जब मंत्री ने गंजों का उदाहरण देकर समझाया पर्यावरण का महत्व
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राजनेताओं की पहचान आमतौर पर लंबे चौड़े भाषणों और सच्चे झूठे वादों और दावों के लिए ही होती है लेकिन मध्यप्रदेश के पर्यावरण मंत्री अंतर सिंह आर्या इस मामले में थोड़े अलग हैं।
वह भाषण देने के बजाय सीधे उदाहरणों और तर्कों के जरिए लोगों तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास करते हैं। शुक्रवार को भी उन्होंने ऐसा ही एक उदाहरण पेश किया तो लोग हैरत में पड़ गए। उन्होंने पर्यावरण बचाने के लिए गंजे सिर का उदाहरण दिया।
जानकारी के अनुसार पर्यावरण मंत्री अंतर सिंह आर्या बीते गुरुवार को अपने विधानसभा क्षेत्र के एक गांव सेंधवा में पर्यावरण संरक्षण पर लोगों को जागरूक करने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने भीड़ के बीच से दो लोगों को बुलाया जिनमें से एक गंजा था और दूसरा बाल वाला।
इसके बाद मंत्रीजी ने दोनों के सिर पर एक बर्तन से पानी उड़ेल दिया। फिर तौलिया मंगाकर दोनों के सिर उससे पूछ दिया। इसके बाद लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने पूछा की बताओ किसके सिर पर पानी है। लोगों ने कहा कि बाल वाले व्यक्ति के सिर पर, उसी का सिर गीला है।
गंजे सिर पर पानी डालकर बताया पेड़ पौधों का महत्व
आर्या ने इसके बाद लोगों को समझाते हुए कहा कि जिस तरह सूखे सिर पर पानी नहीं टिकता है उसी तरह सूखी और बंजर भूमि पर भी पानी नहीं रुकता है। बाल वालों की तरह ही पेड़ पौधे वाली भूमि पानी को संजोकर रखती है।
उन्होंने इसके बाद लोगों से जल संचय के लिए ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने की अपील की। हालांकि इस संबंध में बात करने पर मंत्री अंतर सिंह ने बताया कि वह इस तरह के उदाहरण पहले भी देते रहे हैं। वह चाहते हैं कि लोगों को ज्यादा से ज्यादा तार्किक उदाहरण देकर समझाया जाए।
ग्रामीण इलाकों के लोग कम पढ़े लिखे होते हैं इसलिए वह लंबे चौडे़ भाषणों की बजाय उदाहरणों के जरिए बातों को ज्यादा आसानी से समझते हैं। इससे पहले भी बीते जून महीने में पर्यावरण दिवस के मौके पर उन्होंने बड़वाणी जिले में इसी तरह अपनी बात रखकर लोगों को समझाया था।
