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भोजशाला विवाद: लोगों का विरोध- जहां चार पीढ़ियों से कर रहे खेती, वहां नहीं होने देंगे नमाज, SC में सुनवाई कल
Tue, 04 Aug 2026 07:52 PM IST
धार ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धार
Published by: धार ब्यूरो
Updated Tue, 04 Aug 2026 07:52 PM IST
सार
Bhojshala Case: भोजशाला प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले विवादित भूमि पर नमाज को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। लोगों ने पुश्तैनी जमीन पर धार्मिक गतिविधियां रोकने की मांग की है। वहीं 5 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई और 6 अगस्त को साध्वी ऋतम्भरा का धार दौरा भी है।
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धार मामले में ग्रामीणों ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भोजशाला प्रकरण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 5 अगस्त को सुनवाई होनी है। इससे पहले क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कलेक्टर के नाम प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि भोजशाला के पीछे सर्वे नंबर 612, रकबा 0.354 हेक्टेयर स्थित भूमि पर पिछले शुक्रवार मुस्लिम समाज द्वारा नमाज अदा की गई थी। उनका दावा है कि इस भूमि पर वे कई वर्षों से खेती-किसानी कर रहे हैं और वे उस जमीन पर नमाज नहीं होने देंगे।
ग्रामीणों ने दिया अल्टीमेटम
ग्रामीणों ने कहा कि बीते दिनों सर्वोच्च न्यायालय ने वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। यदि उनकी कृषि भूमि पर नमाज अदा कराना बंद नहीं किया गया तो उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले शुक्रवार अदा की गई नमाज के लिए उनकी कोई सहमति नहीं थी। यदि शासन-प्रशासन बलपूर्वक यहां नमाज कराने का प्रयास करता है तो वे संविधान के दायरे में रहकर शांतिपूर्ण विरोध करेंगे। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी भावनाओं का सम्मान नहीं हुआ तो आंदोलन की रूपरेखा बदलने पर भी विचार किया जाएगा।
'चार पीढ़ियों की जमीन पर नमाज स्वीकार नहीं'
ग्रामीणों ने बताया कि 31 जुलाई को भी प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच इसी भूमि पर नमाज कराई थी, जिसका स्थानीय स्तर पर विरोध हुआ था। उस समय प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद मामला शांत हो गया था। अब 7 अगस्त की नमाज को लेकर प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। स्थानीय निवासी अभिनव बिंजवा, राधाबाई और अन्य ग्रामीणों का कहना है कि यह उनकी चार पीढ़ियों पुरानी निजी कृषि भूमि है, जिससे उनका परिवार आजीविका चलाता है। राधाबाई ने कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना या सहमति के यहां नमाज की व्यवस्था की गई, जिसे वे स्वीकार नहीं करेंगे।
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सुप्रीम कोर्ट पर टिकी निगाहें
भोजशाला मामले में मुस्लिम पक्ष द्वारा दायर याचिकाओं पर सर्वोच्च न्यायालय में 5 अगस्त को सुनवाई प्रस्तावित है। न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की पीठ के समक्ष यह मामला 177वें क्रम पर सूचीबद्ध है। सुनवाई को लेकर पूरे क्षेत्र की निगाहें सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर टिकी हुई हैं।
यह भी पढ़ें: दतिया हार पर भाजपा का बड़ा एक्शन! भीतरघात की जांच के लिए बनाई दो सदस्यीय समिति
6 अगस्त को धार पहुंचेंगी साध्वी ऋतम्भरा
मामले की संवेदनशीलता के बीच पद्म भूषण से सम्मानित साध्वी ऋतम्भरा 6 अगस्त को धार में रहेंगी। इस दौरान वे भोजशाला परिसर में दर्शन-पूजन करेंगी और स्थानीय लोगों को संबोधित करेंगी। उनके दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
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ग्रामीणों ने दिया अल्टीमेटम
ग्रामीणों ने कहा कि बीते दिनों सर्वोच्च न्यायालय ने वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। यदि उनकी कृषि भूमि पर नमाज अदा कराना बंद नहीं किया गया तो उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले शुक्रवार अदा की गई नमाज के लिए उनकी कोई सहमति नहीं थी। यदि शासन-प्रशासन बलपूर्वक यहां नमाज कराने का प्रयास करता है तो वे संविधान के दायरे में रहकर शांतिपूर्ण विरोध करेंगे। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी भावनाओं का सम्मान नहीं हुआ तो आंदोलन की रूपरेखा बदलने पर भी विचार किया जाएगा।
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'चार पीढ़ियों की जमीन पर नमाज स्वीकार नहीं'
ग्रामीणों ने बताया कि 31 जुलाई को भी प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच इसी भूमि पर नमाज कराई थी, जिसका स्थानीय स्तर पर विरोध हुआ था। उस समय प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद मामला शांत हो गया था। अब 7 अगस्त की नमाज को लेकर प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। स्थानीय निवासी अभिनव बिंजवा, राधाबाई और अन्य ग्रामीणों का कहना है कि यह उनकी चार पीढ़ियों पुरानी निजी कृषि भूमि है, जिससे उनका परिवार आजीविका चलाता है। राधाबाई ने कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना या सहमति के यहां नमाज की व्यवस्था की गई, जिसे वे स्वीकार नहीं करेंगे।
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सुप्रीम कोर्ट पर टिकी निगाहें
भोजशाला मामले में मुस्लिम पक्ष द्वारा दायर याचिकाओं पर सर्वोच्च न्यायालय में 5 अगस्त को सुनवाई प्रस्तावित है। न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की पीठ के समक्ष यह मामला 177वें क्रम पर सूचीबद्ध है। सुनवाई को लेकर पूरे क्षेत्र की निगाहें सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर टिकी हुई हैं।
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6 अगस्त को धार पहुंचेंगी साध्वी ऋतम्भरा
मामले की संवेदनशीलता के बीच पद्म भूषण से सम्मानित साध्वी ऋतम्भरा 6 अगस्त को धार में रहेंगी। इस दौरान वे भोजशाला परिसर में दर्शन-पूजन करेंगी और स्थानीय लोगों को संबोधित करेंगी। उनके दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
