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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Deed of Sehore Hospital: First told that the son was born, after three days he started going home, then he stopped the daughter, said- the midwife had lied

सीहोर अस्पताल का कारनामा: पहले बताया बेटा हुआ, तीन दिन बाद घर जाने लगे तो थमा दी बेटी, कहा- दाई ने झूठ बोला था

Sun, 26 Dec 2021 06:57 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: दिनेश शर्मा Updated Sun, 26 Dec 2021 06:57 PM IST
सार

सीहोर जिला अस्पताल में बच्चा बदलकर देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। परिजन का आरोप है कि तीन दिन पहले प्रसूता को बेटा होना बताया गया था, लेकिन तीन दिन बाद उन्हें बेटी थमा दी गई। अस्पताल प्रबंधन और पुलिस से शिकायत की गई है। 

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Deed of Sehore Hospital: First told that the son was born, after three days he started going home, then he stopped the daughter, said- the midwife had lied
Sehore: सीहोर जिला अस्पताल - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

सीहोर जिला अस्पताल में बच्चा बदलकर देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। परिजन का आरोप है कि तीन दिन पहले प्रसूता को बेटा होना बताया गया था, लेकिन तीन दिन बाद उन्हें बेटी थमा दी गई। परिजनों ने बच्चा वार्ड में सेवारत कर्मचारियों पर नवजात बच्चे को बदलने का आरोप लगाते हुए अस्पताल प्रबंधन और पुलिस से शिकायत करते हुए डीएनए टेस्ट करवाने की मांग की है। वहीं अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि दाई ने 500 रुपये लेने के लिए बेटा होने की झूठी जानकारी दी थी।
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जानकारी के अनुसार निकटवर्ती ग्राम मूड़लाकलां निवासी सद्दाम खां की पत्नी सलमा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां 22 दिसंबर की सुबह सलमा ने अस्पताल के मेटरनिटी वार्ड में 9.45 बजे बेटे को जन्म दिया था। जिला अस्पताल में तीन दिन बाद जब शनिवार को सलमा को डिस्चार्ज करते हुए उसकी गोद में बेटे की जगह बेटी दी गई तो सलमा और उसका पति सद्दाम एवं अन्य परिजन भड़क गए। उनका कहना था कि सलमा ने तो बेटे को जन्म दिया था, यह बेटी कहां से आ गई। हम इसे नहीं ले सकते।
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अचानक बेटे के स्थान पर बेटी मिलने से अचंभित प्रसूता महिला और उसके परिजनों ने बेटे के स्थान पर बेटी लेने से स्पष्ट इंकार कर दिया और बेटा लौटाने की बात कही। इस संबंध में पीड़ित प्रसूता महिला और उसके परिजनों ने पुलिस के साथ ही सिविल सर्जन को शिकायत दर्ज कराते हुए मांग की है कि इस मामले में वह बच्ची का डीएनए टेस्ट कराए।
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इस संबंध में जिला अस्पताल के आरएमओ डॉ. नवीन मेहर ने बताया कि मामले में कोई गड़बड़़ी नहीं है। अस्पताल में कार्यरत एक दाई ने 500 रुपये के लिए यह झूठ बोला है। डॉ. जय परमार ने नवजात के पंजों के निशान का मिलान कर लिया है। दाई की पहचान कर उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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