{"_id":"60f2e5625f0cda71e75ee69c","slug":"digvijay-said-impossible-to-resume-indo-pak-talks-without-strict-action-by-imran-government-on-terrorist-masters","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिग्विजय बोले: आतंकी आकाओं पर इमरान सरकार द्वारा सख्त कार्रवाई के बगैर भारत-पाक वार्ता बहाली असंभव ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिग्विजय बोले: आतंकी आकाओं पर इमरान सरकार द्वारा सख्त कार्रवाई के बगैर भारत-पाक वार्ता बहाली असंभव
Sat, 17 Jul 2021 07:42 PM IST
सुरेंद्र जोशी
पीटीआई, इंदौर
पीटीआई, इंदौर
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sat, 17 Jul 2021 07:42 PM IST
सार
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने शनिवार को इंदौर में यह बातें कहीं। पाकिस्तान व वहां के आतंकी सरगनाओं को लेकर इस बार उनकी कही बातों में संजीदगी नजर आई। वैसे उनकी टिप्पणियों को लेकर अक्सर विवाद की स्थिति बन जाती है।
विज्ञापन
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने शनिवार को कहा कि जब तक पाकिस्तान की इमरान खान सरकार मुंबई आतंकवादी हमलों और भारत के खिलाफ दहशतगर्दी की अन्य हरकतों के मददगारों पर सख्त कार्रवाई नहीं करती, तब तक दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच बातचीत का सिलसिला बहाल होना मुमकिन नहीं है।
विज्ञापन
इंदौर में पीटीआई से चर्चा में वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत बहाल करने में वे सारे लोग बाधा हैं, जिनकी मुंबई आतंकवादी हमलों और (भारत के खिलाफ) अन्य आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने वाले लोगों को प्रश्रय और वित्तीय मदद देने में शामिल होने को लेकर पहचान हो गई है।
विज्ञापन
उन्होंने हाफिज सईद और मसूद अजहर का नाम लेते हुए कहा कि भारत विरोधी आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले लोग 'पूरी तरह से' पाकिस्तान सरकार के संरक्षण में हैं। उन्होंने कहा कि जब तक इमरान खान सरकार इन लोगों को संरक्षण देती रहेगी और इन पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं करेगी, तब तक दोनों पड़ोसी देशों के बीच भला कैसे बातचीत होगी?
विज्ञापन
इमरान ने संघ की विचार धारा को बाधक बताया था
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने ये बातें इमरान खान के उस ताजा बयान को लेकर प्रतिक्रिया में कहीं जिसमें पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने 'सभ्य पड़ोसियों' के तौर पर भारत-पाकिस्तान संबंधों की राह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा को कथित रूप से बाधक करार दिया था।
राजद्रोह कानून की आवश्यकता नहीं
सिंह ने कहा कि उन्हें भारत में अंग्रेजों के जमाने से चल रहे उस राजद्रोह कानून की मौजूदा दौर में कोई आवश्यकता प्रतीत नहीं होती, जिसके तहत महात्मा गांधी को भी गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने सरकार के विरोधियों के दमन के लिए राजद्रोह कानून के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान समय में पुराने राजद्रोह कानून की संवैधानिक वैधता पर सभी सियासी पार्टियों को मिलकर विचार करना चाहिए।
जनसंख्या नियंत्रण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के प्रस्तावित कानून पर सवाल उठाते हुए सिंह ने कहा कि इस विधेयक को महंगाई और बेरोजगारी जैसे बुनियादी मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में लोगों को अच्छी सुविधाएं दिए जाने पर आबादी नियंत्रित करने में अपने आप मदद मिलेगी।
