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MP News: एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की फूड पॉइजनिंग की हुई शिकार, घबराहट और सांस लेने में दिक्कत
Mon, 01 Aug 2022 12:46 PM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Mon, 01 Aug 2022 12:46 PM IST
सार
जुन्नारदेव के वार्ड-18 स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में रविवार रात अचानक पांच छात्राएं एक साथ बीमार हो गई। भोजन के पश्चात इन आदिवासी छात्राओं को अचानक ही घबराहट और सांस लेने में दिक्कत हुई।
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जुन्नारदेव एकलव्य आदर्श आवासीय आदिवासी विद्यालय की पांच छात्राएं का उपचार करते हुए डॉक्टर
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
जुन्नारदेव के वार्ड-18 स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में रविवार रात अचानक पांच छात्राएं एक साथ बीमार हो गई। भोजन के पश्चात इन आदिवासी छात्राओं को अचानक ही घबराहट और सांस लेने में दिक्कत हुई। छात्राओं की हालत को बिगड़ता देख स्कूल प्रबंधन ने तत्काल ही सभी को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए भर्ती कराया। जानकारी लगने पर विकासखंड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रविंद्र बाथम भी अस्पताल पहुंचे। साथ ही उन्होंने स्वयं छात्राओं के उपचार की मॉनिटरिंग शुरू कर दी।
एक साथ फूड पॉइजनिंग की शिकार हुई छात्राओं को देखते हुए जुन्नारदेव अनुविभागीय अधिकारी मधुवंतराव धुर्वे भी देर रात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां उन्होंने उपचार के लिए भर्ती कराई गई छात्राओं के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली। फूड पॉइजनिंग की सूचना मिलने पर छात्राओं के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। प्राथमिक उपचार के बाद स्वास्थ्य पर नजर रखते हुए देर रात छात्राओं को एकलव्य बालिका छात्रावास भेज दिया गया।
यह है मामला
नगर के वार्ड क्रमांक-18 स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में हर शाम की तरह रविवार को भी छात्राओं ने 7. 30 से 8 बजे के बीच भोजन किया था। खाना खाने के कुछ ही देर बाद छात्राओं की अचानक तबियत बिगड़ने लगी। उन्हें घबराहट होने और सांस लेने में दिक्कत हुई। एकलव्य बालिका छात्रावास प्रभारी और स्टाफ के द्वारा इन पांचों आदिवासी छात्राओं को पीएससी में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। प्रारंभिक उपचार देने के बाद देर रात में वापस छात्रावास भेज दिया गया। हालांकि, अभी डॉक्टरों की टीम लगातार 3 दिनों तक इनकी मॉनिटिरिंग करेगी।
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विवादों के घेरे में है एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय
बीते 2 वर्षों से इस विद्यालय की बागडोर बतौर प्राचार्य के रूप में विद्यावती डेहरिया के हाथ में हैं। विद्यालय लगातार अनियमितता और लापरवाही को लेकर सुर्खियों में रहा है। प्राचार्य पर कथित तौर पर आरोप लगते रहे है कि वह छिंदवाड़ा स्थित अपने निवास से इस विद्यालय का संचालन करती रही हैं। रविवार रात हुई बड़ी घटना के बाद भी वह अस्पताल नहीं पहुंची। प्राचार्य डेहरिया कहना है कि कढ़ी और पुलाव खाने के बाद छात्राओं की तबियत बिगड़ी थी। छात्राएं स्वस्थ हो चुकी है।
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एक साथ फूड पॉइजनिंग की शिकार हुई छात्राओं को देखते हुए जुन्नारदेव अनुविभागीय अधिकारी मधुवंतराव धुर्वे भी देर रात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां उन्होंने उपचार के लिए भर्ती कराई गई छात्राओं के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली। फूड पॉइजनिंग की सूचना मिलने पर छात्राओं के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। प्राथमिक उपचार के बाद स्वास्थ्य पर नजर रखते हुए देर रात छात्राओं को एकलव्य बालिका छात्रावास भेज दिया गया।
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यह है मामला
नगर के वार्ड क्रमांक-18 स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में हर शाम की तरह रविवार को भी छात्राओं ने 7. 30 से 8 बजे के बीच भोजन किया था। खाना खाने के कुछ ही देर बाद छात्राओं की अचानक तबियत बिगड़ने लगी। उन्हें घबराहट होने और सांस लेने में दिक्कत हुई। एकलव्य बालिका छात्रावास प्रभारी और स्टाफ के द्वारा इन पांचों आदिवासी छात्राओं को पीएससी में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। प्रारंभिक उपचार देने के बाद देर रात में वापस छात्रावास भेज दिया गया। हालांकि, अभी डॉक्टरों की टीम लगातार 3 दिनों तक इनकी मॉनिटिरिंग करेगी।
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विवादों के घेरे में है एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय
बीते 2 वर्षों से इस विद्यालय की बागडोर बतौर प्राचार्य के रूप में विद्यावती डेहरिया के हाथ में हैं। विद्यालय लगातार अनियमितता और लापरवाही को लेकर सुर्खियों में रहा है। प्राचार्य पर कथित तौर पर आरोप लगते रहे है कि वह छिंदवाड़ा स्थित अपने निवास से इस विद्यालय का संचालन करती रही हैं। रविवार रात हुई बड़ी घटना के बाद भी वह अस्पताल नहीं पहुंची। प्राचार्य डेहरिया कहना है कि कढ़ी और पुलाव खाने के बाद छात्राओं की तबियत बिगड़ी थी। छात्राएं स्वस्थ हो चुकी है।
