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गृहमंत्री ने फिर साधा कांग्रेस पर निशाना: शराब नीति से उन्हीं लोगों को दिक्कत है जो शराब माफियाओं के सरपरस्त, उप्र में 300 से ज्यादा सीटें जीतेगी भाजपा
Thu, 20 Jan 2022 02:44 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 20 Jan 2022 02:44 PM IST
सार
प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। इसमें उन्होंने दिग्विजय सिंह और कमलनाथ पर निशाना साधा। वहीं यूपी में सपा का सफाया होने की बात भी कही।
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मध्य प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा पत्रकारों को संबोधित करते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश की नई आबकारी नीति को लेकर आलोचना का गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने जवाब दिया है। मिश्रा ने कहा कि दिग्विजय सिंह को उमा जी (भारती) की जगह उमंग सिंघार से सवाल पूछना था। उन्होंने खुद ही कहा था कि शराब माफियाओं को संरक्षण कौन देता है, यह सबको पता है। नई आबकारी नीति की दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह ने भी तारीफ की है। दोनों भाइयों को पता ही नहीं चलता कि 63 का आंकड़ा है या 36 का। शराब नीति पर सवाल उठाने वाले दिग्विजय जी को उमंग सिंघार शराब माफिया बता चुके हैं। दरअसल, शराब नीति से उन्हीं लोगों को दिक्कत है जो शराब माफियाओं के सरपरस्त हैं।
बता दें कि दिग्विजय सिंह ने शराब नीति पर सवाल उठाए थे। उन्होंंने कहा था कि भारतीय जनता पार्टी को स्पष्टीकरण देना चाहिए, उनकी शराब नीति क्या है? आखिर मध्यप्रदेश में अनाज दालें आदि दिन पर दिन महंगे और शराब सस्ती क्यों की जा रही है? कुछ भी कहो शिवराज द्वारा उमा (भारती) को चुनौती देने का निर्णय साहसिक है। अब देखते हैं उमा जी अपने इरादे पर पक्की हैं या नहीं।
दरअसल, दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाया था कि शिवराज जी, शराब के दामों में 20 प्रतिशत की कमी करके, घर-घर शराब के बार खोलने के लायसेंस देकर, उप दुकानें खोलने की बात करके शराब के सेवन को बढ़ावा देने का ही काम कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच शराब नीति को लेकर विरोधाभास क्यों है? उमा जी शराबबंदी के लिए आंदोलन करने की बात कह रहीं थीं। पूरे प्रदेश में अवैधानिक शराब बन रही है, बेची जा रही। ज़िला प्रशासन,राजधानी के वरिष्ठ अधिकारी भाजपा के नेता व मंत्री गण हर माह करोड़ों रुपये की वसूली कर रहे हैं। ऊपर से ले कर नीचे तक अवैध शराब की वसूली बंटती है। जहरीली शराब से लोग मरने के बाद ही सरकार हरकत में आती है, फिर भूल जाती है।
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300 से ज्यादा सीटें जीतेगी भाजपा
डॉ. मिश्रा ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि अखिलेश यादव अपने परिवार को नहीं संभाल पा रहे, आने वाले चुनाव में सपा होगी साफ। उत्तरप्रदेश चुनाव में भाजपा प्रचंड बहुमत से 300 से अधिक सीटें जीतने जा रही है।
कमलनाथ जी की तरह वल्लभ भवन में बैठकर सरकार नहीं चलाते
डॉ. मिश्रा ने कहा कि सीएम के अधिकारियों और जनता के साथ होने जा रही कॉन्फ्रेंस पर गृह मंत्री बोले कि भोपाल से चौपाल तक का रहता है सीएम का काम। आज भी वैसे ही हो रह है। कमलनाथ जी की तरह हमारे मुख्यमंत्री वल्लभ भवन में बैठकर सरकार नहीं चलाते। वे भोपाल से चौपाल तक और अफसरों से आम जनता के सतत संपर्क में रहते हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ अनूपपुर में क्रॉस केस कायम हुआ है। कांग्रेस इस तरह से आपस में लड़ते रही है। नीतिगत कार्रवाई की गई है। कांग्रेस विधायक सुनील सर्राफ और गुप्ता के समर्थक लड़े हैं। कमलनाथ, दिग्विजय सिंह ट्विटर पर ही धरना प्रदर्शन कर लें, ऐसी सुविधा हो जाए।
