फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Gwalior News ›   New twist in the dispute over the Scindia family 41,000 crore assets; Pratima Devi claim accepted by the court

41 हजार करोड़ की संपत्ति पर नया दावा: ज्योतिरादित्य की बुआ को कोर्ट से मिली सुनवाई की मंजूरी, जानें आगे क्या?

Thu, 10 Sep 2026 09:36 PM IST
ग्वालियर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: ग्वालियर ब्यूरो Updated Thu, 10 Sep 2026 09:36 PM IST
सार

सिंधिया राजपरिवार की करीब 41 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति के बंटवारे के विवाद में प्रतिमा देवी का आवेदन ग्वालियर जिला न्यायालय ने स्वीकार किया है। अब उनके बराबर हिस्से के दावे, वसीयत और समझौते पर आगे सुनवाई होगी।

 

विज्ञापन
New twist in the dispute over the Scindia family 41,000 crore assets; Pratima Devi claim accepted by the court
जिला न्यायालय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सिंधिया राजपरिवार की करीब 41 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति के बंटवारे से जुड़े विवाद में गुरुवार को बड़ा मोड़ आया। ग्वालियर जिला न्यायालय ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ प्रतिमा देवी का आवेदन स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही संपत्ति पर उनके दावे को भी मामले की मुख्य सुनवाई में शामिल कर लिया गया है।

विज्ञापन

हालांकि, कोर्ट के इस आदेश को प्रतिमा देवी के पक्ष में संपत्ति का हिस्सा दिए जाने का फैसला नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने फिलहाल उनके दावे को सुनवाई योग्य माना है। अब प्रतिमा देवी अपने दावे और उसके आधार से जुड़े दस्तावेज कोर्ट के सामने पेश कर सकेंगी। इसके बाद दोनों पक्षों की दलीलों और कानूनी बहस के आधार पर तय होगा कि संपत्ति में उनका अधिकार कितना है।

विज्ञापन

गुरुवार को प्रतिमा देवी की ओर से उनके दामाद प्रतीक कारकी कोर्ट में उपस्थित हुए और उनका पक्ष रखा। प्रतिमा देवी का कहना है कि उनकी मां पद्माराजे सिंधिया सिंधिया राजपरिवार की बेटी थीं। इसी पारिवारिक अधिकार के आधार पर उन्होंने विवादित संपत्ति में बराबर हिस्से का दावा किया है। आवेदन स्वीकार होने के बाद अब संपत्ति बंटवारे के मामले में प्रतिमा देवी के दावे पर भी सुनवाई होगी। इससे मामले में पक्षकारों और संपत्ति पर किए जा रहे दावों का दायरा बढ़ गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन


पढे़ं: एमपी में बनेंगे 4200 MW के दो परमाणु संयंत्र, देश का प्रमुख न्यूक्लियर पावर सेंटर बनने की तैयारी

प्रतिमा देवी ने इससे पहले वसीयत और उससे जुड़े दस्तावेजों की जानकारी नहीं दिए जाने पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि उन्हें मामले से जुड़े जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। उन्होंने कोर्ट के नोटिस भेजे जाने के तरीके पर भी सवाल उठाया था।

प्रतिमा देवी काठमांडू में रहती हैं। उनका दावा है कि कुछ नोटिस नेपालगंज के पते पर भेजे गए, जिसके कारण उन्हें मामले की पूरी जानकारी समय पर नहीं मिल सकी। उनकी आपत्तियों पर दूसरे पक्ष की ओर से कोर्ट में जवाब दिया गया है। इसमें समझौते में प्रतिमा देवी की सहमति होने और संबंधित दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर होने का दावा किया गया है।

अब इन दावों और दस्तावेजों को लेकर दोनों पक्षों के बीच कानूनी बहस होगी। गुरुवार की सुनवाई के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 7 अक्टूबर की तारीख तय की है। इस तारीख पर संपत्ति बंटवारे, प्रतिमा देवी के दावे, वसीयत और कथित समझौते से जुड़े मुद्दों पर आगे सुनवाई होने की संभावना है।

फिलहाल कोर्ट ने केवल प्रतिमा देवी के दावे को सुनवाई में शामिल किया है। संपत्ति में उनका वास्तविक अधिकार कितना है और बराबर हिस्से का उनका दावा स्वीकार होगा या नहीं, इसका फैसला आगे की सुनवाई के बाद ही होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed