फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   family of died farmers gets insurance claim payout after Seven Long Years

इस तरह किसानों के परिवारों को सात साल बाद मिल पाई बीमा राशि

Thu, 08 Feb 2018 02:07 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Updated Thu, 08 Feb 2018 02:07 PM IST
विज्ञापन
family of died farmers gets insurance claim payout after Seven Long Years
प्रतीकात्मक तस्वीर

मध्य प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य इलाके कहे जाने पर आलीराजपुर के करीब 350 उपेक्षित किसानों के परिवार को बीमा राशि मिली। किसान के परिजनों को यह राशि मिलने में किसानों को 7 साल का समय लग गया। परिजनों को यह राशि उस योजना के तहत मिला है, जिसमें उनका समूह बीमा कराया गया था।    

विज्ञापन


दिसंबर 2017 में किसानों से जुड़े इस विशेष मुद्दों को मीडिया ने उठाया था। अखबारों और टीवी चैनलों पर आने के बाद एलआईसी ने 336 किसानों के जीवन बीमा के 84 लाख रुपये का भुगतान किया। अतिरिक्त सचिव शेखर वर्मा ने इस बारे में बात करते हुए कहा कि यह अब तक का सबसे बड़ा क्लेम का सेटलमेंट किया गया। उन्होंने कहा कि शायद ही किसी ग्रुप इंश्योरेंस में इतने बड़े केस का एक बार में निपटारा हो पाया है।
विज्ञापन


जिला सहकारी बैंक की शाखा, झबुआ के इंश्योरेंस इंचार्ज राजेश राठौर ने बताया कि मैं बीमा कंपनी के अधिकारियों के संपर्क में बना हुआ हूं और संबंधित दस्तावेज तैयार करवा रहा हूं। उन्होंने बताया कि 64 केसों का निपटारा अभी बाकी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इस बारे में शेखर वर्मा ने बात करते हुए कहा कि पहली बार इसकी जानकारी मुझे तब लगी जब मैं साल 2014 में जनसुनवाई कर रहा था। इस दौरान एक किसान का परिवार मेरे पास आया और बीमा कंपनी से जुड़े दस्तावेज दिखाई। मैंने उनके दस्तावेज देखे और एक कैंप का आयोजन करवाया। जहां उन किसान परिवारों की शिकायतों के लिए विंडो थी, जिनकी बीमा राशि अब तक नहीं मिल पाई है। 

हमारे पास 400 से ज्यादा परिवार आए जिनकी शिकायत थी कि बीमा राशि का भुगतान अब तक नहीं हुआ है। मैंने बीमा कंपनियों के अधिकारियों से इस बारे में चर्चा की और रोडमैप बनाया गया कि किस तरीके से उन किसानों के नुकसान की भरपाई की जाएगी। 


दरअसल एलआइसी ने जिला सहकारी बैंक के साथ मिलकर किसानों का समूह बीमा कराया। किसानों के परिवारों को मुआवजा मिलने में देरी के पीछे बीमा कंपनियों नोडल एजेंसियों को जिम्मेदार ठहराया।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed