फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   fake and dirty call on emergency 108 call

इमरजेंसी सेवा पर फोन करके हो रही 'गंदी बात'

Wed, 20 May 2015 04:29 PM IST
Updated Wed, 20 May 2015 04:29 PM IST
विज्ञापन
fake and dirty call on emergency 108 call

मध्यप्रदेश में किसी भी प्रकार की दुर्घटना के लिए निर्धारित इमरजेंसी सेवा (108) एक अलग ही तरह की मुश्किलों का सामना कर रही है। इस सेवा के लिए ये मुश्किलें आम लोग पेश कर रहे हैं जो रोज़ हज़ारों की संख्या में गलत नाम से या फ़र्ज़ी फ़ोन कॉल करते हैं।

विज्ञापन


इससे इमरजेंसी सेवा में काम करने वाले कर्मचारियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। हर रोज़ इस नंबर पर लगभग 20,000 हज़ार तक फ़ेक कॉल आती हैं। 108 सेवा को संचालित कर रहे लोगों को कहना है कि फ़र्ज़ी कॉल के दौरान लाइन व्यस्त होने के कारण कई जरुरतमंद लोगों तक सेवा नहीं पहुंच पाती होगी।
विज्ञापन


इस सेवा को चला रही जीवीके इमरजेंसी मैनेजमेंट और रिसर्च सेंटर के हेड आशुतोष शुक्ला ने बीबीसी को बताया, “हमें हर रोज़ लगभग 29,000 के करीब काल आते हैं जिनमें सिर्फ़ 5500 ही जरुरतमंदों के होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

ज़रूरतमंदों को हो रही परेशानी

fake and dirty call on emergency 108 call

देखने में आता है कि लोग इधर उधर की बातें करते है, गाली देते हैं और कई बार तो महिला कर्मचारियों से अश्लील बातें भी की जाती है।” इस तरह की कॉल हर मौसम में आती है लेकिन गर्मियों की छुट्टियों में ये और बढ़ जाती हैं।

स्कूल जाने वाले बच्चे अपने परिवार के लोगों के फ़ोन का उपयोग इस सेवा के कर्मचारियों को परेशान करने के लिए करते हैं। इस सेंटर में काम करने वाली रीना बोरकर ने बताया, ''108 मुफ़्त सेवा है इसलिए इस पर हर तरह के काल आते हैं और कई बार बहुत ही घटिया किस्म की कॉल भी आती है। लेकिन हम उसे हटा देते है।

पहले हम ये जानने के लिए थोड़ा सुनते है कि कोई ज़ रुरतमंद को नहीं है और फिर फ़ोन काट देते हैं।'' जीवीके इएमआरआई, मध्यप्रदेश सरकार के सहयोग से यह सेवा राज्य में उपलब्ध कराती है। इसके तहत कोई भी व्यक्ति 108 इमरजेंसी में डायल कर सहायता के लिए बुला सकता है।

सूचना मिलते ही एम्बुलेंस फौरन घटनास्थल पर भेजी जाती है। कोशिश यही होती है कि 15 मिनट के अंदर दुर्घटनास्थल पर पहुंच कर घायलों को अस्पताल तक पहुंचाया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed