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रसिक दुलारी मौत: प्रेमानंदजी महाराज के शिष्य की मौत पर बड़ा ट्विस्ट, अब पंडोखर सरकार ने पुलिस को दिया क्या ऑफर
Fri, 02 Oct 2026 07:51 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दतिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दतिया
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 02 Oct 2026 07:51 PM IST
सार
प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की वृंदावन आश्रम में मौत के मामले में पंडोखर धाम के पीठाधीश्वर गुरुशरण महाराज ने जांच में सहयोग की पेशकश की है। उन्होंने कहा कि पुलिस, आश्रम प्रबंधन या परिजन चाहें तो दिव्य दरबार के माध्यम से सहयोग लिया जा सकता है।
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पंडोखर सरकार ने दीपक लोधी की मौत की जांच में सहयोग देने की बात कही है।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
संत प्रेमानंदजी महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब नया मोड़ लेता नजर आ रहा है। 25 सितंबर 2026 को वृंदावन स्थित गुरु कृपा कुंज आश्रम की चौथी मंजिल से गिरने के बाद दीपक लोधी की मौत हो गई थी। घटना के बाद से ही मौत की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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इसी बीच पण्डोखर धाम के पीठाधीश्वर गुरुशरण महाराज ने इस मामले में जांच में सहयोग की पेशकश की है। गुरुशरण महाराज का कहना है कि अगर आश्रम प्रबंधन, मृतक के परिजन या पुलिस के अधिकृत अधिकारी चाहें, तो पण्डोखर सरकार के दिव्य दरबार के माध्यम से घटना की परिस्थितियों को समझने में सहयोग का प्रयास किया जा सकता है।
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गुरुशरण महाराज ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति पर आरोप लगाना नहीं है, बल्कि घटना की वास्तविक परिस्थितियों को सामने लाने में जांच एजेंसी की मदद करना है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर मामले में कोई जिम्मेदार व्यक्ति है तो उस तक पहुंचने और किसी निर्दोष व्यक्ति को गलत तरीके से फंसने से बचाने के लिए सहयोग किया जा सकता है।
मृतक के परिजनों को भी गुरुशरण महाराज ने पण्डोखर धाम के दरबार में आने का निमंत्रण दिया है। उनका कहना है कि परिजन चाहें तो वहां आकर इस मामले में सहयोग ले सकते हैं। इस दौरान गुरुशरण महाराज ने उन कथित सिद्ध पुरुषों और भविष्यवक्ताओं को भी चुनौती दी, जो आध्यात्मिक शक्तियों के जरिए भूत, भविष्य और वर्तमान की जानकारी होने का दावा करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास ऐसी सिद्धि होने का दावा है, तो उसे इस घटना की वास्तविक परिस्थितियों को सामने लाकर अपनी कथित शक्ति का प्रमाण देना चाहिए।
हालांकि, इस पूरे मामले में यह स्पष्ट करना जरूरी है कि पण्डोखर सरकार की ओर से की गई यह पेशकश पुलिस जांच का विकल्प नहीं है। दीपक लोधी की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से ही स्पष्ट होगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। आश्रम में हुई घटना के बाद सामने आए तथ्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मौत की वास्तविक वजह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। अब देखने वाली बात होगी कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या पण्डोखर सरकार की ओर से की गई सहयोग की पेशकश को मृतक के परिजन या जांच एजेंसी स्वीकार करते हैं।
