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हरीश रावत कर रहे 'बागी प्रबंधन'
जयप्रकाश पाराशर, भोपाल
Updated Tue, 12 Nov 2013 10:44 PM IST
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उत्तराखंड की राजनीति के प्रमुख ठाकुर नेता और केंद्रीय मंत्री हरीश रावत मध्य प्रदेश कांग्रेस के दफ्तर में कमान संभाले बैठे हैं।
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प्रवक्ताओं की बैठकें ले रहे हैं, बागियों को समझाकर बैठने के लिए तैयार कर रहे हैं और प्रचार की रणनीति बना रहे हैं। उनके करीबियों का कहना है कि वह कम से कम मतदान के दिन 25 नवंबर तक तो यही रुकेंगे।
कुछ लोग चुटकी ले रहे हैं कि उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बनने के लिए दो बार कांग्रेस आलाकमान से बागी तेवर अपना चुके हरीश रावत से ज्यादा बेहतर बागी-प्रबंधन कौन कर सकता है।
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पिछली बार भी जब बहुगुणा को मुख्यमंत्री बनाया गया तो वह कई दिनों तक आलाकमान से नाराज रहे थे।
'मोदी को इतिहास की क्लास की जरूरत'
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है कि भाजपा को नरेंद्र मोदी को इतिहास की शिक्षा या क्लास दिलानी चाहिए।
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उन्हें इतिहास का कोई ज्ञान नहीं है। मुरलीमनोहर जोशी तो विज्ञान के प्रोफेसर हैं, आडवाणी जी से इतिहास की सीख दिलाएं। एक ऐसा व्यक्ति जो देश का इतिहास नहीं जानता, वह भारत का प्रधानमंत्री कैसे बन सकता है।
जिसे भारत के इतिहास की जानकारी नहीं है, जिसे जनसंघ के इतिहास की जानकारी नहीं है। ऐसा आदमी प्रधानमंत्री बन गया और संयुक्त राष्ट्र में भाषण देगा तो भारत का क्या हाल होगा।
मोटरसाइकिल पर पचौरी
भोजपुर से विधानसभा का चुनाव लड़ रहे सुरेश पचौरी को जमीनी राजनीति का स्वाद चखना पड़ रहा है।
लंबे समय तक राज्यसभा और दस जनपथ की राजनीति करने वाले सुरेश पचौरी भोजपुर के ही एक गांव बीलाखेड़ी के रहने वाले हैं। यह जुदा बात है कि वह बीलाखेड़ी कभी कभार ही आते थे।
शायद वहां कभी रुके भी नहीं। अब विधानसभा का चुनाव है. तो गांव बीलाखेड़ी में रात भी बितानी पड़ रही है और भोजपुर विधानसभा के जिन गांवों में सड़कें नहीं हैं, वहां मोटरसाइकिल पर बैठकर यात्रा भी करनी पड़ रही है। चुनाव की राजनीति जो न कराए वो कम है।
