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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Gwalior: Union Agriculture Minister Narendra Singh Tomar says MSP for crops was already there and will be there in the coming days

ग्वालियर : केंद्रीय कृषि मंत्री ने फिर कहा- फसलों के लिए एमएसपी पहले भी थी, है और आगे भी रहेगी

Sat, 04 Dec 2021 12:11 AM IST
Kuldeep Singh एएनआई, ग्वालियर
एएनआई, ग्वालियर Published by: Kuldeep Singh Updated Sat, 04 Dec 2021 12:11 AM IST
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Gwalior: Union Agriculture Minister Narendra Singh Tomar says MSP for crops was already there and will be there in the coming days
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर - फोटो : twitter@ANI

मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि फसलों के लिए एमएसपी पहले से ही था और आने वाले दिनों में भी रहेगा। इसके अलावा इसे और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने एक समिति का गठन किया है।

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राज्यसभा में उठा किसान सम्मान निधि के दुरुपयोग का मुद्दा
उधर, शुक्रवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान किसान सम्मान निधि के दुरुपयोग का मुद्दा भी उठा। केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसान सम्मान निधि योजना के दुरुपयोग को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब में बताया कि इस संदर्भ में मंत्रालय लगातार राज्यों के संपर्क में है।  मोदी सरकार की इस किसान आकांक्षी योजना हर दिन प्रगति की ओर है। तोमर ने बताया इसके तहत अब तक 11.5 करोड़ किसानों के खातों में 1.7 लाख करोड़ रुपए जमा कराए जा चुके हैं। 
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इसके बाद इसे लेकर पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए तोमर ने कहा कि केंद्र सरकार इस योजना की पूरी तरह से निगरानी कर रही है। केंद्र इस योजना को लेकर सजग है। योजना को पारदर्शी तरीके से लागू करने को लेकर कई उपाय किए जा रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि निधि का दुरुपयोग नहीं हो रहा है। केंद्रीय मंत्री ने सदन को बताया कि योजना को शुरू करते समय केंद्र सरकार का अनुमान था कि देश में करीब 15.5 करोड़ किसान हैं, परंतु बाद में सत्यापन के बाद किसानों की संख्या 12.5 करोड़ आंकी गई है। 
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इसमें से 11.5 करोड़ किसानों का पंजीकरण हो गया है। इन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सकेगा, इसके अलावा पूर्व में योजना में पश्चिम बंगाल शामिल नहीं था, परंतु पश्चिम बंगाल के जुड़ जाने से किसानों की संख्या में बहुत तेजी से इजाफा हुआ है। इसके अलावा   बचे हुए किसानों का डाटा लगातार तैयार किया जा रहा है, यह निरंतर प्रक्रिया है। लिहाजा अधिशेष किसानों को भी इस योजना से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 

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