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Damoh News: रतनजोत के बीज खाने से दो बहनों की हालत गंभीर, फल समझकर खाए; घर पहुंचते ही शुरू हुई उल्टियां
Mon, 17 Nov 2025 07:28 PM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Mon, 17 Nov 2025 07:28 PM IST
सार
दमोह जिले के इमलाई गांव में दो बहनों ने खेलते समय गलती से जहरीले रतनजोत के बीज खा लिए, जिससे उन्हें उल्टियां होने लगीं। परिजन उन्हें जिला अस्पताल ले गए, जहां उपचार से उनकी हालत सुधरी। रतनजोत जंगली क्षेत्रों में पाया जाने वाला पौधा है, जिसके बीज बच्चों में अक्सर ऐसी घटनाएं करवाते हैं।
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अस्पताल में इलाजरत बच्चियां
विस्तार
दमोह जिले के देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले इमलाई गांव में सोमवार शाम दो बहनों ने धोखे से रतनजोत के बीज खा लिए। इसके बाद उन्हें उल्टियां शुरू हुईं और परिजन तत्काल ही इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां इलाज के बाद धीरे-धीरे उनकी सेहत में सुधार हुआ है।
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बता दें कि रतनजोत का फल किसी दूसरे फल की तरह ही दिखाई देता है, जिसे बच्चे मीठा फल समझ कर खा लेते हैं। यह फल जहरीला होता है जिसके खाते ही उन्हें चक्कर और उल्टियां शुरू हो जाते हैं। जिले में आए दिन इस प्रकार के मामले सामने आते ही रहते हैं।
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जानकारी के अनुसार इमलाई गांव निवासी जया पटेल और यशवंती पटेल दोनों बहनें अपने घर के बाहर खेल रही थीं। इसी दौरान खेलते हुए उन्होंने रतनजोत के बीज खा लिए। घर पहुंचने पर कुछ देर बाद उन्हें उल्टियां शुरू हुईं जब परिजनों ने पूछा तो बच्चियों ने पूरी घटना के बारे में बताया। इसके बाद उन्हें तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने दोनों बच्चियों का इलाज शुरू किया और धीरे-धीरे उनकी सेहत में सुधार हुआ है। इसके पहले भी शहर से सटे गांव में कई छोटे बच्चे इसी प्रकार रतनजोत के बीच खाकर बीमार हो चुके हैं।
जंगली क्षेत्र में पाया जाता है पौधा
रतनजोत का यह पौधा सबसे अधिक जंगली इलाकों में पाया जाता है। इसके बीज काफी जहरीले होते हैं। नाबालिग बच्चे इस फल समझकर खा लेते हैं। इसके पहले मडियादो इलाके में सबसे ज्यादा इस प्रकार की घटनाएं सामने आई हैं, क्योंकि मडियादो पूरा वनांचल क्षेत्र है और यहां बहुत अधिक संख्या में रतनजोत के पौधे लगे हुए हैं।
