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Gwalior: ठगों ने व्यापारी को शेयर बाजार के IPO में पैसा लगवाकर फंसाया, तीन करोड़ 34 लाख से अधिक की ठगी

Mon, 13 May 2024 06:12 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: अरविंद कुमार Updated Mon, 13 May 2024 06:12 PM IST
सार

ठगों ने व्यापारी को शेयर बाजार के IPO में पैसा इंवेस्टमेंट कराकर अपने जाल में फंसाया और फिर तीन करोड़ 34 लाख 9,540 रुपये की ठगी कर ली।

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Gwalior Thugs trapped businessman by investing money in stock market IPO defrauded more than 3 crore 34 lakh
अशोक सिंह जादौन, डीएसपी हेडक्वॉर्टर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ग्वालियर में शातिर ठगों ने एक व्यापारी को शेयर बाजार के IPO में पैसा इंवेस्टमेंट कराकर अपने जाल में फंसाया है। ठगों ने ICICI सिक्योरिटी NSE BSE 302 नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप का लिंक व्यापारी को भेजा, जिस पर उन्होंने कुछ रुपये इंवेस्ट किए और उनको अच्छा लाभ भी मिला। इसके बाद उनको शेयर बाजार के IPO में इंवेस्टमेंट के लिए ऑफर दिया।

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व्यापारी ने करीब 27 लाख 71 हजार रुपये लगा दिए। उसमें भी उनको फायदा मिला और वो वैसा उन्होंने दूसरे IPO में लगाए। जो बढ़कर अब तीन करोड़ 34 लाख 9,540 रुपये हो गए हैं। जब व्यापारी ने रुपये निकालने का प्रयास किया तो यह रकम अब नहीं निकल रही है। संपर्क करने पर 15 प्रतिशत एडवांस जमा करने कहा जा रहा है। जब व्यापारी ICICI बैंक पहुंचे तो पता लगा कि न तो वह ग्रुप उनका है, न ही उन्होंने कोई ऑफर दिया है। ठगी का अहसास होते ही पीड़ित ने एसपी ऑफिस पहुंचकर शिकायत की है। मामला जांच में ले लिया गया है।
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शहर के महाराजपुरा स्थित शताब्दीपुरम फेस-2 निवासी जितेन्द्र कुमार तिवारी व्यापारी हैं। चार फरवरी 2024 को उनके मोबाइल पर ICICI सिक्योरिटीस NSE BSE 302 के नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप का लिंक आया। उनका अकाउंट ICICI बैंक में ही है। इसलिए उन्होंने व्हाट्सएप ग्रुप ज्वॉइन कर लिया। इसके बाद जितेन्द्र के पास शेयर बाजार से जुड़े मैसेज आने लगे। इसके बाद व्हाट्सएप ग्रुप पर आए ICICI सिक्योरिटी के एप्प के लिंक को डाउनलोड कर उस एप पर कुछ शेयर खरीदे और बेचे, जिसका उसको प्रॉफिट सहित पूरा पैसा मिला। उसके बाद जितेन्द्र को शेयर बाजार के आईपीओ पैसा लगावाने की सलाह दी गयी और उन्होंने जितेन्द्र से अलग-अलग अकाउंट में कुल 27 लाख 71 हजार 800 रुपये जमा करवा लिए।
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जमा किए हुए रुपये बाकायदा उनके अकाउंट में IPO के शेयर के रूप में दिख रहे थे। जब IPO की लिस्टिंग डेट आई तो उसके पैसे का प्रॉफिट बढ़ता गया, जिस पर उसने यह शेयर बेचने के बाद दूसरे IPO में पैसा लगाया। दूसरी कंपनी के IPO लिस्टिंग के बाद कुल रुपया प्रॉफिट समेत तीन करोड़ 34 लाख 9,540 रुपये हो गया था। इसके बाद जितेन्द्र ने सारे शेयर बेच दिए और पैसे निकालना चाहे तो वहां से मैसेज आया कि आप यह पैसा नहीं निकाल सकते हैं। व्यापारी ने पूछा क्यों नहीं निकाल सकता हूं, तो उसे बोला गया कि आपको 15 प्रतिशत एडवांस टैक्स जमा करना पड़ेगा। इसके बाद जितेन्द्र बार-बार निवेदन करता रहा पर उन लोगों ने पैसा निकालने नहीं दिया।

यहां पहली बार कुछ गड़बड़ की आशंका मन में आई थी। जितेन्द्र कुमार को लगा कि शायद बैंक से कोई मदद हो जाए। यह सोचकर वह आईसीआईसीआई बैंक गया। बैंक जाने पर आईसीआईसीआई बैंक के अफसरों ने बताया कि यह तो हमारा एप है ही नहीं। उन्होंने बताया कि यह तो कोई डुप्लीकेट एप है और आपके साथ फ्रॉड हो गया है। तब जितेन्द्र को एहसास हुआ कि मेरे साथ बड़ी धोखाधड़ी हो गई है। इसके बाद वह एसपी ऑफिस पहुंचे और मामले की शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की, जिन खातों में उन्होंने कैश ट्रांजेक्शन किए हैं वह सभी बाहर के हैं। उनकी डिटेल भी पुलिस को दी है। पुलिस ने उनकी शिकायत पर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।

Gwalior Thugs trapped businessman by investing money in stock market IPO defrauded more than 3 crore 34 lakh
डूबकर मौत - फोटो : अमर उजाला

कैब चालक की स्विमिंग पूल में डूबकर मौत
ग्वालियर में एक कैब चालक की स्विमिंग पूल में डूबकर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि अपने साथियों के साथ बड़ागांव खुरैरी पर पूल पार्टी करने पहुंचा था। यहां 100 रुपये एन्ट्री फीस देने के बाद वह पूल में नहाने चले गए। इस दौरान पता लगा है कि उन्होंने वहां शराब पार्टी भी की थी। इसके बाद सभी दोस्त पूल में पार्टी कर रहे थे। तभी अचानक पवन वर्मा ने ऊपर से छलांग लगाई और पानी में चला गया। इसके बाद वह निकला ही नहीं। कुछ देर तक दोस्त तलाशते रहे, तभी वह पानी पर उतराता हुआ नजर आया।

दोस्तों ने देखा तो उसके शरीर में कोई हलचल नहीं थी। इस पर तत्काल दोस्त उसे लेकर हॉस्पिटल पहुंचे और वहां डॉक्टर ने पवन की नब्ज टटोलते ही उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद शव को निगरानी में लेकर मर्ग कायम कर लिया है। पवन अपने घर पर ही था, लेकिन उसके दोस्त उसे घर से बुलाकर ले गए थे। उनमें से एक दोस्त पप्पी ब्याज पर पैसा देने का काम करता है। वहीं उसे बुलाकर ले गया था। परिजन ने पवन की मौत की परिस्थितियां संदिग्ध बताकर हत्या का आरोप लगाया है।

घटना के बाद जब पुलिस ने छानबीन की तो मृतक की मौत से चंद मिनट पहले का एक आखिरी वीडियो सामने आया है, जिसमें पवन स्विमिंग पूल में नहाते दिख रहा है। यह वीडियो भी वहां उसके दोस्त ने बनाया था। इसमें वह पानी में उतराते नजर आ रहा है। पुलिस ने इन सभी वीडियो को संज्ञान में लेकर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।

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