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Damoh: सात मौतों के आरोपी डॉ नरेंद्र की MRCP की डिग्री निकली फर्जी, यूके के हॉस्पिटल ने मेल कर की पुष्टी
Sun, 27 Apr 2025 10:23 AM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Sun, 27 Apr 2025 10:23 AM IST
सार
Damoh: सात मौतों के आरोपी डॉ. नरेंद्र यादव की एमआरसीपी की डिग्री फर्जी निकली है। डॉ. एनजोन केम और डॉ. नरेंद्र विक्रमादित्य यादव के नाम से बनाई एमआरसीपी की डिग्री की अधिकृत जानकारी सेंट जॉर्ज हॉस्पिटल यूके ने एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी को मेल पर भेज दी है।
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आरोपी डॉ नरेंद्र यादव
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विस्तार
दमोह मिशन अस्पताल के सात मौतों के आरोपी डॉ. नरेंद्र विक्रामादित्य यादव की मुश्किलें बढ़ना तय है। जांच में एमआरसीपी की डिग्री फर्जी निकली है। इसी डिग्री से कार्डियोलॉजिस्ट बनते हैं। डॉ. एनजोन केम और डॉ. नरेंद्र विक्रमादित्य यादव के नाम से बनाई एमआरसीपी की डिग्री की अधिकृत जानकारी सेंट जॉर्ज हॉस्पिटल यूके ने एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी को मेल पर भेज दी है। इसमें डिग्री फर्जी होने की बात बताई है।
एसपी को यूके के सेंट जॉर्ज हॉस्पिटल के रजिस्ट्रार ने मेल के जरिए इसकी जानकारी दी है। बता दें कि आरोपी डॉ. यादव के पास से पुलिस ने एमआरसीपी की दो अलग-अलग नाम से फर्जी डिग्री जब्त की थी। दोनों की जांच के लिए यूके ईमेल किया था। आरोपी डॉ. यादव ने दावा किया था कि उसने 2001 में सेंट जॉर्ज हॉस्पिटल में अपना एमआरसीपी पूरा किया था और प्रसिद्ध ब्रिटिश हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. ए जॉन केम के अधीन प्रशिक्षण प्राप्त किया था। अब यह साफ हो चुका है कि आरोपी डॉ. यादव ने फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट बनकर इलाज किया था।
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इन अस्पतालों में किया इलाज, कई की हुई मौतें
आरोपी डॉ. यादव ने देश के तीन राज्यों और मप्र के कई जिलों में हार्ट के रोगियों का इलाज किया है। बिलासपुर में 8, नरसिंहपुर में 3 मरीजों की मौत होना सामने आई हैं। इसके अलावा हैदाराबाद, नोएडा, जबलपुर, बड़ोदा आदि जगहों पर आरोपी डॉ. यादव ने फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट बनकर इलाज किया है, हालांकि इन स्थानों से डॉ के बारे में कोई भी पत्राचार नहीं हुआ है। एसपी श्रुत कीर्ति सोमवंशी ने बताया सेंट जॉर्ज हॉस्पिटल यूके के कुलसचिव ने ईमेल के जरिए रिपोर्ट दी है। इसमें आरोपी डॉ नरेंद्र विक्रमादित्य व डॉ. एनजोन केम के नाम से डिग्री फर्जी होने की पुष्टी की है। अब इस आधार पर आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 105 के तहत कार्रवाई होगी।
पढ़ें: बांदकपुर जागेश्वरनाथ धाम में 100 करोड़ की लागत से बनेगा भव्य कॉरिडोर, 9 मई को सीएम करेंगे भूमिपूजन
समझ नहीं आ रही रिपोर्ट
वहीं मेडिकल कॉलेज जबलपुर द्वारा दी गई जांच रिपोर्ट सीएमचओ को मिल गई है, लेकिन खास बात यह है कि यह जांच रिपोर्ट सीएमएचओ डॉ. मुकेश जैन को समझ में नहीं आ रही है। उन्होंने रिपोर्ट का अभिमत लेने के लिए एक्सर्पट को नियुक्त कर दिया है। दल अब इस रिपोर्ट का अध्ययन करेगा और अपनी राय देगा। अभिमत देने के लिए डीएचओ डॉ. विक्रांत सिंह और मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. प्रहलाद पटेल का नाम सामने आया है। दोनों ही इस रिपोर्ट का अध्ययन करेंगे।
जेल में बंद है आरोपी