दिग्विजय सिंह सिर्फ भ्रम फैला रहे
गृह मंत्री ने दावा किया कि ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा। हमारे सीएम गांव-गांव तक मिलते हैं दिग्विजय सिंह से भी मिलेंगे। सुराना में चौकी खोल दी गई है। कलेक्टर और एसपी को निर्देश दिए गए हैं। नाली का विवाद है। एक महीने के अंदर समस्याएं खत्म कर दी जाएंगी। दिग्विजय सिंह सिर्फ हिंदुओं को लेकर बातें कहते हैं, वही भ्रम फैला रहे हैं। बीजेपी पर हिंदू धर्म को खतरे में बताने का भ्रम फैलाने का दिग्विजय सिंह का आरोप निराधार है। पूरे देश में अगर कोई एक व्यक्ति भ्रम फैला रहा है, तो वो व्यक्ति दिग्विजय सिंह हैं।
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बता दें कि दिग्विजय सिंह ने शराब नीति पर सवाल उठाए थे। उन्होंंने कहा था कि भारतीय जनता पार्टी को स्पष्टीकरण देना चाहिए, उनकी शराब नीति क्या है? आखिर मध्यप्रदेश में अनाज दालें आदि दिन पर दिन महंगे और शराब सस्ती क्यों की जा रही है? कुछ भी कहो शिवराज द्वारा उमा (भारती) को चुनौती देने का निर्णय साहसिक है। अब देखते हैं उमा जी अपने इरादे पर पक्की हैं या नहीं।
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दरअसल, दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाया था कि शिवराज जी, शराब के दामों में 20 प्रतिशत की कमी करके, घर-घर शराब के बार खोलने के लायसेंस देकर, उप दुकानें खोलने की बात करके शराब के सेवन को बढ़ावा देने का ही काम कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच शराब नीति को लेकर विरोधाभास क्यों है? उमा जी शराबबंदी के लिए आंदोलन करने की बात कह रहीं थीं। पूरे प्रदेश में अवैधानिक शराब बन रही है, बेची जा रही। ज़िला प्रशासन,राजधानी के वरिष्ठ अधिकारी भाजपा के नेता व मंत्री गण हर माह करोड़ों रुपये की वसूली कर रहे हैं। ऊपर से ले कर नीचे तक अवैध शराब की वसूली बंटती है। जहरीली शराब से लोग मरने के बाद ही सरकार हरकत में आती है, फिर भूल जाती है।
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300 से ज्यादा सीटें जीतेगी भाजपा
डॉ. मिश्रा ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि अखिलेश यादव अपने परिवार को नहीं संभाल पा रहे, आने वाले चुनाव में सपा होगी साफ। उत्तरप्रदेश चुनाव में भाजपा प्रचंड बहुमत से 300 से अधिक सीटें जीतने जा रही है।
कमलनाथ जी की तरह वल्लभ भवन में बैठकर सरकार नहीं चलाते
डॉ. मिश्रा ने कहा कि सीएम के अधिकारियों और जनता के साथ होने जा रही कॉन्फ्रेंस पर गृह मंत्री बोले कि भोपाल से चौपाल तक का रहता है सीएम का काम। आज भी वैसे ही हो रह है। कमलनाथ जी की तरह हमारे मुख्यमंत्री वल्लभ भवन में बैठकर सरकार नहीं चलाते। वे भोपाल से चौपाल तक और अफसरों से आम जनता के सतत संपर्क में रहते हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ अनूपपुर में क्रॉस केस कायम हुआ है। कांग्रेस इस तरह से आपस में लड़ते रही है। नीतिगत कार्रवाई की गई है। कांग्रेस विधायक सुनील सर्राफ और गुप्ता के समर्थक लड़े हैं। कमलनाथ, दिग्विजय सिंह ट्विटर पर ही धरना प्रदर्शन कर लें, ऐसी सुविधा हो जाए।
दिग्विजय सिंह सिर्फ भ्रम फैला रहे
गृह मंत्री ने दावा किया कि ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा। हमारे सीएम गांव-गांव तक मिलते हैं दिग्विजय सिंह से भी मिलेंगे। सुराना में चौकी खोल दी गई है। कलेक्टर और एसपी को निर्देश दिए गए हैं। नाली का विवाद है। एक महीने के अंदर समस्याएं खत्म कर दी जाएंगी। दिग्विजय सिंह सिर्फ हिंदुओं को लेकर बातें कहते हैं, वही भ्रम फैला रहे हैं। बीजेपी पर हिंदू धर्म को खतरे में बताने का भ्रम फैलाने का दिग्विजय सिंह का आरोप निराधार है। पूरे देश में अगर कोई एक व्यक्ति भ्रम फैला रहा है, तो वो व्यक्ति दिग्विजय सिंह हैं।
