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Vikas Dubey Kanpur Gangster: महाकाल मंदिर से विकास दुबे गिरफ्तार, गार्ड लखन यादव ने की गैंगस्टर की पहचान
Thu, 09 Jul 2020 11:28 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: Sneha Baluni
Updated Thu, 09 Jul 2020 11:28 AM IST
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विकास दुबे की गार्ड लखन यादव ने की थी पहचान
- फोटो : Twitter
कानपुर गोलीकांड के आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे को मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर से गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह मंदिर में पूजा और दर्शनों के लिए लाइन में लगा हुआ था। उसने खुद ही चिल्ला-चिल्लाकर कहा कि मैं विकास दुबे हूं। इसके बाद मंदिर में तैनात गार्ड लखन यादव ने उसकी पहचान की और उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
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#Ujjain : Lakhan Yadav, a guard at #Mahakaal temple tells how #Vikas was identified and then handed to police. #विकास_दुबे #VikasDubey pic.twitter.com/u7e1qN1Zp7
विज्ञापन विज्ञापन— ZAHID ABBAS 🇮🇳 (@abbaszahid24) July 9, 2020
महाकाल मंदिर के पुजारी आशीष ने बताया कि पुलिस द्वारा एनकाउंटर में मारे जाने के डर से विकास दुबे आत्मसमर्पण करना चाहता था। मंदिर परिसर पहुंचने के बाद वो चिल्ला चिल्लाकर कहने लगा कि वह ही विकास दुबे है। उसने महाकाल मंदिर के सुरक्षाकर्मियों से कहा कि पुलिस को उसके बारे में सूचना दी जाए।
पुजारी ने बताया कि मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मियों को लगा कि इस व्यक्ति की शक्ल कानपुर के अपराधी विकास दुबे से मिलती है तो उन्होंने तुरंत उसे पकड़ लिया। इसके बाद महाकाल मंदिर की पुलिस चौकी को इसकी सूचना दी गई। यह घटनाक्रम सुबह नौ बजे के आसपास हुआ। दुबे 250 रुपये की वीवीआईपी दर्शन की रसीद कटवाकर मंदिर में दाखिल हुआ था।
उन्होंने बताया कि जब विकास दुबे रसीद कटवाने के लिए पहुंचा था तभी वहां मौजूद कर्मचारी को लगा कि यह विकास दुबे है। शक होने पर मंदिर के कर्मचारियों ने उसे पकड़ लिया था। पुजारी ने बताया कि सावन में महाकाल मंदिर में रोजाना लगभग सात-आठ लोग आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि गिरफ्त में आने के बाद दुबे ने किसी भी तरह की न तो बदमाशी और न ही भागने की कोशिश की।