बता दें कि मिशन हॉस्पिटल के फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर नरेंद्र यादव उर्फ एन जॉन केम को पुलिस ने प्रयागराज से गिरफ्तार किया था। जिसके बाद उसे न्यायालय ने जेल भेज दिया है। आरोपी की अगली पेशी एक मई को तय की गई है। जेल में आरोपी ने अलग से सुविधाओं की मांग जेल प्रशासन से की थी, लेकिन जेल प्रबंधन ने इसे खारिज कर दिया और कहा कि जेल मैनुअल के हिसाब से ही सुविधाएं दी जाएगी। वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन के द्वारा मिशन अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। जिसके बाद यह अस्पताल वर्तमान में बंद हो गई है और मरीजो का किसी प्रकार का इलाज यहां नहीं किया जाता
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एसपी को यूके के सेंट जॉर्ज हॉस्पिटल के रजिस्ट्रार ने मेल के जरिए इसकी जानकारी दी है। बता दें कि आरोपी डॉ. यादव के पास से पुलिस ने एमआरसीपी की दो अलग-अलग नाम से फर्जी डिग्री जब्त की थी। दोनों की जांच के लिए यूके ईमेल किया था। आरोपी डॉ. यादव ने दावा किया था कि उसने 2001 में सेंट जॉर्ज हॉस्पिटल में अपना एमआरसीपी पूरा किया था और प्रसिद्ध ब्रिटिश हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. ए जॉन केम के अधीन प्रशिक्षण प्राप्त किया था। अब यह साफ हो चुका है कि आरोपी डॉ. यादव ने फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट बनकर इलाज किया था।
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इन अस्पतालों में किया इलाज, कई की हुई मौतें
आरोपी डॉ. यादव ने देश के तीन राज्यों और मप्र के कई जिलों में हार्ट के रोगियों का इलाज किया है। बिलासपुर में 8, नरसिंहपुर में 3 मरीजों की मौत होना सामने आई हैं। इसके अलावा हैदाराबाद, नोएडा, जबलपुर, बड़ोदा आदि जगहों पर आरोपी डॉ. यादव ने फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट बनकर इलाज किया है, हालांकि इन स्थानों से डॉ के बारे में कोई भी पत्राचार नहीं हुआ है। एसपी श्रुत कीर्ति सोमवंशी ने बताया सेंट जॉर्ज हॉस्पिटल यूके के कुलसचिव ने ईमेल के जरिए रिपोर्ट दी है। इसमें आरोपी डॉ नरेंद्र विक्रमादित्य व डॉ. एनजोन केम के नाम से डिग्री फर्जी होने की पुष्टी की है। अब इस आधार पर आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 105 के तहत कार्रवाई होगी।
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समझ नहीं आ रही रिपोर्ट
वहीं मेडिकल कॉलेज जबलपुर द्वारा दी गई जांच रिपोर्ट सीएमचओ को मिल गई है, लेकिन खास बात यह है कि यह जांच रिपोर्ट सीएमएचओ डॉ. मुकेश जैन को समझ में नहीं आ रही है। उन्होंने रिपोर्ट का अभिमत लेने के लिए एक्सर्पट को नियुक्त कर दिया है। दल अब इस रिपोर्ट का अध्ययन करेगा और अपनी राय देगा। अभिमत देने के लिए डीएचओ डॉ. विक्रांत सिंह और मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. प्रहलाद पटेल का नाम सामने आया है। दोनों ही इस रिपोर्ट का अध्ययन करेंगे।
जेल में बंद है आरोपी
बता दें कि मिशन हॉस्पिटल के फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर नरेंद्र यादव उर्फ एन जॉन केम को पुलिस ने प्रयागराज से गिरफ्तार किया था। जिसके बाद उसे न्यायालय ने जेल भेज दिया है। आरोपी की अगली पेशी एक मई को तय की गई है। जेल में आरोपी ने अलग से सुविधाओं की मांग जेल प्रशासन से की थी, लेकिन जेल प्रबंधन ने इसे खारिज कर दिया और कहा कि जेल मैनुअल के हिसाब से ही सुविधाएं दी जाएगी। वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन के द्वारा मिशन अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। जिसके बाद यह अस्पताल वर्तमान में बंद हो गई है और मरीजो का किसी प्रकार का इलाज यहां नहीं किया जाता
