फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Datia News ›   Questions raised on Ghanshyam Singh's election affidavit after his by-election victory

दतिया: उपचुनाव में जीत के बाद घनश्याम सिंह के चुनावी हलफनामे पर उठे सवाल, हाईकोर्ट पहुंचा मामला

Tue, 22 Sep 2026 04:54 PM IST
दतिया ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दतिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दतिया Published by: दतिया ब्यूरो Updated Tue, 22 Sep 2026 04:54 PM IST
सार

दतिया विधायक घनश्याम सिंह के चुनावी हलफनामे को लेकर भाजपा नेता दीपक बेलपत्री ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में 1991 की एक FIR का हलफनामे में उल्लेख नहीं करने का आरोप लगाया गया है। घनश्याम सिंह ने मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही है। मामले का अंतिम निर्धारण अदालत करेगी। 

विज्ञापन
Questions raised on Ghanshyam Singh's election affidavit after his by-election victory
घनश्याम सिंह के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दतिया विधानसभा उपचुनाव में जीत के बाद दतिया विधायक घनश्याम सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार मामला चुनाव प्रचार या परिणाम से नहीं, बल्कि उनके चुनावी शपथ पत्र में दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी से जुड़ा है। भाजपा नेता एवं अधिवक्ता दीपक बेलपत्री ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि उपचुनाव के दौरान दाखिल किए गए हलफनामे में 1991 में दर्ज एक FIR का उल्लेख नहीं किया गया।

विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक याचिका 17 सितंबर को अधिवक्ता शिवम गौतम के माध्यम से दायर की गई है। याचिकाकर्ता की ओर से दावा किया गया है कि चुनाव के समय घनश्याम सिंह ने अपने शपथ पत्र में दो आपराधिक मामलों की जानकारी दी थी, लेकिन करीब 35 वर्ष पुराने एक अन्य मामले को उसमें शामिल नहीं किया गया। याचिका में जिस पुराने मामले का उल्लेख किया गया है, उसे वर्ष 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद दतिया में हुए विरोध-प्रदर्शन और चक्काजाम से संबंधित बताया गया है। याचिका के अनुसार उस समय प्रदर्शन के मामले में करीब 22 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी और उनमें घनश्याम सिंह का नाम भी शामिल था।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- एमपी: गुणवत्ता जांच भी पास नहीं कर पाईं ग्वालियर की सड़कें, सैंपल फेल होने पर हाईकोर्ट ने NHAI-PWD को फटकारा
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि, इस मामले में याचिका में लगाए गए आरोपों और उसकी कानूनी स्थिति का अंतिम निर्धारण अदालत की सुनवाई और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर ही होगा। फिलहाल याचिका दाखिल होने के बाद यह मुद्दा राजनीतिक के साथ-साथ कानूनी चर्चा का विषय बन गया है।


मामले पर घनश्याम सिंह का कहना है कि वर्ष 1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद देशभर में आंदोलन और प्रदर्शन हुए थे। उनका कहना है कि उस दौरान यदि पुलिस ने कोई प्रकरण दर्ज किया था तो इसकी जानकारी उन्हें नहीं थी। विधायक के मुताबिक वे कई दशकों से सक्रिय राजनीति में हैं और इस दौरान अलग-अलग आंदोलनों में शामिल रहे हैं। उनका कहना है कि यदि किसी मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया और वह उनके संज्ञान में नहीं आया, तो उन्हें उसके बारे में जानकारी नहीं रही। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी समझ के अनुसार जिस मामले को लेकर सवाल उठाया जा रहा है, वह ऐसी स्थिति में नहीं था जिसे चुनावी शपथ पत्र में अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाना जरूरी हो। उनका कहना है कि हाईकोर्ट में दायर याचिका की पूरी जानकारी अभी उन्हें प्राप्त नहीं हुई है और दस्तावेज देखने के बाद ही वह विस्तृत जवाब देंगे।

बता दें कि दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6,016 मतों के अंतर से हराया था। निर्वाचन आयोग के अनुसार घनश्याम सिंह को 66,757 वोट मिले, जबकि आशुतोष तिवारी के खाते में 60,741 मत आए।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed