2022 04:47 PM IST
सार
मप्र के बहुचर्चित हनीट्रैप मामले में आरोपी जिला न्यायालय इंदौर में पेश हुए। आरोपियों की ओर से आवेदन दिया गया कि उनके बैंक खाते व लॉकर खुलवाए जाए। इस दौरान आरोपियों ने मुंह पर मास्क लगाया और मीडिया से बात नहीं की।
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जिला कोर्ट में पेश हुए हनीट्रैप के आरोपी
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्यप्रदेश के बहुचर्चित हनीट्रैप मामले में आऱोपी जिला न्यायालय में पेश हुए। मीडिया से दूरी बनाए रखी और चेहरे भी कपड़े से ढंके हुए थे। आरोपियों ने कोर्ट से अपने बैंक खातों व लॉकर खुलवाने के लिए आवेदन दिया। इस मामले में 24 जून को अगली सुनवाई होगी।
दरअसल हनीट्रैप मामले में हाईकोर्ट ने रोक लगा रखी थी। इस रोक के हटने के बाद हनीट्रैप के आरोपी श्वेता स्वप्निल जैन व बरखा सोनी जिला कोर्ट में पहुंची। आरोपियों ने कोर्ट में आवेदन दिया कि उनके बैंक खाते व लॉकर खुलवाया जाए। बता दें कि हनीट्रैप केस के सभी आरोपी जेल से बाहर आकर जमानत पर हैं। इस मामले में श्वेता विजय जैन, श्वेता स्वप्निल जैन, बरखा सोनी, मोनिका, आरती दयाल सहित अभिषेक ठाकुर को आरोपी बनाया गया था। घटना में पुलिस द्वारा बनाए गए मुख्य आरोपी श्वेता पति विजय जैन द्वारा इंदौर हाई कोर्ट में साक्ष्य प्राप्त करने के लिए एक आवेदन लगाया गया था लेकिन संबंधित पक्षकारों ने आपत्ति ली थी। मामले में छतरपुर की आरोपी रूपा के खिलाफ जिला कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया है। रूपा को इसी केस में पहले गिरफ्तार किया गया था, लेकिन जमानत पर छूटने के बाद वह कोर्ट में पेश नहीं हुई। अधिवक्ता यावर खान ने बताया कि 27 जून को सभी आरोपियों को सभी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की कॉपी दी जाएगी। हनीट्रैप प्रकरण में एसआईटी द्वारा जो सीडी, पेनड्राइव, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जब्त किए गए थे। उनकी एफएसएल जांच कराई गई थी। एफएसएल जांच होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के वकीलों को इसकी जांच की सीडी देने से इनकार किया था। जिला न्यायाधीश एट्रोसिटी एक्ट रेणुका कंचन की कोर्ट ने यह आदेश दिए थे कि जब्त सीडी व जांच रिपोर्ट की एक प्रति आरोपी के वकीलों को दी जाए। प्रकरण का एक अन्य आरोपी अभिषेक ठाकुर सरकारी गवाह बनने की तैयारी में है। उसका कहना है कि उसे झूठा फंसाया गया है। उसके पास आरोपियों के बारे में कई जानकारियां हैं। वह इसकी जानकारी एसआईटी को देना चाहता है।
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दरअसल हनीट्रैप मामले में हाईकोर्ट ने रोक लगा रखी थी। इस रोक के हटने के बाद हनीट्रैप के आरोपी श्वेता स्वप्निल जैन व बरखा सोनी जिला कोर्ट में पहुंची। आरोपियों ने कोर्ट में आवेदन दिया कि उनके बैंक खाते व लॉकर खुलवाया जाए। बता दें कि हनीट्रैप केस के सभी आरोपी जेल से बाहर आकर जमानत पर हैं। इस मामले में श्वेता विजय जैन, श्वेता स्वप्निल जैन, बरखा सोनी, मोनिका, आरती दयाल सहित अभिषेक ठाकुर को आरोपी बनाया गया था। घटना में पुलिस द्वारा बनाए गए मुख्य आरोपी श्वेता पति विजय जैन द्वारा इंदौर हाई कोर्ट में साक्ष्य प्राप्त करने के लिए एक आवेदन लगाया गया था लेकिन संबंधित पक्षकारों ने आपत्ति ली थी। मामले में छतरपुर की आरोपी रूपा के खिलाफ जिला कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया है। रूपा को इसी केस में पहले गिरफ्तार किया गया था, लेकिन जमानत पर छूटने के बाद वह कोर्ट में पेश नहीं हुई। अधिवक्ता यावर खान ने बताया कि 27 जून को सभी आरोपियों को सभी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की कॉपी दी जाएगी। हनीट्रैप प्रकरण में एसआईटी द्वारा जो सीडी, पेनड्राइव, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जब्त किए गए थे। उनकी एफएसएल जांच कराई गई थी। एफएसएल जांच होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के वकीलों को इसकी जांच की सीडी देने से इनकार किया था। जिला न्यायाधीश एट्रोसिटी एक्ट रेणुका कंचन की कोर्ट ने यह आदेश दिए थे कि जब्त सीडी व जांच रिपोर्ट की एक प्रति आरोपी के वकीलों को दी जाए। प्रकरण का एक अन्य आरोपी अभिषेक ठाकुर सरकारी गवाह बनने की तैयारी में है। उसका कहना है कि उसे झूठा फंसाया गया है। उसके पास आरोपियों के बारे में कई जानकारियां हैं। वह इसकी जानकारी एसआईटी को देना चाहता है।
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