दतिया क्राइम: झांसी बायपास पर कार को रोककर फायरिंग, शीशे में धंसीं दो गोलियां; नीचे झुका युवक तो बची जान
दतिया में झांसी बायपास पर बाइक सवार दो युवकों ने कार रोककर कथित तौर पर दो गोलियां चलाईं। दोनों गोलियां कार के फ्रंट ग्लास में लगीं। चालक धर्मेंद्र रायकवार ने सिर नीचे कर खुद को बचाया। आरोपी चेहरे ढंके हुए थे और बिना नंबर प्लेट की बाइक से फरार हो गए।
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दतिया से झांसी जाने के लिए निकले एक युवक की कार बुधवार रात दतिया के झांसी बायपास पर बदमाशों के निशाने पर आ गई। बाइक से आए दो युवकों ने पहले कार को रुकने का इशारा किया और जैसे ही कार की रफ्तार कम हुई, पीछे बैठे युवक ने कथित तौर पर कट्टे से दो गोलियां चला दीं। दोनों गोलियां कार के सामने के शीशे में जा लगीं। अचानक हुई फायरिंग से घबराए चालक ने तुरंत अपना सिर नीचे कर लिया, जिससे वह गोली की चपेट में आने से बच गया। घटना के बाद बाइक सवार दोनों युवक मौके से फरार हो गए। उन्होंने अपनी पहचान छिपाने के लिए चेहरे कपड़े से ढंक रखे थे। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार 29 वर्षीय धर्मेंद्र रायकवार उनाव-भांडेर बायपास रोड पर विक्की ढाबे के पास रहता है। बुधवार रात वह अपने रिश्तेदार विनोद केवट से मिलने राधा हॉस्पिटल गया था। मुलाकात के बाद वह अपनी स्विफ्ट डिजायर कार से झांसी स्थित ससुराल जाने के लिए रवाना हुआ। धर्मेंद्र के मुताबिक रात करीब साढ़े आठ बजे वह हमीरपुर बायपास पर कृषि विज्ञान केंद्र के आसपास पहुंचा था। इसी दौरान पीछे से स्प्लेंडर बाइक पर सवार दो युवक आए। बाइक सवारों ने कार के आगे बाइक लगाकर रास्ता रोक दिया और हाथ के इशारे से कार रोकने को कहा। धर्मेंद्र ने पुलिस को बताया कि बाइक के कारण उसे कार की गति कम करनी पड़ी। इसी दौरान बाइक पर पीछे बैठे युवक ने हथियार निकालकर कार की ओर लगातार दो फायर किए। दोनों गोलियां सीधे कार के फ्रंट ग्लास पर लगीं। अचानक गोली चलने पर धर्मेंद्र ने खुद को बचाने के लिए गर्दन नीचे कर ली। इसी वजह से वह सुरक्षित बच गया। फायरिंग से कार के शीशे को नुकसान पहुंचा है, लेकिन घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है।
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वारदात के दौरान दोनों युवकों ने चेहरे ढंके हुए थे। रात और अंधेरा होने के कारण धर्मेंद्र उनके चेहरे या अन्य पहचान संबंधी विशेष जानकारी पुलिस को नहीं दे सका। उसके अनुसार दोनों बदमाश काले रंग की स्प्लेंडर बाइक पर थे और बाइक के पीछे नंबर प्लेट भी नहीं लगी थी। फायरिंग के तुरंत बाद दोनों आरोपी बाइक से झांसी की दिशा में निकल गए। घटना से घबराए धर्मेंद्र ने अपने भाइयों रोनी और मनीष रायकवार को फोन पर जानकारी दी। बाद में वह अपने बड़े भाई मनीष के साथ सिविल लाइन थाने पहुंचा और पुलिस को पूरी घटना बताई।
सिविल लाइन थाना प्रभारी वैभव गुप्ता के अनुसार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और फायरिंग की वजह के साथ-साथ आरोपियों की पहचान के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस आसपास के संभावित रास्तों और घटनास्थल के आसपास उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।

चलती कार में फायरिंग चालक ने नीचे झुक कर बचाई जान
